: यूपी सरकार की पूरी कैबिनेट पहुंची अयोध्या धाम
Fri, Nov 10, 2023
रामकथा संग्रहालय में हुई योगी कैबिनेट बैठक
राम नगरी के विकास के लिए कई प्रस्तावों को दी गई मंजूरी
रामलला व हनुमानजी के दरबार में योगी कैबिनेट ने टेका थामा, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने कराया पूजन
अयोध्या। सूबे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में अन्तर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय अयोध्या में योगी कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा है। यूपी सरकार की पूरी कैबिनेट अयोध्या धाम आई है। उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर आज अहम 14 फैसले हुये। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की 30,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की 178 योजनाएं पहले से ही अयोध्या में चल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2017 में शपथ ग्रहण के बाद लगातार अयोध्या के दौरे करते रहे हैं। यहां पर हर साल दिवाली के अवसर पर होने वाला दीपोत्सव विश्व भर में नगर की पहचान बन चुका है तथा अयोध्या आज पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बनी है। अयोध्या में मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में 14 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। आज कैबिनेट बैठक में 14 महत्वपूर्ण प्रस्ताव लाए गए। पहला प्रस्ताव उत्तर प्रदेश में अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की स्थापना का था। हमने राज्य स्तर पर इस प्राधिकरण को बनाने का निर्णय लिया है। योगी सरकार की अयोध्या में हुई पहली कैबिनेट बैठक में राम नगरी के विकास के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारा संकल्प है कि अयोध्या को विश्व मानचित्र पर नई पहचान मिले इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और आज भी कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। जिसमें अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के गठन को मंजूरी दी गई है, अयोध्या के माझा जमथरा गांव में 25 एकड़ भूमि पर भारतीय मंदिर वास्तुकला संग्रहालय की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी, इनलैंड वाटर वे प्राधिकरण के गठन के संबंध मे प्रस्ताव को मंजूरी, मां पटेश्वरी देवीपाटन विकास परिषद गठन को मंजूरी, मुजफ्फरनगर में शुकतीर्थ विकास परिषद के गठन को मंजूरी, अयोध्या शोध संस्थान को अंतराष्ट्रीय रामायण वैदिक शोध संस्थान के रूप मे विस्तारित करके स्थापित करने को मंजूरी, हाथरस मे दाऊजी लक्खी मेला को प्रांतिकरण करने का निर्णय। अयोध्या के सभी मेलो को प्रांतीय करण करने के प्रस्ताव को मंजूरी, बुलंदशहर मे गंगा मेला का प्रांतीय करण व बनारस में देव दीपावली आयोजन का प्रांतीय करण करने के प्रस्ताव को मंजूरी, प्रदेश मे महिला स्वयंसेवी समूहों को उनके ही ब्लॉक मे प्लांट लगाने के संबंध मे प्रस्ताव को मंजूरी, ड्रोन पॉलिसी को मंजूरी, राज्य स्तर पर नियमावली लागू करने के संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी, शीतकालीन सत्र 28 नवंबर 2023 से बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। इस कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, महिला कल्याण मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य, गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविन्द शर्मा, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल नन्दी, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद, उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, मत्स्य मंत्री संजय निषाद, परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह आदि मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक का संचालन मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने संचालन किया तथा सम्बंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं मुख्य सचिव भी उपस्थित थे। जिसमें मुख्य रूप से अपर मुख्य सचिव एस0पी0 गोयल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मंत्रिपरिषद की बैठक में मौजूद रहे। उसके बाद मुख्यमंत्री जी द्वारा श्रीरामकथा संग्रहालय में प्रतिनिधियों से वार्ता की गयी तथा कैबिनेट में अनुमोदित प्रस्ताव की जानकारी दी गयी। इसके पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा अपने मंत्रिमण्डल के सहयोगियों के साथ परिवहन मिनी बस पर सवार होकर हनुमानगढ़ी एवं श्री रामलला का पूजन अर्चन किया तथा मंदिर निर्माण के कार्यो की जानकारी ली तथा सभी लोगों से 11 नवम्बर 2023 को आयोजित दीपोत्सव को सफल बनाने का आहवान किया।