: भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने हेतु 7 नवंबर से होगा आमरण-अनशन: जगद्गुरु परमहंस आचार्य
Wed, Oct 4, 2023
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ काे भेजा पत्र
कहा, भारत काे जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए, अगर ऐसा नही हाेता है ताे अन्न-जल का परित्याग कर करेंगे आमरण-अनशन
अयाेध्या। अयाेध्याधाम स्थित आचार्य पीठ तपस्वी जी की छावनी, रामघाट के जगद्गुरु स्वामी परमहंस आचार्य भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने हेतु आगामी 7 नवंबर से आमरण-अनशन करेंगे। इस संबंध में उन्होंने मंगलवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ काे एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि भारत काे जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। अगर ऐसा नही हाेता है। ताे वह अन्न-जल का परित्याग कर आमरण-अनशन करेंगे। अपने आश्रम पर प्रेसवार्ता के दाैरान जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि भारत काे संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए वह 7 नवंबर 2023 से आमरण-अनशन करने जा रहे हैं। इसकी पूर्व में कई बार सूचना पत्र के माध्यम से राष्ट्रपति द्राेपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत तमाम आलाधिकारियों काे दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश में सनातन धर्म काे समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। आज बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लाेग सनातन धर्म पर कुठाराघात कर रहे हैं। कुछ दिनों से सनातन धर्म पर जिस तरह हमला हाे रहा है। उसका सिर्फ एक ही उपाय है, जिस प्रकार कश्मीर में धारा 370 समाप्त कर दिया गया। ठीक उसी तरह भारत काे भी संवैधानिक रूप हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। जब भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हाेगा। तभी हमारा संविधान, संस्कृति और देश बचेगा। भारत में 80 प्रतिशत लोग सनातन धर्म काे मानने वाले हैं। हिंदू व सनातन धर्म का आस्तित्व हिंदू राष्ट्र से है। इसलिए भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काे पत्र भेजा है, जिसमें मांग किया है कि 6 नवंबर तक देश काे हिंदू घाेषित किया जाए। नही ताे 7 नवंबर से अन्न-जल का परित्याग कर मैं अपने तपस्वी छावनी आश्रम पर सुबह 4 बजे से आमरण-अनशन करूंगा। हिंदू राष्ट्र के लिए मुझे देश के सभी हिंदूवादी संगठनों का समर्थन मिल रहा है, जिसके समर्थन में 7 नवंबर को भारत के काेने-काेने से लाखाें हिंदू अयोध्या पहुंच रहे हैं। जाे आमरण-अनशन में सम्मिलित होकर हिंदू राष्ट्र के लिए अपना समर्थन देंगे।
: श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से ही कट जाते हैं सारे पाप :अशोकाचार्य
Wed, Oct 4, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में श्रीमद्भागवत कथा की हो रही अमृत वर्षा
कथाव्यास पं अशोकाचार्य का स्वागत हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने किया, कथा में उमड़ा भक्तों का हुजूम
जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में चल रहा श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ हो रही है। जिसमें कथा व्यास पंडित अशोकाचार्य जी है। कथा का शुभारंभ आज समारोह पूर्वक किया गया। इस उपलक्ष्य में मंदिर से विशाल शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ निकली। यह महोत्सव महंत जगदीश दास महाराज के पावन अध्यक्षता में हो रहा है। कथा के प्रथम दिवस पंडित अशोकाचार्य जी ने कहा कि जन्मांतरे यदा पुण्यं तदा भागवतं लभेत! अर्थात जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है तब जीवमात्र को ऐसे सुअवसर प्राप्त होते है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से ही कट जाते हैं सारे पाप। व्यासपीठ से कथा का महत्व समझाते हुए पं अशोकाचार्य जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी से पापी व्यक्ति भी पाप से मुक्त हो जाता है। महाराज श्री ने प्रथम दिवस पर देवपूजन, श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य बताते हुए कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानव जाति तक पहुंचता रहा है। भागवत महापुराण यह उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है जो वेदों से प्रवाहित होती चली आ रही है। इसीलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। उन्होंने श्रीमद् भागवत महापुराण की व्याख्या करते हुए बताया कि श्रीमद् भागवत अर्थात जो श्री से युक्त है, श्री अर्थात चैतन्य, सौंदर्य, ऐश्वर्या, भागवत: प्रोक्तम् इति भागवत भाव कि वो वाणी, जो कथा जो हमारे जड़वत जीवन में चैतन्यता का संचार करती है। जो हमारे जीवन को सुंदर बनाती है वो श्रीमद्भागवत कथा जो सिर्फ मृत्युलोक में ही संभव है। और साथ ही यह एक ऐसी अमृत कथा है जो देवताओं के लिए भी दुर्लभ है इसलिए परीक्षित ने स्वर्ग अमृत के बजाए कथामृत का वरण किया किस स्वर्गामृत का पान करने से पुन्यों का क्षय होता है पापों का नहीं। कितु कथा अमृत का पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है कथा के दौरान उन्होंने वृंदावन का अर्थ बताते हुए कहा कि वृंदावन इंसान का मन है। कभी-कभी इंसान के मन में भक्ति जागृत होती है। परंतु वह जागृति स्थाई नहीं होती। इसका कारण यह है कि हम ईश्वर की भक्ति तो करते हैं पर हमारे अंदर वैराग्य व प्रेम नहीं होता है। इसलिए वृंदावन में जाकर भक्ति देवी तो तरुणी हो गई पर उसके पुत्र ज्ञान और वैराग्य अचेत और निर्बल पड़े रहते हैं। इसमें जीवन्तता और चैतन्यता का संचार करने हेतु नारद जी ने भागवत कथा का ही अनुष्ठान किया। यह महोत्सव जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में हो रहा है। जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी एडवोकेट दिनेश शर्मा, एडवोकेट ओपी गुप्ता व एडवोकेट दिनेश गुप्ता ने सयुंक्त रुप से बताया कि चैरिटेबल ट्रस्ट द्धारा विगत 10 वर्षों से लगातार तीर्थों में रामकथा व भागवत कथा कराते है जिसमें जयपुर राजस्थान के 200 भक्त शामिल होते है। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, नैमिषारण्य, चित्रकूट, प्रयागराज, काशी, द्धरिकापुरी सहित सभी तीर्थों में कथा कराते है। आज कथा के शुभारंभ पर हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने कथाव्यास पं अशोकाचार्य गंगापुर सिटी वाले का शाल भेंट कर स्वागत किया। श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ का समापन मंगलवार 9 अक्टूबर सोमवार को होगा। महोत्सव की देखरेख हनुमान बाग के पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहे है।
: संकटमोचन सेना ने हनुमानगढ़ी मंदिर में चलाया स्वच्छता अभियान
Mon, Oct 2, 2023
संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज ने कहा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया
अयोध्या। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पूर्व संध्या पर संकट मोचन सेना की तरफ से सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। यह आयोजन स्वच्छता कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था। स्वच्छता अभियान का नेतृत्व संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज ने किया। उनके नेतृत्व में संतों द्वारा हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर व सीढ़यों पर साफ-सफाई किया गया। संतों ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर झाडू लगाया। इस मौके पर संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उसी कार्यक्रम के तहत हम संतों ने हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर और सीढ़यों पर स्वच्छता अभियान चलाया अभियान के अनुसार मंदिर की सीढ़ियों एवं उसके आस-पास की जगहों पर साफ-सफाई किया व झाडू लगाया गया। स्वच्छता अभियान में आचार्य सत्यदेव दास, पहलवान राजेश दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास,श्रीराम दास,शिवम श्रीवास्तव आदि संत शामिल रहे।