: निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है: रामप्रपन्नाचार्य
Fri, May 24, 2024
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में बह रही श्रीमद् भागवत कथा की रसधार
व्यासपीठ का पूजन करते हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महराज व रोहित शास्त्री
स्वामी रामप्रपन्नाचार्य महाराज आचार्य कुटी श्रीधाम वृंदावन के भक्तों ने किया हनुमानगढ़ी का विशाल भंडारा
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार श्री हनुमान बाग मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के द्धितीय दिवस पर स्वामी रामप्रपन्नाचार्य महाराज आचार्य कुटी श्रीधाम वृंदावन ने कहा कि सत्यं परमं धीमहि इस संसार में एक ईश्वर ही सत्य है जो दिख रहा है वह केवल वह प्रभु की माया है। भागवत की उत्पत्ति के बारे में बताया सुखदेव भगवान को श्री व्यास जी महाराज ने भागवत को प्रदान किया वही भागवत कथा आज हम सब को सुनने को मिल रही है। स्वामी रामप्रपन्नाचार्य जी ने बताया कि परमात्मा इस संसार में अपने भक्तों की रक्षा के लिए अनेक, अनेक अवतार लेकर आते भागवत में चौबीस अवतारो के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के लिए सबकुछ करने के लिए तैयार रहते है। उदाहरण में पांडवो के लिए भगवान सारथी बने। महाभारत की कथा में के बारे में भी महाराज जी ने कहा कि कौरव और पांडवों के युद्ध में विजय सत्य की ही होती है। जिसके रक्षक प्रभु होते हे उसे इस संसार में कोई नहीं हरा सकता। स्वामी जी ने पांडवों की कथा को बताया अपने कल्याण के लिए परमात्मा की भक्ति ही एक उपाय हे भक्ति को दो प्रकार की बताया निष्काम भक्ति और सकाम भक्ति। निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है।श्रीमद् भागवत कथा की अध्यक्षता हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महराज कर रहें। आज कथा से पूर्व स्वामी रामप्रपन्नाचार्य जी के भक्तों ने विशाल भंडारे का आयोजन किया जिसका संयोजन हनुमान बाग सेवा संस्थान ने किया। आये हुए अतिथियों का स्वागत महंत जगदीश दास महाराज के दिशानिर्देशन में सुनील दास व रोहित शास्त्री ने किया। इस मौके पर निर्वाणी अनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, महंत धर्मदास, गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास महाराज के शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास,महंत बलराम दास, महंत नंदराम दास, महंत राजेश दास पहलवान,वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, समाजसेवी महंत मामा दास, उपेंद्र दास, लवकुश दास, नितिन दास सहित बड़ी संख्या में नागा साधु संत मौजूद रहें। कथा में कमलेश सुषमा बसेड़िया, नितिन आरती बसेड़िया, सनत, सनातन बसेड़िया, कटारे परिवार, दीक्षित परिवार, शर्मा परिवार उपाध्याय परिवार, श्रोती परिवार, रेडियेंट परिवार व मारुतिनंदन परिवार विशेष रूप से मौजूद रहें।
: श्री रघुनाथ भवन के महंत बने बाबा अंगद दास
Fri, May 24, 2024
अयाेध्यानगरी के संत-महंताें ने साधुशाही परंपरानुसार उन्हें कंठी, चद्दर, तिलक देकर महंती की दी मान्यता
