: राम मंदिर के दर्शनार्थियों को मिले बेहतर सुविधा
Sat, Jan 27, 2024
डीएम ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर सहित विभिन्न मार्गो का किया निरीक्षण
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों को आवागमन एवं दर्शन की और सुगम व्यवस्था तथा बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिगत जिलाधिकारी नितीश कुमार ने श्री राम जन्मभूमि परिसर सहित विभिन्न मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं को कम से कम समय में और भी व्यवस्थित रूप से श्री राम लला के दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने दर्शन के समस्त मार्गों यथा जन्म भूमि पथ, राम पथ, धर्म पथ आदि सहित सम्पूर्ण अयोध्या धाम में साफ सफाई की नियमित बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित रखने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के उपरांत अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में व्यापक वृद्धि हुई है इन सभी श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए जिससे अयोध्या धाम आने वाले सभी श्रद्धालु एक सुखद अनुभव लेकर यहां से जाएं। यहां पर श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाएं ही अयोध्या की छवि को निर्धारित करेंगी। अतः सभी को बेहतर से बेहतर सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध कराई जाएं। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा मंदिर परिसर में गमलों एवं फ्लावरिंग को नियमित व्यवस्थित रखने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा भी समस्त सुविधाओं एवं गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इस अवसर पर ट्रस्ट के विभिन्न पदाधिकारी एवं एल एण्ड टी के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
: राष्ट्रहित सर्वोपरि, राष्ट्र से बढ़कर काेई धर्म नही हाे सकता है: प्राचार्य महंत डा महेश दास
Sat, Jan 27, 2024
श्री हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ महेश दास ने किया ध्वजारोहण
अयोध्या। हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय समारोह पूर्वक झंडाराेहण किया गया। सभी ने सस्वर राष्ट्रगान गाया। प्राचार्य महंत डा महेश दास ने कहा कि हम सबने बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक गणतंत्र दिवस मनाया है। राष्ट्रहित सर्वोपरि है राष्ट्र से बढ़कर काेई धर्म नही हाे सकता है। प्राचार्य महंत डा महेश दास महाराज के साथ सभी शिक्षकों ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डा महेश दास ने कहा कि आज बहुत ही गर्व का दिन है, हमारे गणतंत्र दिवस का आज 75 वर्ष हो गए। डा महेश जी ने कहा कि इस आजादी को पाने के लिए हमारे देश के महापुरूषों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने कहा आज बहुत ही खुशी का दिन है। हम सभी भारत के नागरिक इस महापर्व पर शहीदों को नमन करें और उनके बलिदान को याद रखें। युवा पीढ़ी को महापुरूषों के जीवन से सीख लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश में जरूरत है कि बच्चों में देश प्रेम का संस्कार डालें जिससे बच्चे आगे चलकर देश की सेवा करें। इसमें शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए बच्चों को चंद्रशेखर आजाद ,वीर भगत सिंह, वीर सुभाष चंद्र बोस बनाएं। गणतंत्र दिवस पर छात्रों को फल व मिठाईयां बाटीं गई।
: जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है श्रीमद् भागवत कथा: आचार्य पुण्डरीक
Sat, Jan 27, 2024
भजन संध्या में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सुश्री तेजस्विनी जी ने मीरा भजनों की भाव प्रस्तुति कर पूरे उदासीन आश्रम को भक्ति मय कर दिया
"भये प्रकट कृपाला दीन दयाला" उत्सव में नृत्य प्रस्तुत करती
उदासीन ऋषि आश्रम में बह रही गीत संगीत के साथ भागवत कथा की रसधार, संत साधक कर रहे रसपान
आचार्य श्री के साथ भजन गायक
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में भगवान रामलला के विराजमान होने के बाद से भक्तों में जबरदस्त उत्साह व उमंग के हिलोरें मार रहा है। हर कोई अपने आराध्य के भजन उत्सव में तल्लीन हो गोता लगा रहें है। ऐसा ही एक दिव्य उत्सव उदासीन संगत ऋषि आश्रम रानोपाली में मनाया जा रहा है,जिसमें 'भये प्रकट कृपाला दीन दयाला' पर भगवान का उत्तर उत्सव वृंदावन धाम के भगवान राधारमण सरकार के परमभक्त ख्यातिलब्ध कथाव्यास श्री मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी अपने शिष्य परिकरों के साथ मना रहें है। भोर से लोकर देर शाम तक उत्सव की लड़ी लगी हुई है। पूरा उदासीन आश्रम परिसर में गीत संगीत व भागवत के भावों के रसमई वर्षा हो रही है। भजन संध्या के द्बितीय सत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सुश्री तेजस्विनी जी ने मीरा जी के भजनों की ऐसी भाव मयी प्रस्तुति की कि सर्द शाम में भजनों की ऐसी गर्माहट पैदा हुई कि हर कोई भजनों के साथ थिरकने लगा। तो वही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस में आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी ने कथा की मीमांसा करते हुए कहा कि श्रीराम नाम तन-मन को पवित्र कर उज्ज्वल करने के साथ-साथ जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है। उन्होंने कहा कि कथा का आनंद तभी है, जब वक्ता और श्रोता दोनों सुर, लय, ताल मिलाकर कथा का रसपान करें। प्रेम प्रकट हो जाए तो परमात्मा खुद प्रकट हो जाएंगे। प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है। आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी ने कहा कथा का महत्व हमेशा से है और आगे भी रहेगा। यह भगवान की लीला, चरित्र व गुणों की गाथा है। इसके श्रवण और कथन के प्रति हमेशा एक नवीनता का भाव बना रहता है।भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के चरित्र में प्रदर्शित त्याग और तपस्या की बातों को निरंतर श्रवण करते रहने से सुनने वाले के अंदर भी ऐसे ही महान गुणों का समावेश हो जाता है। आचार्य जी ने कहा कि मानव को अपने जीवन में सरलता लानी चाहिए। यदि मानव के जीवन में सरलता होगी, तभी वह आगे बढ़ सकेगा। गोस्वामी जी ने कहा कि जिस तरह वर्तमान समय में हर व्यक्ति को आधार की जरूरत होती है, ऐसे ही जीवन सफल बनाने के लिए श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना आवश्यक है। महोत्सव की अध्यक्षता उदासीन आश्रम पीठाधीश्वर श्रीमहंत डा भरत दास जी महाराज कर रहें है। आज की कथा में मणिराम दास छावनी के महंत कमलनयन दास, जानकी घाट बड़ा स्थान के रसिक पीठाधीश्वर श्रीमहंत जन्मेजय शरण, वाराणसी से राम मुनी जी,करतार दास, कृष्णा दास ने भी अपने विचार रखे। आये हुए अतिथियों का स्वागत डा राम गर्ग, मिनी गर्ग ने किया। इस मौके पर रिटायर्ड आईपीएस विजयपाल सिंह, आईपीएस एस एन सिंह,जिले के प्रसिद्ध ठेकेदार समाजसेवी आईपी सिंह, एसपी सिंह, कन्नौज के नेता प्रदीप यादव, आश्रम से जुड़े माधवानन्द, संत धर्मदास सहित बड़ी संख्या में संत साधक व आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी के शिष्य परिकर मौजूद रहें।
उत्सव का आनंद लेते संत साधक
कार्यक्रम को सम्बोधित करते श्रीमहंत डा भरत दास जी महाराज व संचालन कर रहें आईपीएस एस एन सिंह