मुख्यमंत्री जी के हेलीपैड के आगमन के समय शासन एवं मण्डल तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने आगवानी की जिसमें प्रमुख रूप से अपर पुलिस महानिदेशक पीयूष मोडिया, मण्डलायुक्त गौरव दयाल, पुलिस महानिरीक्षक प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी नितीश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर, नगर आयुक्त विशाल सिंह, सूचना निदेशक शिशिर, अपर सूचना निदेशक अंशुमान राम त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी नगर सलिल कुमार पटेल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनुरूद्व प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह सहित अन्य मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थि थे। इस अवसर पर अयोध्या के मेयर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, विधायक रुदौली रामचंद्र यादव भी उपस्थित थे।
: हनुमान बाग में बह रही राम राज्याभिषेक कथा की रसधार
Fri, Nov 10, 2023
रामनगरी में महालक्ष्मी की कुमकुम पूजा की चर्चा चहुंओर, दक्षिण परम्परा के पूजा पद्धति से हो रहा अनुष्ठान
संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व में हनुमानगढ़ी के संतो का हुआ अभिनन्दन
हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज के साथ हनुमानगढ़ी के संत
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रतिष्ठित पीठ हनुमान बाग में दीपावली के पावन अवसर पर श्रीराम राज्याभिषेक महाकथा के चतुर्थ दिवस पर प्रातःकाल देवी पद्मावती की कुमकुम अर्चना महालक्ष्मी मंत्र से हुआ। जिसमें 10 वैदिक आचार्य अनवरत मंत्र जाप कर रहें। कर्नाटक के कृष्णा गिरि स्थित श्री पार्श्व पद्मावती शक्ति पीठ तीर्थ धाम के पीठाधीश्वर स्वामी वसंत विजय महाराज के श्रीमुख से श्रीराम राज्याभिषेक महाकथा में संत साधक गोता लगा रहें। कथा के चतुर्थ दिवस स्वामी बसंत विजय जी महाराज ने अहिल्या उद्धार जनकपुर दर्शन, धनुष भंग, और सीता राम विवाह का वर्णन किया। सीता राम विवाह को लेकर पूरे पंडाल को रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से सजाया गया था। उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं का आगमन सदैव मंगलकारी होता है, संतों से कभी कार्य की हानि नहीं होती, अपितु उनसे कार्य की सिद्धि होती है। उन्होंने कहा कि संतों के चरणों में समस्त तीर्थों का निवास होता है, क्योंकि संत के चरण तीर्थों में घूमते-रहते हैं, वो सभी जगह जाते हैं, इसलिए जब कभी भी संत आएं तो उनके चरणों को धो लेना चाहिए, क्योंकि उनके चरणों में सारे तीर्थों का स्पर्श पहले से ही विद्यमान रहता है। इसीलिए संतों को तीर्थंकर कहा जाता है। स्वामी वसंत विजय जी ने कहा कि तीर्थ तभी तीर्थ बनता है जब वहां संतों के चरण पड़ जाते हैं, अगर तीर्थों में संत ना जाएं, केवल सामान्य लोग ही जाएं तो वो तीर्थ, तीर्थ नहीं होता। भागवत में गंगाजी की महिमा का वर्णन है, जिसमें गंगाजी कहती हैं मेरे अंदर बडे़-बड़े संत महात्माओं के डुबकी लगाने से लाखों लोगों को पवित्र करने का सामर्थ्य पैदा हो जाता है। इसीलिए आज भी कुंभ में संत-महात्माओं पहले शाही स्नान इसलिए करते हैं, ताकि संतो के नहाने से उस गंगा में लाखों लोगों को पवित्र करने का सामर्थ्य पैदा हो जाए। ये भागवत शास्त्र में लिखा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि जिसके घर के दरवाजे पर संतों के चरण नहीं धोये जाते हों और संतों के चरण के धोने से वहां की जमीन ना भीगती हो, द्वार पर संतों का चरण प्रक्षालन नहीं होता है वो घर शमशान