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: श्रावण महीने में शीघ्र प्रसन्न होते हैं भगवान शिव: महंत जनार्दन दास

बमबम यादव

Mon, Aug 12, 2024
तुलसीदास जी की छावनी में भगवान शंकर का हुआ रुद्राभिषेक, पूजन अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार तुलसीदास जी की छावनी में सावन उत्सव का उल्लास छाया है। मंदिर में भगवान शंकर का रुद्राभिषेक पूजन किया गया। मंदिर के महंत जनार्दन दास जी महाराज के संयोजन में पूजन कार्यक्रम हुआ।महंत जनार्दन दास ने कहा कि हिंदू धर्म में श्रावण मास का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यह महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। इस महीने भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। मान्यता है कि पार्वती ने शिव को वर के रूप में प्राप्त करने के लिए इसी महीने तपस्या की थी। शिव के पूजन से लंबी आयु, सुख, समृन्द्धि और मनोवांछित जीवन साथी मिलता है।उन्होंने कहा कि भगवान शिव श्रावण में ही शिवलिंग के रूप में पृथ्वी पर प्रकट हुए थे। शिव भारतीय संस्कृति को संजीवनी प्रदान करने वाले देव हैं। शिव को कल्याण का प्रतीक माना जाता है। शिव शब्द के उच्चारण एवं ध्यान मात्र से ही आनंद मिलता है। श्रावण में प्रत्येक सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। महंत जनार्दन दास ने कहा कि पुराणों के अनुसार इस माह रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। श्रावण में 11 रुद्र की 11 दिन पूजा करने से विशेष फल मिलता है। शिवलिंग का दूध, धतूरा, बिल्व पत्र व पांच फलों के रस से अभिषेक करना लाभ देता है। श्रावण में ज्योतिर्लिंग के दर्शन व पूजन से पाप कटते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रावण में चारों ओर हरियाली होती है। प्रकृति इस महीने नया श्रृंगार करती है। शिवालयों की बड पोटों से वातावरण में ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। इस महीने हम अंदर से खुद को और सशक्त एवं सक्षम कर सकते हैं।

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