: अमन-चैन और सबकी बेहतरी की दुआ के लिए पढ़ी ईद की नमाज
Fri, Apr 12, 2024
रामनगरी में दो दिन मनी ईद, मोहम्मद इरफान नन्हे मिंया ने ईद के इस मुबारक मौके पर गरीबों, बेसहारा लोगों को दी जकात, दिया मुबारकबाद
नन्हे बच्चें अल्फिशा,अरहान अंसारी,कशफिया सुल्तान व अलिशबा ने एकदूसरे को गले मिलकर दी ईद की मुबारकबाद
अयोध्या। रमज़ान का बरकतों वाला मुबारक महीना खत्म हो है। अलविदा हो चुकी है और अब ईद-उल-फितर जिले मे दो दिन मनाया गया। ईद का चांद कुछ जगह दिखा तो कुछ को नही इसी हिसाब से ईद भी दो दिन मनाने का फैसला हुआ जिसमें शिया ने 10 को व सुन्नी ने 11 को ईद मनाई। जिले में आज टाटशाह मस्जिद के पेश इमाम के मुताबिक बड़े ही सादगी के साथ ईद की नमाज अदा की गई। ईद को कुछ लोग मीठी ईद भी कहते हैं। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर कहा जाता है। एक महीने के रोजे़ पूरे होने के बाद यह खुशी का मौका होता है जब लोग एक दूसरे से गले मिलते हैं और ईद मनाते हैं। ईद का त्योहार चांद देखकर मनाया जाता है। ऐसे में ईद का त्योहार कब मनाया जाएगा यह चांद देख कर ही तय होता है। बहरहाल खुशियों का यह त्योहार ईद हर साल मीठे पकवान सेवइयां आदि बनाकर और दोस्तों परिचितों से गले मिल कर मनाया गया। भाईचारे का संदेश देते इस खास दिन अपने हों या गैर सब गले मिल कर एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दिया। ईद उल फितर के दिन आज सुबह जल्दी उठ कर नहा-धोकर नए कपड़े पहन कर मस्जिदों में ईद की नमाज के लिए गये। जहां सब कई सफों में इकट्ठा होकर अल्लाह की बारगाह में अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और अपने रब का शुक्रिया अदा की। उन्हें अपने अल्लाह की ओर से रमज़ान के पाक महीने में इबादत करने का मौका मिला। इस मौके पर मुसलमान अमन-चैन और सबकी बेहतरी की दुआ करते की। इसके अलावा ईद के इस मुबारक मौके पर गरीबों, बेसहारा लोगों को जकात दी जाती है। नगरी के गंगा जमुनी तहजीब की जीती जागती मिशाल समाजसेवी मोहम्मद इरफान नन्हे मिंया अपने परिवार के साथ बड़े ही सादगी के साथ मुल्क की सलामती के लिए ईद की नमाज पढ़ी और एकदूसरे को मुबारकबाद देते हुए ईद मनाई। उनके साथ मोहम्मद इमरान अंसारी सुल्तान अंसारी अल्फिशा अरहान अंसारी कशफिया सुल्तान अलिशबा ने धूमधाम से मनाई ईद।
: अशर्फी भवन में भगवान श्री लक्ष्मी नारायण के वार्षिक उत्सव आज
Fri, Apr 12, 2024
अयोध्या। प्रतिष्ठित पीठ श्री अशर्फी भवन में चैत्र रामनवमी के पावन अवसर में भगवान श्री लक्ष्मी नारायण के सन्निधि में विविध धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। श्री राम रामचरितमानस का नवहान परायण वेद पाठ श्रीमद् वाल्मीकि रामायण पाठ पुरुष सूक्त श्री सूक्त पाठ भगवान श्री लक्ष्मी नारायण का आगम पद्धति से पूजन अर्चनवंदन नित्य किया जा रहा है। कल चैत्र शुक्ल पंचमी अशर्फी भवन के आराध्य भगवान श्री लक्ष्मी नारायण के वार्षिक उत्सव के उपलक्ष में दिव्य अभिषेक 108 कलश द्वारा सरयू जल गौ दूध सर्वोसधी फलों के जूस केशर जल से वेदों के प्रमुख सूक्त पाठ पंच रात्रा गम विधि से किया जाएगा। मध्यान में भगवान का दिव्य श्रृंगार आरती तुलसी पुष्प अर्चन एवं वृहद भंडारे का आयोजन जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री श्री धराचार्य जी महाराज के सानिध्य में होगा।
: रामकथाओं से रस से सराबोर हो रही रामनगरी
Fri, Apr 12, 2024
रामनवमी मेला अपने शबाब पर,चहुंओर हो रहा नवाह्न पारायण, बधाईयाँ व रामकथा
दशरथ राजमहल बड़ा स्थान में डा रामानंद दास,मणिराम दास छावनी में राधेश्याम शास्त्री,हिंदू धाम में ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास दास वेदांती जी के श्रीमुख से हो रही रामकथा की अमृत वर्षा
अयोध्या। नौ दिवसीय रामनवमी मेले के चौथे दिन रामनगरी के दर्जनों मंदिरों में चल रही रामकथाओं में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। मेले में शामिल होने आए श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन-पूजन व सांस्कृतिक-धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के क्रम में कथाओं में पूरे मनोयोग से शामिल हो रहे हैं। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में रामजन्म महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। जिसमें व्यासपीठ से रामकथा की अमृत वर्षा डा रामानंद दास जी कर रहे है।इस पूरे आयोजन का दिव्य संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी कर रहे है। बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज ने कहा कि श्रीराम धर्म के विग्रह हैं। वे जो करते हैं, कराते हैं अर्थात उनका पूरा जीवन व उसकी क्रियाएं साक्षात धर्म ही हैं। उन्होंने कहा कि धरा धाम से सबसे लंबा अवतार श्रीराम का रहा। उनके जीवन का एक-एक पल आदर्श व मर्यादा का अद्भुत समन्वय है।
मणिराम दास छावनी में प्रख्यात कथावाचक राधेश्याम शास्त्री जी कथा के क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा जब भक्त के पास धैर्य की धीरता व संयम का साहस हो तो सुख व आनंद स्वयं पास आ जाते हैं और परीक्षा की घड़ी समाप्त हो जाती है। विपत्ति में भी जो अपने धैर्य का त्याग न करे वह धीर पुरुष कहा जाता है। उन्होंने कहा कि धीरता आत्मा का गुण है। उन्होंने कहा कि शूरता शरीर का, धीरता आत्मा का व वीरता मन के बल हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम धीरशाली हैं और वे प्रजा के हित को ही अपना हित मानते हैं। बुद्धिमान, मतिमान एवं प्रतिभावान इन तीनों में श्री राघवेंद्र सरकार पारंगत हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम सर्वप्रिय हैं। उनके धैर्य, साहस, संयम, त्याग व प्रेम का हर किसी ने सम्मान किया। हिंदू धाम में व्यासपीठ से कथा का महत्त्व बताते हुए पूज्य ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास दास वेदांती जी ने कहा कि परमात्मा से सतत संबंध होने पर जीव काल व समय के प्रभाव से मुक्त हो जाता है। इसी रहस्य के बल पर मुनियों ने जंगलों में काल को वश में कर हजारों वर्षो तक तप किया। अयोध्या के सूर्यवंशी राजा ने जीवन के दो पल में एक मे अपना राज्य पुत्र को सौंप दिया व दूसरे पल में वे ईश्वर में ध्यानस्थ हो मुक्त हो गए। उन्होंने कहा कि काल सदैव सतर्क है पर जो प्रभु की शरण में आ जाता है उसे काल का भय नहीं रहता। हमारे संतों ने ऐसा करके ही इच्छामृत्यु का गौरव बार-बार हासिल किया।महोत्सव का संयोजन महंत राघवेश दास वेदांती जी कर रहें।