: अयोध्या का हवाई दर्शन करना अच्छा लगा: महंत बालयोगी रामदास
Thu, Mar 30, 2023
कहा, हवाई दर्शन से अयोध्या का एक अनोखा अनुभव रहा बहुत अच्छा लगा लेकिन किराया पर्यटन विभाग ने जो 3 हजार कर रखा है उसे कम करना चाहिए जिससे आम लोग भी अयोध्या दर्शन के बहाने ही हवाई यात्रा का आनंद ले सकें और अयोध्या दर्शन कर सकें...
अयोध्या। योगी सरकार के आदेश पर पर्यटन विभाग द्वारा रामनवमी पर पर्यटकों के लिए अयोध्या का हवाई दर्शन चर्चा का विषय बना रहा हेलीकॉप्टर ने अयोध्या दर्शन कराने के लिए कई उड़ान भरी आम श्रद्धालुओं के साथ अयोध्या के संत महंत भी हवाई यात्रा का आनंद लिया और अपना अनुभव साझा करते हुए करतलिया आश्रम के महंत बाल योगी रामदास ने बताया कि हवाई दर्शन से अयोध्या का एक अनोखा अनुभव रहा बहुत अच्छा लगा लेकिन किराया पर्यटन विभाग ने जो 3 हजार कर रखा है उसे कम करना चाहिए जिससे आम लोग भी अयोध्या दर्शन के बहाने ही हवाई यात्रा का आनंद ले सकें और अयोध्या दर्शन कर सकें। अयोध्या में पर्यटन को बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार अनेक योजनाओं कोला रही है जिसमें भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर 15 दिनों तक हवाई दर्शन का लाभ ले सकेंगे यात्री पर्यटन विभाग की तरफ से यह बताया गया कि यह अभी 15 दिनों तक ट्रायल किया जा रहा है उसके उपरांत यह योजना प्रतिदिन चलाई जाएगी वही मां सरयू में क्रूज चलाने की भी तैयारी तेज हो गई है।
: उपनयन संस्कार 16 संस्कारों में से एक है: विद्याभास्कर जी
Thu, Mar 30, 2023
प्रसिद्ध पीठ कोसलेश सदन में बटुकों हुआ सामूहिक उपनयन संस्कार
रामानुजीय संप्रदाय की शीर्ष पीठ कोसलेश सदन के संस्थापक आचार्य जगतगुरु स्वामी श्री यतींद्र रामनारायणाचार्य महाराज का शताब्दी अवतरण महोत्सव का छाया उल्लास
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के रामानुजीय संप्रदाय की शीर्ष पीठ कोसलेश सदन के संस्थापक आचार्य जगतगुरु स्वामी श्री यतींद्र रामनारायणाचार्य महाराज का शताब्दी अवतरण महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ श्रीमद जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर जी महाराज के पावन सानिध्य में मनाया जा रहा है। श्री महाराज जी के अवतरण दिवस के अवसर पर श्री कोसलेश सदन धर्मादाय ट्रस्ट कैकेई घाट कटरा में श्री बाल्मीकि रामायण की कथा चल रही है जिसमें मंदिर परिसर से जुड़े सैकड़ों अनुयाई एवं देश के कोने कोने से आए हुए भक्तों आनंद ले रहे है। इसी क्रम में बुधवार को देश के विभिन्न कोने से आए हुए बटुकों सामूहिक उपनयन संस्कार हुआ जिसमें लगभग 5 दर्जन बच्चे सम्मिलित हुए। जगतगुरु वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर महाराज ने बताया कि उपनयन संस्कार 16 संस्कारों में से एक है और कर्मकांड विधि से आम लोगों के लिए कराना कठिन है इसीलिए मंदिर परिसर में समय-समय पर इसका आयोजन किया जाता है जिससे सामान्य जन भी अपने बच्चों का उपनयन संस्कार बड़े ही सरलता और आसानी से करा सकें। उन्होंने बताया कि गुरुदेव भगवान का शताब्दी अवतरण समारोह मनाया जा रहा है। है।
