: हनुमानजी के प्रति छलका अनुराग, धूमधाम से मना जयंती उत्सव
Wed, Nov 15, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी में रहा उत्सव का माहौल, चहुंओर बह रही थी बधाईयां
केसरी टीला मधुर माधुरी कुंज में पवन पुत्र हनुमान के जयंती महोत्सव की रही धूम
अयोध्या। कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को रामनगरी में भगवान श्रीराम के अन्नय सेवक बजरंगबली की जयंती धूमधाम से मनाई गई । हनुमान जी के प्रति साधु-संतों और भक्तगणों का अनुराग छलका। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में गद्दीनशीन महंत प्रेमदास की सानिध्यता में हनुमान जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर हनुमानगढ़ी के गर्भगृह से पूरे परिसर को भांति-भांति के सुगंधित पुष्पों से सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनियों से हनुमानगढ़ी प्रांगण जगमगाता रहा। सुबह से लेकर देररात्रि तक भक्तगणों का जमावड़ा लगा रहा। भीड़ का तांता टूटने का नाम नही ले रहा था। रात्रि बजे भोग लगाकर बजरंगबली की भव्य आरती उतारी गई। उसके बाद प्रसाद वितरण हुआ। इस मौके पर निर्वाणी अनी के श्रीमहंत मुरली दास, संकटमोचन सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष संजय दास, महंत बलराम दास, महंत धर्मदास, डॉ. महेश दास, बाबा माधवदास, हेमंत दास, मामा दास, राजेश दास पहलवान, मनीराम आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार नजरबाग स्थित केसरी टीला मधुर माधुरी कुंज में पवन पुत्र हनुमान के जयंती महोत्सव की धूम रही। जहां पीठ के महंत वैदेही शरण महाराज के संयोजन में हनुमान जयंती हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई। रात्रि में पूजन- अर्चन, भोग बाद महाबली की भव्य अर्चन, भोग बाद महाबली की भव्य आरती उतारी। इस अवसर पर पीठ अधिकारी रामप्रिया शरण महाराज ने प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी मंदिर में बजरंगबली का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। साथ ही हनुमान भक्तों को प्रसाद भी वितरित हुआ। हनुमान जी महाराज अयोध्या के राजा हैं। जो अपने भक्तों का कल्याण करते हैं। उनकी कृपा दृष्टि हम सबके ऊपर बनी रहे । यह गदाधारी सरकार से कामना है। सिद्ध पीठ नाका हनुमानगढ़ी, हनुमानकिला रामघाट, प्रियाप्रीतम केलिकुंज, हनुमत निवास, हनुमत सदन, हनुमत भवन, हनुमान टेकरी, पंचमुखी हनुमान मंदिर समेत अन्य मंदिरों में हनुमत जयंती धूमधाम से मनी ।
: रामनगरी में मनाया गया अन्नकूट महोत्सव, भगवान को लगा छप्पन भोग
Tue, Nov 14, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में हुआ भगवान का विशेष श्रृंगार, महंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में भव्यता से मनाया गया महोत्सव
भगवान राम के लंका विजय कर लौटने की खुशी में दीपावली के दूसरे दिन उदय तिथि में अमावसा की वजह से मंगलवार को मना पारंपरिक उत्सव के रुप में अन्नकूट का पर्व
पूढ़ी, कचौड़ी, मालपुआ, चूरमा, कढी, दाल, खीर आदि के लगे छप्पन भोग
अयोध्या। लंका विजय कर लौटे भगवान राम की याद में रविवार की सायं दीपोत्सव के बाद सोमवार को उदय तिथि में अमावसा पढ़ने की वजह से अयोध्या के मंदिरों में महोत्सव अगले दिन यानि मंगलवार को धूमधाम से अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। भगवान को सभी मठ-मंदिरों में 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस दौरान भक्तों की भीड़ और जय-जयकार से रामनगरी का उत्साह चरम पर रहा। मान्यता है कि 14 साल वनवास और लंका विजय दौरान भगवान राजकीय सुख-सुविधा से सर्वथा दूर रहे, इसलिए अयोध्या आने पर उन्हें वैभव प्रदान करने में कोई कसर न छोड़ी जाय। इसी भाव के अनुरूप रामनगरी के हजारों मठ-मंदिरों में भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस बीच न केवल भगवान राम, माता सीता समेत चारों भाइयों को भोग लगाने में पूरा भाव व समर्पण अर्पित किया गया बल्कि भोग के बाद प्रसाद ग्रहण करने में भी उत्सव का माहौल रहा। तकरीबन सभी मंदिर भोज-भंडारे के उत्सव से आप्लावित रहे। उत्सव में दूरदराज से आने वाले भक्तों सहित स्थानीय श्रद्धालुओं ने पूरी शिद्दत से शिरकत की।
