Wednesday 4th of November 2026

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संतों का सानिध्य साधना को देता है नई दिशा : महंत अवधेश दास : बीके बहनों ने बड़े भक्तमाल मंदिर पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास महाराज को रक्षासूत्र बांधा और उनका आशीर्वाद लिया

संतों का सानिध्य साधना को देता है नई दिशा : महंत अवधेश दास

बीके बहनों ने बड़े भक्तमाल मंदिर पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास महाराज को रक्षासूत्र बांधा और उनका आशीर्वाद लिया

अयोध्या। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर रविवार को ब्रह्माकुमारी बहनों ने रामघाट स्थित प्रसिद्ध पीठ श्री बड़े भक्तमाल मंदिर पहुंचकर पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास महाराज को रक्षासूत्र बांधा और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बीके मुकेश के संरक्षण में पहुंचीं बहनों ने सबसे पहले महंत अवधेश दास महाराज का तिलक किया। इसके बाद रक्षासूत्र बांधकर मंगलकामना की। महंत ने सभी बहनों को आशीर्वाद देने के साथ उपहार भी भेंट किए।इस अवसर पर महंत अवधेश कुमार दास ने कहा कि संयम, नियम और साधना का पालन करने वाले व्यक्ति को संतों के संरक्षण में रहना चाहिए। संतों का आशीर्वचन प्राप्त करने से मन को शांति मिलती है और साधक एकाग्रता की स्थिति प्राप्त कर सकता है। संत का जीवन स्वयं साधना का प्रतीक है। साधना के माध्यम से ही व्यक्ति धीरे-धीरे भगवत प्राप्ति के मार्ग पर आगे बढ़ता है।उन्होंने कहा कि जब भगवत साधना करने वाले लोग संतों के सानिध्य में पहुंचते हैं तो संत भी उन्हें भगवत प्राप्ति के मार्ग पर आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं। अयोध्या संतों की तपोभूमि है। यहां आने वाले ब्रह्माकुमारी बहनों और ब्रह्मकुमारों को संतों के सानिध्य में रहकर उनके आशीर्वचन प्राप्त करते रहना चाहिए। इससे आध्यात्मिक साधना को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है।रक्षाबंधन के इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों और बीके मुकेश ने महंत अवधेश कुमार दास महाराज को विशेष रूप से शंख भेंट किया। बताया गया कि इस शंख में चंदन और इत्र रखा जा सकता है। शंख भेंट किए जाने पर महंत ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए मंगलमय जीवन का आशीर्वाद दिया।

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