: प्रहलाद भाई दामोदर दास मोदी ने किया हनुमत लाल के दर्शन
Tue, Nov 15, 2022
अयोध्या। काशी जाते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई सपरिवार आज पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी में हनुमान जी की आरती में सम्मलित हुए। हनुमान जी का दर्शन पूजन किये। पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी के महन्त रामदास महाराज ने प्रहलाद मोदी को अंगवस्त्र, रामनामी व माला पहना कर स्वागत किया व रामदरवार भेट किया। पीठ की तरफ से प्रसाद व आयुर्वेदिक औषधि भी प्रदान की गई। सपरिवार उन्होने पीठ के महन्त जी को रूद्रांक्ष की माला व शाल भेट किया। सपरिवार मोदी जी ने स्वअल्पाहार ग्रहण किया। 1 घंटा रूकने के बाद काशीपुरी प्रस्थान किया एवं महंत रामदास जी को अहमदाबाद गुजरात आने का आमंत्रण दिया। इस अवसर पर महन्त रामदास, महामण्डेलश्वर स्वामी गिरीशदास, जिला पंचायत प्रतिनिधि रोहित सिंह, मंदिर के ट्रस्टी संतोष कुमार मिश्र, रामनेवाजदास, डा0 शैलेश पाण्डेय, अभिलाष शुक्ला, ज्ञानचन्द्र केशरवानी, शिवभोला सिंह ने भी प्रहलाद मोदी जी का भव्य स्वागत सत्कार किया।
: श्रीरामभक्ति की मधुरशाखा के अनमोल रत्न है स्वामी युगलानन्य शरण: महंत मैथिलीरमण शरण
Tue, Nov 15, 2022
143वीं पुण्य तिथि पर संत धर्माचार्य पुष्पांजलि करेंगे अर्पित
श्रीराम भक्ति की रसिकधारा की आचार्य पीठ लक्ष्मण किला के संस्थापक स्वामी युगलानन्य शरण पुण्यतिथि आज
अयोध्या। श्रीराम भक्ति की रसिकधारा की आचार्य पीठ लक्ष्मण किला के संस्थापक स्वामी युगलानन्य शरण को उनकी 143वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को समारोहपूर्वक याद किया जाएगा। न केवल साधना बल्कि अपनी विद्वता के चलते श्रीरामभक्ति की मधुरशाखा के अनमोल रत्न बने स्वामी युगलानन्य शरण को उनकी 143 वीं पुण्यतिथि पर उनकी तपोस्थली लक्ष्मण किला में समारोहपूर्वक श्रद्धांजलि दी जायेगी।
ज्ञातव्य है कि श्रीराम भक्ति की रसिक शाखा के सिद्ध संत स्वामी युगलानन्य शरण की तपस्या से प्रभावित होकर तत्कालीन अंग्रेज सरकार द्वारा उन्हें श्रीअवध के सरयूतट स्थित लक्ष्मणकिला स्नानघाट के पास 52 बीघे भूमि उपहार में दी गई। उन्होंने काशी में अध्ययन कर चित्रकूट में तपस्या की और साधना के लिए श्री अवध को चुना। तत्कालीन सिद्ध संत जीवाराम से बाल्यावस्था में मिली दीक्षा के अनुसार श्रीसीताराम की अनन्य साधना की। हनुमत निवास के महंत प्रख्यात साहित्यिक महंत मिथलेश नन्दनी शरण जी कहते है कि अयोध्यापति राजा मानसिंह व वशिष्ठावतार उमापति महाराज स्वामी युगलानन्य के अनन्य रहे। मिथिला की प्राण श्री किशोरी हैं और उनके के प्राण श्रीराम हैं के भाव को ध्यान में रखते हुए स्वामी युगलानन्य शरण ने लक्ष्य की प्राप्ति की। मात्र 59 वर्ष की अवस्था में साकेतवास से पूर्व महाराज श्री ने 95 ग्रंथ रचकर वैष्णव संप्रदाय को जो अमूल्य निधि भेंट किया। मंगलवार को आचार्य श्री की 143वीं पुण्य तिथि है। जिसमें प्रातः स्वामी जी द्वारा रचित ग्रंथों नामकांति, रूपकांति, लीलाकांति व धामकांति का का सामूहिक पाठ किया जायेगा। कार्यक्रम की देखरेख युवा संत सूर्य प्रकाश शरण कर रहें है।
: हनुमान बाग मंदिर में राम कथा महोत्सव सोमवार से
Sun, Nov 13, 2022
समर्थ भक्त राघवेंद्र बुआ देशपांडे कहेंगे व्यासपीठ से रामकथा
महाराष्ट्र से सौकड़ों भक्त पहुंचे रामनगरी
श्री दत्त सत्संग मंडल पिछले 25 वर्षों से तीर्थों में रामकथा व भागवत कथा का दिव्य आयोजन करा रहा
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में सोमवार से भव्य राम कथा महोत्सव का शुभारंभ होगा। यह महोत्सव श्री दत्त सत्संग मंडल द्वारा आयोजित किया गया है जिसमें महाराष्ट्र से सैकड़ों भक्त कथा श्रवण करने रामनगरी पहुंच गए हैं। व्यासपीठ से श्रीराम कथा की अमृत वर्षा समर्थ भक्त राघवेंद्र बुआ देशपांडे करेंगे। रामकथा महोत्सव की अध्यक्षता हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज करेंगे। कथा प्रतिदिन दो सत्र में होगी। प्रथम सत्र सुबह 9 से 12 तो सायंकाल 4 से 7 बजे तक होगी। महोत्सव का समापन 22 नवंबर को संत सम्मेलन व वृहद भंडारे के साथ होगा। रामकथा महोत्सव के आयोजक मंडल ने बताया कि श्री दत्ता सत्संग मंडल प्रतिवर्ष तीर्थों में रामकथा व भागवत कथा का दिव्य आयोजन कराते है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से लगातार तीर्थ में कथाओं का आयोजन हो रहा है। वाराणसी, नैमिषारण्य, चित्रकूट, सुखताल, हरिद्वार सहित सभी तीर्थों में सत्संग का दिव्य आयोजन मंडल द्धारा किया जाता है।महोत्सव की व्यवस्था में हनुमान बाग के सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितिश शास्त्री आदि लगे है। इस महोत्सव में केशव गलान्डे, सरयू गलान्डे, विजय कुमार कुलकर्णी, विनाया कुलकर्णी,माधव वालिंम्बे,मधुर वालिंम्बे सहित बड़ी संख्या से ठाणे महाराष्ट्र से भक्त आये है।