जिसमें भगवान के जन्मोत्सव गुरुवार को कोसलेश भगवान का अष्टोत्तरशत कलशाभिषेक और बड़े ही हर्षोल्लास के साथ जन्म उत्सव मनाया जाएगा एक अप्रैल को संत समागम होगा जिसमें अयोध्या सहित देश के कोने कोने कोने से आए हुए विद्वान अपना विचार रखेंगे।उन्होंने बताया कि गुरुदेव भगवान सेवा में ही रहते थे इसलिए मंदिर में सभी प्रकार की सेवाएं निरंतर चलती रहती है।
: हिंदू धाम में काव्य रस की वर्षा से सभी हुए सराबोर
Wed, Mar 29, 2023
हिंदू धाम मंदिर में रामजन्मोत्सव का छाया उल्लास
अयोध्या। परिक्रमा मार्ग स्थित हिंदूधाम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर ब्रह्मर्षि वेदांती श्री राम कथा की अमृत वर्षा हो रही है। तो वही वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत डॉ राघवेश दास वेदांती के संयोजन में देश के कोने-कोने से आए दर्जनों कवियों ने अपनी काव्य रस की वर्षा से सभी को सराबोर कर दिया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता फिरोजाबाद से आए कवि प्रो ओमपाल सिंह ने कि और कहा कि सिर्फ रामलीला करने से ना चलेगा काम, राम का चरित्र भी तो जीवन में धरिए। रावण के पुतलों को मारने से क्या मिलेगा, भारत में बैठे हुए रावणों को मारिए। प्रोफेसर सिंह का मंदिर आंदोलन से भी बहुत पुराना नाता रहा है राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे जैसे गीतों की रचना करके आंदोलन को धार दिया करते थे।
कवि सम्मेलन में अंबेडकर नगर से आई महिला कवित्री सुनीता पाठक ने रामलला का आंगन लिख दूं, या सरयू की तीर सुनाऊं जैसे गीत सुना कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया अंत में उन्होंने राजनीतिक पार्टियों टिप्पणी करते हुए जोगीरा सुनाया जिसको सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए और पूरा परिसर तालियों से गुजरने लगा। गोंडा से आए शिवपूजन शुक्ल ने समाज पर उलाहना देते हुए गाया कि मंथरा गीत से होगी भलाई नहीं, कौशल्या जैसी है कोई माई नहीं, राम जैसा सुत विश्व भर में न हुआ, इस जगत में भरत जैसा भाई नहीं... गीत सुना करके सभी को भावविभोर कर दिया। वही वाराणसी बीएचयू से आए प्रोफेसर वशिष्ठ अनूप ने गजल सुना करके सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया उन्होंने कहा, हमेशा रंग बदलने की कलाकारी नहीं आती बदलते दौर कि मुझको अदाकारी नहीं आती, जिससे तहजीब कहते हैं ओ आते-आते आती है, फकत दौलत के बलबूते रवादारी नहीं आती। आगरा से राम की धरती पर पधारे प्रांजल प्रताप सिंह ने, कैसे मिले सुगंध सरोवर पंकज खिला नहीं, मजबूरी है उसे किरण का चुंबन मिला नहीं..... सुना करके सभी श्रोताओं को ताली बजाने के लिए मजबूर कर दिया। लखीमपुर से पधारे वीर रस के कवि कनक तिवारी ने धर्म प्राण शब्द नहीं, ध्वज है महानता का, धर्म ध्वज रक्षा हेतु खून दिया जाता है, आने वाली पीढ़ियों का रक्त तापयुक्त रहे, इसीलिए क्रांति का जुनून दिया जाता है ....जैसी कविता सुना कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।आयोजक राघवेश दास वेदांती ने कवियों का स्वागत किया संचालन अवध की धरती के सिरमौर कवि अशोक टाटम्बरी ने किया।