: सनातन संस्कृति की आत्मसात करें युवा : पंडित गौरांगी
Mon, Dec 11, 2023
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रतिष्ठित पीठ कोसलेश सदन में जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर जी की शिष्या आज के युवाओं के लिए प्रेरणा देना की अलख जगाये है।पंडित गौरांगी गौरी अपने गुरु विद्याभास्कर जी के आशीर्वाद से युवाओं से जन्मदिन पर सनातन संस्कृति की ओर चलने की अपील कर रही है। पंडित गौरांगी गौरी ने अपना जन्मदिन बड़े ही सादगी के साथ संतों की सेवा करके मनाया। गौरी संतों का आशीर्वाद लेते हुए कहती हैं कि प्रभु श्री राम लाल का भव्य मंदिर बन रहा है। इससे पूरे देश के युवाओं में खुशी की लहर है। और सभी लोग प्रभु श्री राम को अपने भव्य मंदिर में विराजमान होते देखना चाहते हैं। 22 जनवरी को प्रभु अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे और सभी लोग दर्शन पूजन करेंगे। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि हमारे देश के युवाओं को सनातन संस्कृति और सभ्यता से अनेकों माध्यमों से दूर किया जा रहा है। जिसको मंदिर निर्माण के साथ पुनस्थापित करने की आवश्यकता है। इसी क्रम में आज हमने अपने भक्तों के साथ अयोध्या में अपने जन्मदिन पर सेवा प्रकल्प प्रारंभ किया है जिसमें संतों की सेवा गरीबों की सेवा की गई है। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें अपनी पुरानी संस्कृति और सभ्यता को धारण करने की आवश्यकता है। हम सभी को अपने जन्मदिन पर बिना किसी भेदभाव के गरीबों की सेवा करनी चाहिए। इस अवसर पर मंदिर के प्रबंधक देवांश पांडे सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
: श्रीलालसाहेब दरबार के पूर्वाचार्यों को संतों ने किया नमन
Sun, Dec 10, 2023
महंत जानकी जीवन शरण व महंत रामकृपाल शरण की पुण्यतिथि पर शिद्दत से किया गया याद
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या की प्रतिष्ठित पीठ मंदिर श्रीलालसाहेब दरबार रामकोट के पूर्वाचार्य महंत जानकी जीवन शरण, महंत रामकृपाल शरण व महंत जानकी शरण महाराज को पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया गया। इस अवसर पर शनिवार को मंदिर परिसर में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। सभा में अयोध्यानगरी के विशिष्ट संत-महंतों ने पूर्वाचार्यों के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। संतों ने उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश भी डाला। इस मौके पर श्रीलाल साहेब दरबार के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत रामनरेश शरण महाराज ने बताया कि मठ में पूर्वाचायों की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई है। अयोध्याधाम के संत-महंतों ने उन्हें श्रद्धा से याद किया। पूर्वाचार्य अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे। वह गौ और संत सेवी रहे। जिन्होंने आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। उन्हीं सबके पुण्य-प्रताप का फल है कि आज मठ की गणना रामनगरी के प्रमुखतम पीठों में हो रही है। मंदिर दिन-प्रतिदिन उत्तरोत्तर समृद्धि की ओर अग्रसर है। जहां पर सभी उत्सव, समैया और त्यौहार परंपरागत रूप से हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जा रहा है। यहां गौ, संत, विद्यार्थी, अतिथि सेवा सुचार रूप से चल रही है। पुण्यतिथि पर काफी संख्या में संत- महंत, भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण पाया। अंत में भिवानी के महंत रामाश्रय शरण महाराज, तपोवन मंदिर रांची महंत ओमप्रकाश शरण एवं लालसाहेब दरबार के महंत रामनरेश शरण ने आए हुए संत-महंतों का स्वागत-सत्कार किया। आश्रम के पूर्वाचार्यों को श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में वेद मंदिर के महंत रामनरेश दास, विश्वविराट मंदिर के श्रीमहंत सिद्धबाबा नरसिंह दास, तपोवन मंदिर रांची के महंत ओमप्रकाश शरण, छत्तीसगढ़ आश्रम महंत रामेश्वर दास, श्रीरामाश्रम के महंत जयराम दास, सरयूकुंज महंत राममिलन शरण, श्रीरामकृष्ण मंदिर के महंत गणेशानंद दास, व्यास श्याम दास, महंत रामनारायण दास, रमैया बाबा स्थान के महंत रविशंकर शरण, शेषावतार मंदिर के महंत अशोक दास, गहोई मंदिर महंत रामलखन शरण, महंत भरत दास, महंत अमर दास, महंत राममोहन शरण, महंत अवधकिशोर शरण, रामायणी गोवर्धन दास, गंगादास, कविराज दास, संतदास, सूरज दास, भानुप्रताप, नंदकुमार मिश्र आदि संत- महंत एवं भक्तगण रहे।
