Wednesday 2nd of September 2026

ब्रेकिंग

हनुमानगढ़ी के सागरिया पट्टी से जुड़े महंत रामकृपाल दास ठाकुर पहलवान को संतों ने किया नमन

श्री अवध बिहारी कुंज में अग्रपीठाधीश्वर स्वामी डॉ. राघवाचार्य वेदांतीजी के द्वितीय साकेतोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित नौ

रामनगरी में प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने किया ऐतिहासिक स्वागत,किया गदा भेंट

भक्ति की अविरल धारा में बही रामनगरी, कलश यात्रा से श्री सियपिय मिलन महोत्सव का शुभारंभ

वेस्टलैंड बुक्स की ‘सीईंग एक्वली’ में विश्व के 13 हिंदू धर्मगुरुओं के साथ मिली जगह, समता और मानवता के विचारों को किया

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

श्री विठ्ठल सदन में भगवान विठ्ठल की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न : वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा रामानंद नगर,दक्षिण भारत के वैदिक आचार्यों ने संपन्न कराए धार्मिक अनुष्ठान, 28 जुलाई तक चलेंगे

श्री विठ्ठल सदन में भगवान विठ्ठल की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न

वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा रामानंद नगर,दक्षिण भारत के वैदिक आचार्यों ने संपन्न कराए धार्मिक अनुष्ठान, 28 जुलाई तक चलेंगे महोत्सव के विविध आयोजन

अयोध्या। रामनगरी के रामानंद नगर, देवकाली वार्ड स्थित नव-निर्मित श्री विठ्ठल सदन में भगवान श्री विठ्ठल जी की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। दिव्य आध्यात्मिक वातावरण और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को मृदाहरण एवं अंकुरार्पण के साथ हुआ था। इसके बाद प्रतिदिन नित्य हवन-पूजन, जलाधिवास, शयनाधिवास सहित विभिन्न वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। निर्धारित मुहूर्त में शनिवार को भगवान श्री विठ्ठल जी की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत सर्वप्रथम गौ-पूजन किया गया तथा गाय के समक्ष भगवान की प्रथम आरती उतारकर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ भगवान का स्वागत किया।

महोत्सव की अध्यक्षता रामलला सदन देवस्थानम के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डॉ. राघवाचार्य जी महाराज ने की। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा केवल मंदिर निर्माण का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के जागरण का पावन अवसर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सनातन परंपराओं के संरक्षण एवं धार्मिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

महोत्सव में दक्षिण भारत से आए विद्वान वैदिक आचार्यों ने शास्त्रसम्मत विधि से सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। वहीं महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारत से आए सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान श्री विठ्ठल के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की।

मंदिर से जुड़े राजेश कुमार मिश्रा 'गुड्डू', रमेश मिश्रा 'सिब्बू', राघवेंद्र मिश्रा 'अप्पू', मनोज जी सहित अन्य शिष्य परिकर पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं में निरंतर जुटे रहे। श्रद्धालुओं के स्वागत, पूजन व्यवस्था, प्रसाद वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया।

आयोजन समिति के अनुसार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन 28 जुलाई को पूर्णाहुति, महाआरती एवं विशाल भंडारे के साथ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें