: जगद्गुरू परमहंसाचार्य के नेतृत्व में साधु-संत पीएम काे भेजेंगे पत्र
Thu, Oct 13, 2022
सुप्रीम कोर्ट के फैसले बाद भव्य राममंदिर बन रहा देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयाेध्या आ रहे उनकी समुचित व्यवस्था हो: मामा दास
अयाेध्या। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरू परमहंस आचार्य के नेतृत्व में सात सूत्रीय मांगों काे लेकर साधु-संत पीएम नरेंद्र मोदी काे पत्र भेजेंगे। इस संबंध में गुरूवार को आचार्य पीठ तपस्वी छावनी, रामघाट में संताें की एक बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जगद्गुरू परमहंस आचार्य ने कहा कि सप्त सूत्रीय मांगों काे लेकर संताें ने बैठक की, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं काे रखा गया है। वह इसकाे लेकर जल्द ही प्रधानमंत्री काे पत्र भेजेंगे और संताें के साथ उनसे मिलेंगे भी। उन्होंने कहा कि हमारी पहली मांग है कि वेदों की रक्षा किया जाए। केंद्र सरकार इस ओर अपना ध्यान आकृष्ट करे। वेदाें के विद्वान धीरे-धीरे गुजरते जा रहे हैं। नई पीढ़ी तैयार नही हाे रही है। वेदाें की रक्षा जैसे-न्याय, व्याकरण, ज्याेतिष है। इसकी शिक्षा हाेनी चाहिए। वैदिक शिक्षा ही हमारी भारतीय शिक्षा है। अगर वह चली गई। ताे भारतीय संस्कृति खाे जायेगी। इसी प्रकार विरक्त संताें की रक्षा हाे। विरक्त संताें की परंपरा धीरे-धीरे विलुप्त हाे रही है। संत राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। उनके मठ-मंदिराें का बिजली, पानी फ्री हाे। संताें काे सरकार की तरफ से 40 हजार रूपया महीना भत्ता दिया जाए। गाै हत्या पर तत्काल राेक लगाया जाना चाहिए। इस पर सरकार कठाेर कानून बनाए। गाै वंशाें की रक्षा हाे। सरकार दाे बच्चों की नीति जल्द से जल्द लागू करे। जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाए जाए। साथ ही समान नागरिक संहिता कानून लागू हाे। इसी प्रकार सरकार पर्यावरण पर गंभीर हाे। पर्यावरण की रक्षा काे लेकर कानून बनाए। इन सभी बातों काे हम केंद्र सरकार तक पहुंचायेंगे। वहीं हनुमानगढ़ी गद्दीनशीन के शिष्य मामा दास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले बाद भव्य राममंदिर बन रहा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयाेध्या आ रहे हैं। उनके लिए शुद्ध पेयजल, लाकर रूम, शाैचालय आदि की व्यवस्था हाे। साथ ही साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर अयाेध्यावासियाें व श्रद्धालुओं को परेशान किया जा रहा है। इस पर शासन-प्रशासन विशेष ध्यान दे। ताकि अयाेध्यावासियाें और श्रद्धालुओं को काेई दिक्कत न हाे। उक्त बैठक में नागा नंदराम दास हनुमानगढ़ी, काली मंदिर कलकत्ता के कर्ण पुरी महाराज, तिरुपति बालाजी मंदिर आंध्र प्रदेश के पुजारी कृष्ण प्रपन्नाचार्य, श्रीमहंत रामउदार दास बलिया, नागा सूर्यभान दास, महंत जानकी शरण रामायणी, चंदा बाबा, पहलवान मनाेज दास, पुजारी उपेंद्र दास, पहलवान राजेश दास आदि संताें ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर काफी संख्या में साधु-संत माैजूद रहे।
: संतों ने साधना से जो भी सिद्धियां प्राप्त कीं, वह लोककल्याण-परमार्थ के लिए: योगी आदित्यनाथ
Thu, Oct 13, 2022
कहा,आचार-विचार के समन्वय से आते हैं राम मंदिर जैसे दिव्य परिणाम
रामहर्षण कुंज के महंत अयोध्या दास ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अम्माजी मंदिर में आदिगुरु रामानुजाचार्य महाराज की प्रतिमा के अनावरण के बाद मंत्रार्थ मंडपम, वासुदेवघाट व चारुशिला मंदिर जानकी घाट में आयोजित श्रीरामनाम मंत्रराज जप अनुष्ठान महायज्ञ में भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम में विलंब के बावजूद उन्होंने संतों को निराश नहीं किया और अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर विदा हुए। इससे पहले मंत्रार्थ मंडपम में उन्होंने संतों का आह्वान किया कि अगले डेढ़- दो वर्षों में हर मंदिर में अखंड रामायण पाठ, संकीर्तन व कथा के आयोजन होने चाहिए जिससे विश्व ही नहीं अखिल ब्रह्मांड तक अयोध्या का संदेश जाए।
गोरक्ष पीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम सभी धन्य हैं कि भारत की धरती पर जन्म लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। महाभारत जैसा ग्रंथ भी इस बात का साक्षी है। वेदव्यास ने जब इसकी रचना की थी तो आज के कथित विकसित देश व सभ्यताएं अंधकार में थीं।
