: हिंदू धाम में श्रीमद् भागवत कथा का उल्लास चरम पर
बमबम यादव
Wed, Mar 1, 2023
जिसकी साधना में निरंतरता होगी, उसी की उपासना भी सफल होगी: वेदांती जी

अयोध्या। भगवान की कोई आकृति नहीं होती है। भक्त जिस भाव से प्रभु में अपनी आस्था रखता है भगवान उसी स्वरूप में भक्त के समक्ष प्रकट होते हैं। यह बात बुधवार को रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ हिंदू धाम मंदिर में भव्य कथा का संयोजन श्री महाराज जी के शिष्य वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत डॉ राघवेश दास वेदान्ती महाराज कर रहें। श्रीमद् भागवत कथा में वशिष्ठ पीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि राम विलास वेदांती महाराज ने कहा कि व्यक्ति को कर्म में निरंतरता बनाकर रखना चाहिए निरंतरता होने से ही सफलता प्राप्त होती है। अभ्यास के द्वारा मुढ़ से मुढ़ व्यक्ति भी विद्वान बन सकता है जिसकी साधना में निरंतरता होती है उसी की उपासना भी सफल होती है। उन्होंने कहा कि कभी भी स्वयं की तुलना दूसरों से न करें अपने भाग्य की तुलना दूसरों से कर व्यक्ति व्यर्थ ही तनाव लेता है। परमात्मा भाग्य का चित्र अवश्य बनाता है मगर उसमें कर्म रूपी रंग तो व्यक्ति स्वयं भरता है। स्वामीजी ने कहा कि हर परिस्थिति में व्यक्ति को प्रसन्न रहना चाहिए कर्म में निरंतरता बनाकर के रखना चाहिए और यह सूत्र अपने जीवन में उतार ले ईश्वर कृपा से जो प्राप्त है वह पर्याप्त है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान राम किशोर पाण्डेय गिरिडीह धनबाद ने किया है। इस मौके पर हिंदू धाम के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।

Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन