Tuesday 3rd of November 2026

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वेद वेदांत का परिपक्व फल है श्रीमद् भागवत कथा: यादराम शास्त्री : प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में श्रीमद् भागवत सेवा समिति टिमरनी हरदा मध्यप्रदेश के तत्वावधान में हो रहा कथा

वेद वेदांत का परिपक्व फल है श्रीमद् भागवत कथा: यादराम शास्त्री

प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में श्रीमद् भागवत सेवा समिति टिमरनी हरदा मध्यप्रदेश के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा की बह रही रसधार

अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में श्रीमद्भागवत कथा की रसमयी वर्षा हो रही है। श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस में व्यासपीठ पर विराजमान प्रख्यात कथावाचक यादराम शास्त्री पूर्णानंद आश्रम गोवर्धन मथुरा ने कथा का विस्तार करते हुए कहा 5 वर्षीय अबोध बालक ध्रुव की तरह अविरल भक्ति जब साधक के मन में व्याप्त हो जाती है तब वह साधक भगवत धाम को प्राप्त करता है। यादराम शास्त्री ने पापी अजामिल की कथा का श्रवण कराते हुए कहा जन्म से ही पाप कर्म में लीन अजामिल प्रभु भक्ति में लीन संत जनों की कृपा पाकर के भगवान के धाम को प्राप्त करता है। वेद वेदांत का परिपक्व फल है श्रीमद् भागवत कथा। मनुष्य जन्म को प्राप्त करके प्रभु के बताए हुए मार्ग का अनुसरण करके सभी साधक भक्तजन सभी सुखों को प्राप्त कर सकते हैं। शास्त्री जी ने कहा कि हिरण्यकश्यप ने घोर तप किया ब्रह्मा जी से वरदान भी प्राप्त किया लेकिन साधक भक्तों के मन में यदि अभिमान व्याप्त हो जाता है तो वह साधक भक्त भी भक्ति मार्ग से अलग हो जाता है और पाप कर्म में लीन हो जाता है। हिरण्यकशिपु के पुत्र बालक प्रहलाद मां के गर्भ में ही देवर्षि नारद से नवधा भक्ति का श्रवण करने के प्रभाव से अनेकों यातनाएं पिता से पाकर भी भक्ति मार्ग को नहीं छोड़ते हैं। प्रह्लाद जी की दृढ़ भक्ति को देख कर भगवान भक्त प्रहलाद को बचाने नरसिंह रूप धारण करके दुष्ट हिरण्यकशिपु का वध करते हैं। सुखदेव जी महाराज से कथा का श्रवण करके राजेंद्र परीक्षित जी का विश्वास और भी दृढ़ हो गया।कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान ने किया। कार्यक्रमकी अध्यक्षता हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने किया। कार्यक्रम का संयोजन पुजारी योगेंद्र दास,सुनील दास,रोहित शास्त्री व नितेश शास्त्री कर रहें है।

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