अयाेध्या। रामनगरी के श्री रघुनाथ भवन का नया महंत बाबा अंगद दास काे बनाया गया। गुरुवार को एक महंताई समाराेह के दरम्यान अयाेध्यानगरी के संत-महंताें ने साधुशाही परंपरानुसार उन्हें कंठी, चद्दर, तिलक देकर महंती की मान्यता की। साथ ही साथ महज्जरनामा पर हस्ताक्षर भी किया। बाबा अंगद दास के सेवा भाव व ईश्वर के प्रति उनकी आस्था को देखते हुए महान्त श्री राम गुनीश्वर दास जी ने अपने साधक चेला बाबा अंगद दास के पक्ष में रजिस्टर्ड तकरूर सखराहकारी दस्तावेज लिखकर उक्त स्थान श्री रघुनाथ भवन लक्ष्मण घाट का महान्त व सरवराहकार नियुक्त कर दिया। महंत राम मुनीश्वर दास जी ने रामानन्दीय वैरागी परमारा के अनुसार बाबा अंगद दास को कन्ठी, चादर व तिलक लगाकर गद्दी पर आसीन कर विधिवत महन्थ नियुक्त कर यह महज्जर नागा लिख दिया। जिसमें संताें व सद् गृहस्थाें ने महंत अंगद दास काे श्री रघुनाथ भवन का महंत एवं सर्वराहकार घाोषित किया। नवनियुक्त महंत अंगद दास ने कहा कि वह अपने समस्त दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन करेंगे। साथ ही मंदिर की सम्पूर्ण सम्पत्तियाें काे अक्षुण्ण बनाए रखने का आजीवन सतत प्रयत्न करते रहेंगे। अंत में आए हुए संताें का अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत-सत्कार किया। महंताई समाराेह में खाक चौक के श्रीमहंत बृजमोहन दास, महंत सीताराम दास, महंत रामप्रवेश दास, महंत बालयोगी रामदास, महंत अवध किशोर शरण,सरपंच रामकुमार दास, महंत बलराम दास, छविराम दास बड़े हनुमान आदि उपस्थित रहे।
: भक्ति करने का उत्तम साधन है श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करना: रामप्रपन्नाचार्य
Thu, May 23, 2024
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में शुरु हुआ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ, मंदिर से निकली शोभायात्रा मां सरयू का हुआ विधिवत पूजन
अयोध्या। प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आज वैशाख शुक्ल चतुर्दशी को भव्य शुभारंभ हुआ। जिसका समापन ज्येष्ठ कृष्ण पष्ठी तक होगा। कथा से पूर्व मंदिर से विशाल कलश यात्रा शोभायात्रा के रुप में निकली। यहां शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए मां सरयू के पावन तट पहुंची, जहां पर मां सरयू का पूजन वैदिक आचार्यों द्धारा किया गया। शोभायात्रा पुनः हनुमान बाग मंदिर वापस पहुंची। व्यास पीठ पर विराजमान स्वामी रामप्रपन्नाचार्य महाराज आचार्य कुटी श्रीधाम वृंदावन ने श्रीमद् भागवत का मंगलाचरण करते हुए कहा कई जन्मों के संचित पुण्य उदित होते हैं तब सप्तपूरियों में प्रतिष्ठित श्री अवधपुरी में भगवान के जीवन चरित्र को सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। इस कली काल में भक्ति करने का उत्तम साधन है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करना प्रभु के नाम का चिंतन स्मरण करना एवं परोपकार की भावना से कार्य करना हम सभी जीव धन्य हैं जो देव दुर्लभ भारत भूमि में हम सब ने जन्म लिया है। स्वामी रामप्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि मनुष्य के स्वरूप को पाया है यह वह पवित्र भूमि है जिसका गुणगान देवगण स्वर्ग लोक में भी करते हैं। श्रीमद्भागवत कथा से ईह लौकिक एवं पारलौकिक सुखों की प्राप्ति होती है शरणागत रक्षक है।प्रभु मां उत्तरा के गर्भ में भागवत के उत्तम श्रोता महाराज परीक्षित की प्रभु ने रक्षा की। महोत्सव की अध्यक्षता हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज व देखरेख पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री कर रहें।कथा में कमलेश सुषमा बसेड़िया, नितिन आरती बसेड़िया, सनत, सनातन बसेड़िया, कटारे परिवार, दीक्षित परिवार, शर्मा परिवार उपाध्याय परिवार, श्रोती परिवार, रेडियेंट परिवार व मारुतिनंदन परिवार विशेष रूप से मौजूद रहें।