जिसमें सुबह से ही मणिराम छावनी, कनक भवन,जानकी महल ट्रस्ट,हनुमान बाग, रामलला सदन, हनुमानगढ़ी, झुनकी घाट, करतलिया बाबा आश्रम सहित सभी मंदिरों में छप्पन प्रकार के व्यंजन बनाये गए ,जिनकी महक से नगरी का वातावरण सुवासित हो उठा। प्रथम आरती के बाद भगवान को व्यंजनों का भोग लगाकर प्रसाद भक्तों में वितरित किया गया।अन्नकूट महोत्सव में प्रसाद पाने के लिए देश-विदेश के क्षेत्रों से आये श्रद्धालु पंक्ति बद्ध देखे गए। प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में महंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में भव्य दिव्य अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। महंत जगदीश दास जी कहते है कि यह परिदृश्य स्वाभाविक है, निश्चित रूप से भगवान के वन गमन के दौरान अयोध्या पूरे समय व्यथित रही होगी और भगवान जब पूरी कामयाबी से लौटे तो उनके स्वागत-सत्कार के बाद चैन की वंशी बजनी ही थी। कार्यक्रम में शामिल होने दर्जनों जिलों से हजारों भक्त शामिल हुए।व्यवस्था में सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री ,गोलू दास लगे रहें। आये हुए अतिथियों का स्वागत हनुमान बाग सेवा संस्थान ने किया।
: रामनगरी में मनाया गया अन्नकूट महोत्सव, भगवान को लगा छप्पन भोग
Tue, Nov 14, 2023
भगवान राम के लंका विजय कर लौटने की खुशी में दीपावली के दूसरे दिन उदय तिथि में अमावसा की वजह से मंगलवार को मना पारंपरिक उत्सव के रुप में अन्नकूट का पर्व
पूढ़ी, कचौड़ी, मालपुआ, चूरमा, कढी, दाल, खीर आदि के लगे छप्पन भोग
अयोध्या। लंका विजय कर लौटे भगवान राम की याद में रविवार की सायं दीपोत्सव के बाद सोमवार को उदय तिथि में अमावसा पढ़ने की वजह से अयोध्या के मंदिरों में महोत्सव अगले दिन यानि मंगलवार को धूमधाम से अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। भगवान को सभी मठ-मंदिरों में 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस दौरान भक्तों की भीड़ और जय-जयकार से रामनगरी का उत्साह चरम पर रहा। मान्यता है कि 14 साल वनवास और लंका विजय दौरान भगवान राजकीय सुख-सुविधा से सर्वथा दूर रहे, इसलिए अयोध्या आने पर उन्हें वैभव प्रदान करने में कोई कसर न छोड़ी जाय। इसी भाव के अनुरूप रामनगरी के हजारों मठ-मंदिरों में भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस बीच न केवल भगवान राम, माता सीता समेत चारों भाइयों को भोग लगाने में पूरा भाव व समर्पण अर्पित किया गया बल्कि भोग के बाद प्रसाद ग्रहण करने में भी उत्सव का माहौल रहा। तकरीबन सभी मंदिर भोज-भंडारे के उत्सव से आप्लावित रहे। उत्सव में दूरदराज से आने वाले भक्तों सहित स्थानीय श्रद्धालुओं ने पूरी शिद्दत से शिरकत की।
जिसमें सुबह से ही मणिराम छावनी, कनक भवन,जानकी महल ट्रस्ट,हनुमान बाग, रामलला सदन, हनुमानगढ़ी, झुनकी घाट, करतलिया बाबा आश्रम सहित सभी मंदिरों में छप्पन प्रकार के व्यंजन बनाये गए ,जिनकी महक से नगरी का वातावरण सुवासित हो उठा। प्रथम आरती के बाद भगवान को व्यंजनों का भोग लगाकर प्रसाद भक्तों में वितरित किया गया।अन्नकूट महोत्सव में प्रसाद पाने के लिए देश-विदेश के क्षेत्रों से आये श्रद्धालु पंक्ति बद्ध देखे गए। मणिराम दास छावनी में श्रीमहंत नृत्यगोपालदास जी महाराज के सानिध्य व महंत कमलनयन दास जी महाराज के संयोजन में धूमधाम से अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। जिसमें भगवान का विशेष पूजन अर्चन किया गया। छावनी में भक्तों की भारी भीड़ सुबह से ही लगी रही। सभी भक्तों को प्रसाद मिल सके इसके लिए आनंद शास्त्री जी लगे रहें। प्रसिद्ध पीठ करतलिया बाबा आश्रम में महंत बालयोगी रामदास महाराज के संयोजन में भव्य दिव्य अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। महंत रामदास कहते है कि यह परिदृश्य स्वाभाविक है, निश्चित रूप से भगवान के वन गमन के दौरान अयोध्या पूरे समय व्यथित रही होगी और भगवान जब पूरी कामयाबी से लौटे तो उनके स्वागत-सत्कार के बाद चैन की वंशी बजनी ही थी। कार्यक्रम में शामिल होने पूर्व मंत्री विधायक अवधेश प्रसाद, एडवोकेट गणेश दत्त पाण्डेय, जगदीश यादव, डा अनुराग आनंद, मौजीराम मौजूद रहें।
सरयू तट पर स्थित प्रसिद्ध पीठ सियारामकिला झुनकीघाट पर भी अन्नकूट का वैभव बयां हुआ। महंत करुणानिधानशरण एवं अधिकारी प्रभंजनानंदशरण के संयोजन में संचालित उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर सेवानिवृत्त सीनियर आईएएस राजीव कुमार, अभिषेक अग्रवाल, अनुभव अग्रवाल, उत्तम बंसल सहित शहर के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।