सीएम ने कहा कि संतों ने साधना से जो भी सिद्धियां प्राप्त कीं, वह लोककल्याण-परमार्थ के लिए थीं, स्वार्थ के लिए नहीं। इस पीठ की परंपरा भी ऐसी ही रही है। साधना से जो भी अर्जित किया, वह प्रभु के श्रीचरणों के समर्पित कर लोक कल्याण किया।
सीएम ने कहा कि यह भगवान राम के मंत्रों की साधना का असर है। श्रीराम हर्षण कुंज पीठ के पूज्य महंत जी ने 13 कोटि श्रीराम मंत्र का जप करके अखंड साधना से जो दिव्य अमृत सिद्धि के रूप में प्राप्त की थी, वह लोककल्याण का माध्यम बना। कोई सोचता था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। हर कोई कहता था कि अब कुछ नहीं हो सकता, लेकिन राम मंत्र के जप का कितना प्रभाव है, यह पूज्य संतों ने साबित कर दिया। पूज्य संत राम मंत्रों का जप करते थे और विश्व हिंदू परिषद व रामसेवक (कारसेवक) पुरुषार्थ करते थे, जब आचार व विचार में समन्वय होता है तो दिव्य परिणाम सामने आते है। जैसे आज भव्य राम मंदिर के निर्माण के रूप में आ रहा है। इस मौके पर रामहर्षण कुंज के महंत अयोध्या दास ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कैसरगंज के लोकप्रिय सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी शामिल हुए।इस मौके पर रामबल्लाभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास,रामहर्षण कुंज मंदिर के व्यवस्थापक समाजसेवी संत राधव दास मौजूद रहें।
: अयोध्या अब विवाद नहीं बल्कि विकास को लेकर चर्चा में
Wed, Oct 12, 2022
श्रीराममंत्र महायज्ञ के संत सम्मेलन में हुआ संतों का जमावड़ा, जुटी नामी गिरामी हस्तियां
जो राम का नहीं वह किसी काम का नहीं: बागेश्वर धाम
संत सम्मेलन में सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ करेंगे शिरकत
अयोध्या। श्रीरामहर्षण मैथिल सख्यपीठ धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट चारूशिला मंदिर में संचालित श्रीराममंत्र महायज्ञ में संत सम्मेलन का दौर शुरु हो गया है जो तीन दिन चलेगा जिसमें देश भर से जाने मानी हस्तियों का जमावड़ा होगा। मंगलवार को संत सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। संत सम्मेलन में अयोध्या सहित देश के कोने-कोने से पहुंचे संतों ने अयोध्या व श्रीराम की महिमा गिनाई साथ ही कहा कि अयोध्या अब विवाद नहीं बल्कि विकास को लेकर चर्चा में है। हम सबको विश्वास है कि अयोध्या की गौरव-गरिमा जल्द ही पुर्नस्थापित होगी।
जगद्गुरू रामानन्दाचार्य रामदिनेशाचार्य ने कहा कि परंपरागत ज्ञान तभी मिलता है जब संत चरणों का आश्रय मिल जाए। कहा कि श्रीराम भजनीय तत्व हैं, जिसने उनको भजा श्रीराम उसे कभी नहीं तजते हैं। कहा कि अयोध्या अब विवाद नहीं बल्कि विकास को लेकर चर्चा मे हैं। जिस गति से अयोध्या विकसित हो रही है, जल्द ही पूरी दुनिया इस ओर आकर्षित होगी। बागेश्वर धाम से आए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जो राम का नहीं वह किसी काम का नहीं, इसलिए अपना नाता राम से जोड़िए, फिर भवसागर पार होने से कोई रोक नहीं सकता। जगद्गुरू रामानुजाचार्य श्रीधराचार्य ने कहा कि श्रीराम का जीवन हम सबको नकारात्मकता से दूर रहकर सत्य की राह पर चलते हुए विषम से कठिन समय में संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि संतों का दर्शन ही रामकथा का सार है। आज पूरा राष्ट्र आस्था एवं सकारात्मक भावना के साथ प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर से निर्माण जुड़ा हुआ है। रामनगरी अयोध्या में इस अद्वितीय ऐतिहासिक राम भक्तों के इस महाकुंभ श्रीराममंत्र महायज्ञ में संत सम्मेलन के संयोजक जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी बल्लभाचार्य जी महाराज ने बताया कि संत सम्मेलन का समापन 13 अक्तूबर को होगा। श्रीराममंत्र महायज्ञ में देश भर से लाखों भक्त पहुंचे हैं। 501 जापकों द्वारा प्रतिदिन राममंत्र से आहुतियां डाली जा रही हैं। सम्मेलन के दूसरे दिन सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ करेंगे शिरकत। संचालन डॉ.रामानंद दास ने किया। संत सम्मेलन में महंत जन्मेजय शरण, महंत वैदेही वल्लभ शरण, महंत गौरीशंकर दास, राघवेंद्र दास ऋषिकेश, उज्जैन के डॉ.मिथिला प्रसाद त्रिपाठी, महंत हरिभजन दास, महंत रामजी शरण सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।