: राम रसोई के चार साल पूरे,साढ़े सात करोड़ रुपये हुए खर्च
Sat, Dec 2, 2023
चार सालों में 25 लाख राम भक्तों ने राम-रसोई में प्रसाद किया ग्रहण, रसोई अब दोनो समय होगा संचालित
अयोध्या। रामनगरी के रामकोट स्थित अमावा मंदिर में चल रहें राम रसोई की यात्रा के चार साल पूरे हो हुए। पटना के महाबीर हनुमान मंदिर द्धारा संचालित ये राम रसोई राम भक्तों को प्रसाद ग्रहण कराती है। जो अपने आप में बड़ा ही अनोखा है। इस रसोई का संचालक किशोर कुणाल जी कहते है कि इस राम रसोई का संचालन 2019 में 9 नवम्बर, को सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय आने के बाद राम-जानकी विवाह-पंचमी के पावन अवसर से राम रसोई प्रारम्भ हुई। हमें ऐसा आभास था कि राम लला जी की विजय अवश्य होगी। अतः पहले से सारा प्रबन्ध किया हुआ था। सामूहिक भोजन करने के लिए एक विशाल 'हाल' बनाया गया और सुन्दर, स्वच्छ रसोई की भी स्थापना की गयी थी; अतः फैसले के तुरन्त बाद प्रथम शुभ मुहूर्त पर को राम-रसोई का श्री गणेश हो गया था। इस चार साल की अवधि में करीब पचीस लाख भक्तों ने राम-रसोई में प्रसाद ग्रहण किया है। राम रसोई के 4 साल पूरे होने पर आज अमावा मंदिर में किशोर कुणाल जी ने एक पत्रकार वार्ता आयोजित की थी। प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए श्री कुणाल जी ने कहा कि रसोई के भोजन में चावल, दाल, सांभर, कचौड़ी, आलूदम, कोपता, तिलौरी, चटनी, पापड़ और घी-दस व्यंजन प्रेम से परोसे जाते हैं, और भक्तों की सन्तुष्टि तक आग्रहपूर्वक आतिथ्य किया जाता है। प्रारम्भ में भक्तों की संख्या कम थी किन्तु धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती गयी और मार्च, 2023 से हर महीने में यह संख्या 90 हजार से 1 लाख के बीच प्रायः रही है। अब तक इस पर करीब साढ़े सात करोड़ खर्च हुए हैं। अभी राम-रसोई पर तकरीबन एक लाख रुपये प्रतिदिन व्यय होता है और 15 जनवरी, 2024 से दोनो शाम भोजन उपलब्ध कराने पर राशि और अधिक बढ़ जायेगी। इस राम रसोई की देख रेख पंकज जी कर रहें। पहले चूँकि राम मंदिर शाम होते ही बन्द हो जाता था और इस अति-सुरक्षित क्षेत्र में भक्तों का आवागमन नगण्य था, अतः एक ही समय दिन में 11 बजे से 3 बजे तक राम-रसोई की व्यवस्था की जाती थी, किन्तु अब रात्रि में भी भक्तों की चहल-पहल इस इलाके में रहती है; अतः यह निर्णय लिया गया है कि 15 जनवरी, 2024 से राम-रसोई की व्यवस्था रात में भी शाम सात बजे से रात्रि नौ बजे तक होगी। इसके अतिरिक्त 15 जनवरी से एक महीने तक भक्तों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए राम रसोई में भोजन के अतिरिक्त राम भक्तों को, जो भीड़ के कारण राम रसोई में भाग नहीं ले सकेंगे, पैकेट में भी भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। यह व्यवस्था प्रातः नौ बजे से प्रारम्भ होगी। अयोध्या के इतिहास में पहली बार महावीर मंदिर, पटना की ओर से प्रारम्भ की गयी, इस राम-रसोई को पूरे देश सराहा गया है; क्योंकि राम-रसोई में भाग लेने वाले भक्त देश के प्रायः क्षेत्र से आते हैं और स्वादिष्ट भोजन प्रेम पूर्वक मिलने तथा भक्तों के आग्रह करने पर कोई भी राशि या सामग्री नहीं लेने के कारण लोग श्रद्धापूर्वक राम-रसोई की स्मृति संजोये रहते हैं। आशा है कि राम-रसोई की प्रगति उत्तीरोत्तर होती रहेगी।