: खेल का अर्थ सद्भावना से होता है, जिसमें लोग मिलकर खेलते हैं: महंत बृजमोहन दास
Wed, Dec 27, 2023
सोसाइटी प्रीमियर लीग में अयोध्या रॉयल्स क्लब बना विजेता
वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद इरफान उर्फ नन्हें मियां के सानिध्य व मोहम्मद इमरान अंसारी, युवा पार्षद सुल्तान अंसारी के संयोजन में हुआ तीन दिवसीय सोसाइटी प्रीमियर लीग रूल आउट क्रिकेट टूर्नामेंट
अयोध्या। रामनगरी में सुटहटी के मैदान पर चल रहे तीन दिवसीय सोसाइटी प्रीमियर लीग रूल आउट क्रिकेट टूर्नामेंट का सोमवार की देर शाम समापन हुआ। इस रूल आउट क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 16 टीमों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता का फाइनल मैच अयोध्या रॉयल्स क्लब व केकेआर के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में अयोध्या रॉयल्स क्लब ने केकेआर अयोध्या को हराकर विजेता बना। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि दशरथगद्दी पीठाधीश्वर महंत बृजमोहन दास महाराज एवं विशिष्ठ अतिथि के रुप में वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद इरफान उर्फ नन्हें मियां, युवा भाजपा नेता विवेक मिश्रा मौजूद रहे। फाइनल मुकाबला केकेआर अयोध्या और अयोध्या रॉयल क्लब के बीच खेला गया। जिसमें अयोध्या रॉयल्स क्लब की टीम ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए केकेआर अयोध्या को करारी शिकस्त दी। मुख्य अतिथि दशरथगद्दी पीठाधीश्वर महंत बृजमोहन दास ने कहा कि खेल का अर्थ सद्भावना से होता है, जिसमें लोग मिलकर खेलते हैं। हार और जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं। हार से निराश होने के बजाए और अधिक संघर्ष करने की जरूरत होनी चाहिए। संघर्ष करिए कामयाबी एक दिन जरूर कदम चूमेगी। इससे पहले एसपीएल रूल आउट क्रिकेट टूर्नामेंट के सरंक्षक युवा समाजसेवी इमरान अंसारी, अभिरामदास वार्ड पार्षद सुल्तान अंसारी, आयोजक मोहम्मद कैफ ने आए हुए अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ा व माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान अतिथियों ने विजेता टीम को ट्रॉफी और पंद्रह हजार रूपये नगद इनाम देकर पुरस्कृत किया। तो वहीं उपविजेता टीम को ट्राफी तथा सात हजार रुपये की नगद धनराशि देकर टीम का हौसला अफजाई किया गया। इस अवसर पर पार्षद सौरभ सूर्यवंशी, मुख्तार खां गुड्डू, जावेद, मोहम्मद सैफ, शाबान अंसारी, रामेश्वर दास के अलावा बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी मौजूद रहे।
: खेल से न सिर्फ शारीरिक बल्कि बौद्धिक क्षमता का भी विकास होता है: नन्हे मियां
Sat, Dec 23, 2023
सोसाइटी प्रीमियर लीग का समाजसेवी मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मियां ने किया शुभारंभ, तीन दिवसीय प्रीमियर लीग का 25 दिसम्बर को होगा भव्य समापन
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के गंगा जमुनी तहजीब के सबसे बड़े झंडाबरदार सद्भाव समिति अध्यक्ष ने आज सोसाइटी प्रीमियर लीग का भव्य उद्घाटन फीता काटकर किया। अभिरामदास वार्ड स्थित सुटहटी मोहल्ले में तीन दिवसीय सोसायटी प्रीमियर लीग रूल आउट क्रिकेट टूर्नामेंट का संयोजन अभिरामदास वार्ड पार्षद सुल्तान अंसारी व समाजसेवी इमरान अंसारी कर रहे। सोसाइटी प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ शनिवार को वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद इरफान उर्फ नन्हे मियां ने फीता काटकर किया। इसका समापन 25 दिसम्बर को समारोह पूर्वक किया जाएगा। समाजसेवी मोहम्मद इरफान उर्फ नन्हे मियां ने कहा कि खेल से जातिवाद की भावना खत्म होती है और टीम भावना विकसित होता है। क्रिकेट खेल में हमेशा संघर्ष करने की सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि खेल से न सिर्फ शारीरिक बल्कि बौद्धिक क्षमता का भी विकास होता है।नन्हे मिंया ने कहा कि खेल आपसी भाईचारे का प्रतीक है। इसमें किसी की हार जीत नहीं होती है। खेल से मानसिक विकास होता है।टूर्नामेंट के सरंक्षक समाजसेवी इमरान अंसारी व आयोजक मोहम्मद कैफ ने बताया कि इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीम प्रतिभाग करेंगी। कमेटी द्वारा विजेता टीम को 15 हज़ार नगद व अन्य पुरुस्कार से सम्मानित किया जाएगा तो वंही उपविजेता टीम को 7 हज़ार रुपए नगद व अन्य पुरुस्कार दिया जाएगा। सोसायटी प्रीमियर लीग के शुभारंभ के मौके पर पार्षद प्रतिनिधि शिवकुमार यादव उर्फ लुल्लुर यादव, पार्षद सुल्तान अंसारी, अख्तर अली मुखिया, मोहम्मद सैफ, जावेद, हजारी यादव, अनिल वर्मा मंटू सहित बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी मौजूद रहे।
: गीता जयंती पर वाल्मीकि भवन में गूंजे भागवत के श्लोक
Sat, Dec 23, 2023
गीता जयंती महोत्सव में 5 हजार से अधिक वैदिक विद्वानों ने गीता पाठ किया।
अयोध्या। मणिरामदास की छावनी स्थित वाल्मीकि रामायण भवन में गीता के श्लोक समवेत स्वर में गूंजे तो पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। अवसर था गीता जयंती का। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज के अध्यक्षता व उनके उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास जी महाराज के संयोजन में आयोजित गीता जयंती महोत्सव में 5 हजार से अधिक वैदिक विद्वानों ने गीता पाठ किया।
मणिरामदास की छावनी में भव्यता पूर्वक गीता जयंती का महोत्सव मनाया गया। छह दिसंबर 1992 को जब विवादित ढांचा ध्वंस हुआ था, तब भी गीता जयंती थी, जिसके बाद से गीता जयंती को भव्यता पूर्वक मनाने का क्रम शुरू हुआ।
इस आयोजन में करीब 5 हजार वैदिक विद्वान शामिल रहे। कार्यक्रम में मौजूद विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि 6 दिसंबर 1992 को जब विवादित ढांचा को कारसेवकों ने गिराया था उस दिन भी गीता जयंती ही थी। आज 23 दिसंबर शनिवार को बड़े ही धूमधाम के साथ गीता जयंती मनाई गई। गीता जयंती को उत्सव के रूप में मनाते आ रहे हैं। इस बार हजारों की संख्या में विद्वानों ने गीता का पाठ कर सभी भव्य दिव्य राम मंदिर का निर्माण हो। इस दौरान महंत अर्जुन दास, आचार्य राधेश्याम शास्त्री, पंजाबी बाबा, अनिरूद्घ शुक्ला सहित अन्य मौजूद रहे।