Tuesday 3rd of November 2026

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: प्रथम आचार्य की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ

बमबम यादव

Wed, Jan 17, 2024

नवाह पारायण पाठ, विशाल अन्नक्षेत्र के साथ वैदिक आचार्य डालेंगे यज्ञ कुंड में आहुतियां

भक्ति, श्रद्धा, समर्पण और प्रेम का प्रतीक है झुनझुनिया बाबा आश्रम

आज से प्रख्यात कथावाचक सियाराम किला के अधिकारी व्यासपीठ से करेंगे श्रीराम कथा की अमृत वर्षा

अयोध्या। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की धराधाम को सन्तो की सराह भी कही जाती है। या हम यूं कह ले कि रामनगरी में अनेक भजनानन्दी सन्त हुये उनमें से एक रहे विभूषित जगदगुरू स्वामी श्री जानकी शरण झुनझुनिया बाबा जो रामनाम के सच्चे साधक के रूप में न सिर्फ अयोध्या अपितु पूरे भारत में रामनाम की अलख जगायी।
झुनझुनिया बाबा का नाम अयोध्या के सिद्ध संतों में शामिल है। बाबा को सीता जी की सखी चंद्रकला का अवतार कहा जाता है। यही वजह थी कि बाबा हमेशा स्त्री रूप में रहते थे और राम धुन में लीन रहते थे। रसिक भाव से श्रीराम नाम का प्रचार कर उसे जनमानस के हृदय में प्रतिष्ठित करने वाले स्वामी जानकी शरण महाराज उर्फ झुनझुनिया बाबा की गिनती अयोध्या के सिद्ध संतों की अग्रणी पंक्ति में की जाती है। महाराजश्री को सीता जी की सहेली चंद्रकला का अवतार माना जाता है। उन्होंने सरयू के तट पर जहां तपस्या की थी। वहां सियाराम किला भव्य मंदिर बना हुआ है। वही इन दिनों अयोध्या जी में भगवान रामलला का भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव हो रहा है जिसको लेकर पूरे देश ही नही पूरे विश्व में रामनाम का डंका बज रहा है। हर कोई रामरस में गोता लगा रहा है। तो वही सियाराम किला झुनकी घाट के प्रथम आचार्य पीठाधीश्वर मिथिला शरण जी महाराज के प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव पौष शुक्ल द्वादशी 22 जनवरी को होगी। जिसको लेकर मंदिर में 17 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ श्रीराम कथा से प्रारंभ हो जाएगा। श्रीराम कथा अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता स्वामी प्रभंजनानंद शरण महाराज 17 जनवरी से कहेंगे। 17 जनवरी को कलश यात्रा पंचांग पूजन कर्म कुटी संस्कार, 18 जनवरी को बेदी पूजन, जलाधिवास, अन्नाधिवास, 21 जनवरी को वेदी पूजन, महा स्नान, नगर भ्रमण, शय्याधिवास, 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा हवन पूजन पूर्णाहुति एवं 23 जनवरी को विशाल भंडारा होगा। वहीं प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं समेत सभी रामभक्तों के लिए प्रतिदिन प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है। यह पूरा आयोजन मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत करुणानिधान शरण महाराज के संयोजन में हो रहा है।

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