Wednesday 4th of November 2026

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वेद वेदांत का परिपक्व फल है श्रीमद् भागवत कथा: आशीष जी : प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा की बह रही रसधार

वेद वेदांत का परिपक्व फल है श्रीमद् भागवत कथा: आशीष जी

प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा की बह रही रसधार

अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा की रसमयी वर्षा हो रही है। श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस में व्यासपीठ पर विराजमान राजस्थान के प्रख्यात कथावाचक आशीष जी ने कथा का विस्तार करते हुए कहा 5 वर्षीय अबोध बालक ध्रुव की तरह अविरल भक्ति जब साधक के मन में व्याप्त हो जाती है तब वह साधक भगवत धाम को प्राप्त करता है। आशीष जी ने पापी अजामिल की कथा का श्रवण कराते हुए कहा जन्म से ही पाप कर्म में लीन अजामिल प्रभु भक्ति में लीन संत जनों की कृपा पाकर के भगवान के धाम को प्राप्त करता है। वेद वेदांत का परिपक्व फल है श्रीमद् भागवत कथा। मनुष्य जन्म को प्राप्त करके प्रभु के बताए हुए मार्ग का अनुसरण करके सभी साधक भक्तजन सभी सुखों को प्राप्त कर सकते हैं।कथा व्यासजी ने कहा कि हिरण्यकश्यप ने घोर तप किया ब्रह्मा जी से वरदान भी प्राप्त किया लेकिन साधक भक्तों के मन में यदि अभिमान व्याप्त हो जाता है तो वह साधक भक्त भी भक्ति मार्ग से अलग हो जाता है और पाप कर्म में लीन हो जाता है। हिरण्यकशिपु के पुत्र बालक प्रहलाद मां के गर्भ में ही देवर्षि नारद से नवधा भक्ति का श्रवण करने के प्रभाव से अनेकों यातनाएं पिता से पाकर भी भक्ति मार्ग को नहीं छोड़ते हैं। प्रह्लाद जी की दृढ़ भक्ति को देख कर भगवान भक्त प्रहलाद को बचाने नरसिंह रूप धारण करके दुष्ट हिरण्यकशिपु का वध करते हैं। सुखदेव जी महाराज से कथा का श्रवण करके राजेंद्र परीक्षित जी का विश्वास और भी दृढ़ हो गया।कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान द्धारा किया गया। महोत्सव की अध्यक्षता हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज कर रहें। महोत्सव की देखरेख पुजारी योगेंद्र दास, मंदिर के अधिकारी सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहे है। कार्यक्रम में मुख्य रुप से जितेंद्र झालानी नवल किशोर झालानी सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहें।

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