: सरयू नदी की बाढ़ विभीषिका का तांडव, पीड़ित रो रहे अपनी दुश्वारी का रोना
Thu, Oct 13, 2022
गोंडा के ब्योंदा और दत्तनगर के सौ से ज्यादा लोग किये गये रेसक्यू, सोहावल गोंडा मार्ग हुआ नदी में विलीन
पेट्रोल के लिए ग्रामीणों से चंदा लगाकर रौनाही पुलिस ढेमवा में चलवा रही जल पुलिस की मोटर बोट
पचासों पशु बह गए बचे 60 पशुओं को निकालने के लिए पीड़ितों ने स्वयं 60 हजार पर गुप्तार घाट से मंगाई निजी नाव
सोहावल-अयोध्या। उफनाई सरयू की बाढ़ विभीषिका का तांडव जारी है। शहर का गुप्तार घाट सहित कई घाट पानी मे डूबा हुआ है तराई के गांव पानी से घिर कर टापू बने बैठे है। पशुओं का चारा और परिवारों के आवास भोजन तक की ब्यवस्था प्रशासन नही कर पा रहा है। शहरी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर लंच पैकेट बांट कर अधिकारियों ने अपना दायित्व पूरा समझ लिया तो ग्रामीण क्षेत्र के पीड़ितों को झांकने तक कोई नही गया। सोहावल में रौनाही पुलिस के सिवा कोई नही दिखा जो बुधवार को पीड़ितों व ग्रामीणों से ही चंदा इकट्ठा कर जल पुलिस की मोटर बोट चलवा कर पीड़ितों का रिस्कयू रेसक्यू कराती रही। कुछ समय के लिए नायब व उप-जिला अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्राम प्रधान मंगलसी प्रतिनिधि रामचेत यादव व रौनाही प्रधान प्रतिनिधि खुर्शीद खां,प्रधानाचार्य ज्ञान स्वरूप सिंह के जिम्मे प्राइमरी स्कूल में ठहराये गये सैकड़ो लोगों के भोजन आवास की ब्यवस्था करायी और जिम्मेदारी पूरी कर ली। बाढ़ और राहत कोष से धेला भी खर्च नहीं किया सब सरकार का बचा लिया स वृहस्पतिवार को यह रेस्क्यू अभियान और भी दुर्गति को पहुँचा दिखाई पड़ा स फंसे पीड़ित परिवारों के लोग स्वयं हजारो रुपया खर्च कर अपने परिजनों का रेशक्यू कराते रहे। पीड़ित गांव के निवासी ग्रामीण लल्ला पंचम बाल मुकुन्द बलिराम पचई आदि ने बताया कि 60 पशुओं को बाहर रेस्क्यू कराने के लिए गुप्तार घाट से 60 हजार नकद पर मोटर बोट मंगायी है स आधे जानवर आ चुके है स शेष आ रहे है। पशुओं को भूखे मरना इनकी नियति बनती जा रही है स शासन की तरफ से न अयोध्या न ही गोंडा का कोई नेता समाज सेवी अधिकारी झांकने आया है। सभी पीड़ित राम भरोसे है अपने कर्म कमाही का रोना रो रहे है। सोहावल के ढेमवा घाट से नबाबगंज गोंडा की सड़क नदी में विलीन होने से आवागमन पूरी तरह ठप है पुलिस पहरा दे रही है। उप-जिला अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्र में कई गांव में जल भराव था स इसे निकलवाया गया राजस्व कर्मी गांव में कैम्प कर हालात का जायजा ले रहे है। गोंडा के रेस्क्यू किये जा रहे पीड़ितों को प्राथमिक विद्यालयो में शरण दिया गया है स ग्राम सभाओं से भोजन आदि दिया जा रहा है।
: यज्ञ अनुष्ठान, भगवत चर्चा वैदिक सनातन धर्म के विस्तार का मूल आधार: वल्लभाचार्य
Thu, Oct 13, 2022
अद्वितीय 108 कुंडीय श्रीराममंत्र महायज्ञ व विशाल संत सम्मेलन का हुआ भव्य समापन
800 कुंटल हवन सामग्री से 9 दिनों में 1 करोड़ 30 लाख डाली गई आहुतियां
अयोध्या। रामनगरी के श्रीरामहर्षण मैथिल सख्यपीठ धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट चारूशिला मंदिर जानकीघाट में श्रीमद जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी वल्लभाचार्य महाराज संयोजन में अद्वितीय 108 कुंडीय श्रीराममंत्र महायज्ञ का भव्य समापन हुआ। 5 अक्टूबर से ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुए इस महायज्ञ में 501 योग्य विद्वानों द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण पारायण एवं 13 करोड़ षड़ाक्षर श्री राम मंत्र का जप निरंतर चलता रहा। साथ ही 108 कुंडों में वैदिक विद्वानों और यज्ञ के यजमानों द्वारा निरंतर हवन हुआ। इस नौ दिवसीय श्री राम मंत्र महायज्ञ में 800 कुंटल हवन सामग्री का प्रयोग किया गया। 9 दिनों में कुल 1 करोड़ 30 लाख आहुतियां डाली गयी। साथ ही साथ वृंदावन धाम से पधारे जगद्गुरू द्वाराचार्य मलूकपीठाधीश्वर डॉ. राजेंद्रदेवाचार्य के श्रीमुख से श्रीरामकथा की अमृत वर्षा हुई। वृंदावन की प्रसिद्ध चैतन्य महाप्रभु लीला हाे रही है जिसका आनंद भक्तों ने लिया और सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए 11, 12 और 13 अक्टूबर को विशाल संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें अयोध्या ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से महान विद्वानों ने अपने व्याख्यानओं द्वारा देश विदेश से आए हुए भक्तों श्रद्धालुओं को आनंदित कराया और सनातन धर्म को कैसे बचाया जाए और विश्व में इसकी ख्याति और बढ़ाई जाए इस पर भी लोगों को दिशा निर्देश दिए।
जगतगुरु रामानन्दाचार्य वल्लभाचार्य महाराज ने श्री राम हर्षण भगवान के रजत जयंती श्री राम मंत्र महायज्ञ में पधारे सभी जगतगुरु, शंकराचार्य, महामंडलेश्वर और विद्वानों का स्वागत सत्कार किया और कहा कि यज्ञ अनुष्ठान और भगवत चर्चा ही वैदिक सनातन धर्म के विस्तार का मूल आधार है। सभी को निरंतर देश विदेश में भ्रमण करते हुए। विविध आयोजनों को करते रहना चाहिए जिससे आम जनमानस का लगाव सनातन धर्म के तरफ बढ़ेगा जिससे निश्चित ही सनातन धर्म का विस्तार होगा। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म आदि धर्म है बाकी सब पंथ हैं क्योंकि सनातन धर्म ही मूल है और अन्य धर्मों का प्रादुर्भाव सनातन धर्म के बाद हुआ है इसलिए आज धर्म की रक्षा के लिए हम सभी संतो को आगे आना होगा और इसके प्रचार-प्रसार को बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है इसी क्रम में हम लोगों को आगे बढ़ कर के देश विदेश में सनातन धर्म के जड़ को और मजबूत करना होगा जिससे भारत पुनः अपने प्राचीन गौरव को प्राप्त कर सके इसके लिए हमें निरंतर प्रचार-प्रसार के साथ अध्ययन भी करते रहना चाहिए।
: वेद ही इस देश का मूल आधार:अशोक थपलियाल
Thu, Oct 13, 2022
तीन दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन का हुआ समापन
अयोध्या। वेद वेदांत शिक्षा को संपूर्ण देश में स्थापित करने के लिए हर प्रकार से सहयोग के साथ ही समर्पण करना होगा, वेद सुरक्षित रहेगा तो धर्म सुरक्षित रहेगा और जब धर्म सुरक्षित रहेगा तो राष्ट्र भी सुरक्षित होगा। समाज में वेद की शिक्षा ठीक उसी प्रकार से होनी चाहिए जिस प्रकार से अन्य विषयों को लेकर विद्यालयों की संरचना की गई है, और उन्हें बढ़ाया जा रहा है। कार सेवक पुरम् में 11 अक्टूबर से चल रहे तीन दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन का गुरुवार को अपराह्न समापन हो गया।
दिल्ली विश्वविद्यालय के वास्तु शास्त्र के आचार्य अशोक थपलियाल ने समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा करें वेद ही इस देश का मूल आधार है, और अपने मूल को समझना उसकी सुरक्षा करना हर भारतीय का कर्तव्य है।
इस अवसर पर विहिप केन्द्रीय मंत्री हरिशंकर ने वेद विद्यालय की स्थापना को आवश्यक बताया और कहा वेद कंठस्थ करने के साथ ही इसका प्रचार प्रसार भी आवश्यक है। कार्यक्रम में कुलपति देवी प्रसाद त्रिपाठी महर्षि सांदीपनि के उपाध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार मिश्र, राकेश शास्त्री, ज्योतिषाचार्य गणेश भारद्वाज, आचार्य राधाकृष्ण मनोड़ी, पूर्व सचिव महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के ओम प्रकाश पांडे जी श्री राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य इंद्रदेव मिश्रा,आचार्य सत्यम,आचार्य, सुनील ,आचार्य, टीकाराम, डां विक्रमा पांडेय, राधेश्याम मिश्र, आदि उपस्थित रहे।