के समान है। संत महात्मा और विद्वान पुरूषों का सबसे बड़ा सम्मान विनम्रतापूर्वक उनको प्रमाण करना ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। प्रमाण से बड़ा कोई सम्मान नहीं होता। लेकिन वो प्रणाम बनावटी नहीं यथार्थ हो। नमस्कार पद की न्याय शास्त्र में व्याख्या है कि जिसको हम प्रणाम कर रहे हैं उसके सामने मेरा अपकर्ष और जिसको प्रणाम कर रहे हैं उसका उत्कर्ष। हमारी गतिविधि, क्रिया के द्वारा परिलक्षित हो। उसका नाम नमस्कार है। ये नमस्कार प्रणाम ये अंजली मुद्रा इतनी अद्भुत मुद्रा है, जिसके लिए शास्त्रो में कहा गया है कि ये मुद्रा ऐसी विलक्षण मुद्रा है कि एक क्षण में देवता को प्रसन्न कर देती है, लेकिन वो सच्चे मन से हो।
आज की कथा में हनुमानगढ़ी के संत महंत शामिल हुए। कथा में अपने विचार रखते हुए संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि वास्तविक स्वरूप को लोग समझें, वैदिक विद्वान जब बैठकर वेदध्वनि व पुराण का पारायण करते हैं, भगवान का मंत्रों द्वारा हवन होता है, एक दिव्य संदेश पूरी दुनिया को सनातन का संदेश जाता है। पूरे विश्व में सनातन धर्म एक धर्म ऐसा है जो अपने लिए नहीं जीता, बल्कि सारे विश्व के प्राणी मात्र की कल्याण की कामना करता है। ऐसा विस्तृत व व्यापक धर्म दुनिया में कहीं नहीं है। हम जितनी भी क्रिया करते हैं वा जग के कल्याण के लिए करते हैं।
इस मौके पर हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास, निर्वाणी अनि अखाड़ा के महंत मुरली दास, प्राचार्य डा महेश दास, महंत सत्यदेव दास, महंत बलराम दास, राजेश पहलवान, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने अपने विचार रखें। इस महाउत्सव को हनुमान बाग के महंत जगदीश दास महाराज का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। इस मौके पर मंदिर के व्यवस्थापक सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री सहित दक्षिण व देश के अन्य प्रदेशों से सौकड़ों भक्त इस महाउत्सव में शामिल हुए।
: हनुमान बाग में महालक्ष्मी का हो रहा है कुमकुम अर्चना
Thu, Nov 9, 2023
दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजन करने से मनुष्य के सभी दुख दूर हो जाते है: शक्तिपीठाधीश्वर
अयोध्या। भगवान श्री राम की नगरी में पहली बार दीपावली के अवसर पर महालक्ष्मी का हो रहा है कुमकुम से अर्चना और साथ में महालक्ष्मी मंत्र से प्रतिदिन हवन कुंड में डाली जा रही हैं आहुतियां 15 दिनों में वैदिक आचार्य द्वारा
दक्षिण भारत की सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसा हुआ नगर कृष्णगिरी कर्नाटक में स्थित पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज सानिध्य में वैदिक विद्वान कर रहे हैं पूजन।पूर्व जन्मों में शिव उपासक रहे सिद्ध पुरुष वसंत विजय महाराज पूर्व जन्म के साधना बल से शिव उपासना, भैरव उपासना एवं इस जन्म में पद्मावती साधना के साथ-साथ बिलासपुर के शंकराचार्य से दस महाविद्या की सम्पूर्ण दीक्षा लेकर विधिवत पूर्णाभिषेक भी प्राप्त कर शिव शक्ति उपासना के साधक व शिरोमणि बने। आपश्री के कठिन तप और साधना के प्रतिफल स्वरुप अनेकों सिद्धियाँ अनायास ही प्रकट हो गई और इस वर्ष तपस्वी तपोस्थली अयोध्या में महाराज का सानिध्य सभी को प्राप्त हो रहा है।
श्री राज्याभिषेक की कथा कहते हुए व्यास पीठ से बसंत विजय जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री राम कण-कण में व्याप्त हैं और उनके नाम से ही कल्याण हो जाता है लेकिन मनुष्य को प्रभु श्री राम के साथ मां भगवती लक्ष्मी स्वरूप सीता की भी उपासना करनी चाहिए क्योंकि शक्ति के बिना यह संसार अधूरा है और बिना शक्ति के कल्पना नहीं की जा सकती इसलिए कलयुग में सीताराम नाम उच्चारण से ही मनुष्य का कल्याण हो जाता है और व्यक्ति को सभी प्रकार की शक्तियां प्राप्त हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजन करने से मनुष्य के सभी दुख दूर हो जाते हैं। इस मौके पर हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास, हनुमानगढ़ी से नन्दराम दास,मामा दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री आदि लोग मौजूद रहें।