: रामनगरी में मनाया गया अन्नकूट महोत्सव, भगवान को लगा छप्पन भोग
Tue, Nov 14, 2023
भगवान राम के लंका विजय कर लौटने की खुशी में दीपावली के दूसरे दिन उदय तिथि में अमावसा की वजह से मंगलवार को मना पारंपरिक उत्सव के रुप में अन्नकूट का पर्व
पूढ़ी, कचौड़ी, मालपुआ, चूरमा, कढी, दाल, खीर आदि के लगे छप्पन भोग
अयोध्या। लंका विजय कर लौटे भगवान राम की याद में रविवार की सायं दीपोत्सव के बाद सोमवार को उदय तिथि में अमावसा पढ़ने की वजह से अयोध्या के मंदिरों में महोत्सव अगले दिन यानि मंगलवार को धूमधाम से अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। भगवान को सभी मठ-मंदिरों में 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस दौरान भक्तों की भीड़ और जय-जयकार से रामनगरी का उत्साह चरम पर रहा। मान्यता है कि 14 साल वनवास और लंका विजय दौरान भगवान राजकीय सुख-सुविधा से सर्वथा दूर रहे, इसलिए अयोध्या आने पर उन्हें वैभव प्रदान करने में कोई कसर न छोड़ी जाय। इसी भाव के अनुरूप रामनगरी के हजारों मठ-मंदिरों में भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस बीच न केवल भगवान राम, माता सीता समेत चारों भाइयों को भोग लगाने में पूरा भाव व समर्पण अर्पित किया गया बल्कि भोग के बाद प्रसाद ग्रहण करने में भी उत्सव का माहौल रहा। तकरीबन सभी मंदिर भोज-भंडारे के उत्सव से आप्लावित रहे। उत्सव में दूरदराज से आने वाले भक्तों सहित स्थानीय श्रद्धालुओं ने पूरी शिद्दत से शिरकत की।
जिसमें सुबह से ही मणिराम छावनी, कनक भवन,जानकी महल ट्रस्ट,हनुमान बाग, रामलला सदन, हनुमानगढ़ी, झुनकी घाट, करतलिया बाबा आश्रम सहित सभी मंदिरों में छप्पन प्रकार के व्यंजन बनाये गए ,जिनकी महक से नगरी का वातावरण सुवासित हो उठा। प्रथम आरती के बाद भगवान को व्यंजनों का भोग लगाकर प्रसाद भक्तों में वितरित किया गया।अन्नकूट महोत्सव में प्रसाद पाने के लिए देश-विदेश के क्षेत्रों से आये श्रद्धालु पंक्ति बद्ध देखे गए। मणिराम दास छावनी में श्रीमहंत नृत्यगोपालदास जी महाराज के सानिध्य व महंत कमलनयन दास जी महाराज के संयोजन में धूमधाम से अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। जिसमें भगवान का विशेष पूजन अर्चन किया गया। छावनी में भक्तों की भारी भीड़ सुबह से ही लगी रही। सभी भक्तों को प्रसाद मिल सके इसके लिए आनंद शास्त्री जी लगे रहें। प्रसिद्ध पीठ करतलिया बाबा आश्रम में महंत बालयोगी रामदास महाराज के संयोजन में भव्य दिव्य अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। महंत रामदास कहते है कि यह परिदृश्य स्वाभाविक है, निश्चित रूप से भगवान के वन गमन के दौरान अयोध्या पूरे समय व्यथित रही होगी और भगवान जब पूरी कामयाबी से लौटे तो उनके स्वागत-सत्कार के बाद चैन की वंशी बजनी ही थी। कार्यक्रम में शामिल होने पूर्व मंत्री विधायक अवधेश प्रसाद, एडवोकेट गणेश दत्त पाण्डेय, जगदीश यादव, डा अनुराग आनंद, मौजीराम मौजूद रहें।
सरयू तट पर स्थित प्रसिद्ध पीठ सियारामकिला झुनकीघाट पर भी अन्नकूट का वैभव बयां हुआ। महंत करुणानिधानशरण एवं अधिकारी प्रभंजनानंदशरण के संयोजन में संचालित उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर सेवानिवृत्त सीनियर आईएएस राजीव कुमार, अभिषेक अग्रवाल, अनुभव अग्रवाल, उत्तम बंसल सहित शहर के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।
: भरत जैसा चरित्र व आचरण हमें जीवन में उतारना चाहिए : वसंत विजय
Tue, Nov 14, 2023
हनुमान बाग में राज्याभिषेक कथा का आज समारोह पूर्वक होगा विश्राम, रामनगरी के समस्त संत धर्मचार्यो का होगा विशाल भंडारा
अयोध्या। भगवान श्री राम की नगरी में पहली बार दीपावली के पावन अवसर पर महालक्ष्मी जी का कुमकुम पूजा अर्चना व महामंत्र जाप के साथ यज्ञ का समापन बुधवार को समारोह पूर्वक होगा। इस मौके पर रामनगरी अयोध्या के सभी संतों का विशाल भंडारा भी होगा। 15 दिवसीय इस महोत्सव का का आयोजन पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज ने किया।
दक्षिण भारत की सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसा हुआ नगर कृष्णगिरी कर्नाटक में स्थित पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधीश्वर वसंत विजय महाराज राम राज्याभिषेक कथा के समापन सत्र में भरत चरित्र व राम राज्याभिषेक की कथा सुनाते हुए स्वामी जी ने बताया कि भरत ने बड़े भाई भगवान श्रीराम की चरणपादुका को चौदह वर्षों तक उनकी पूजा अर्चना उनका दास बनकर अयोध्या की प्रजा की सेवा की। उन्होंने कहा कि यदि हमारे समाज के लोग श्रीराम चरित मानस का अनुकरण करते हुए जीवन निर्वाह करने की कला सीख ले तो समाज की सभी प्रकार की समस्याओं का निस्तारण अपने आप हो जाएगा। स्वामी जी ने कहा कि भगवान की कथा हमारे समाज को अनुशासन और प्रेम तथा सद्भाव का संदेश देती है। जिन घरों में भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण सहित हमारे देवी देवताओं एवं महापुरुषों की कथाओं का गुणगान होता है उन परिवारों में हमेशा सुख शांति बरसती है। राम लक्ष्मण भरत शत्रु जैसे भाई से हमे सभी गुण सीखना चाहिए और जिस तरह भरत ने अपने चरित्र आचरण और सादगी के साथ राज्य चलाया और प्रजा को सब कुछ दिया उससे हमे सीख लेने की जरूरत है। कथा के शुभारंभ से लेकर समापन दिवस तक प्रति दिन अयोध्या जी के विशिष्ट संतों का अभिनन्दन भी किया गया।
: गुरूमत समागम में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का उमड़ा संगम
Tue, Nov 14, 2023
ऐतिहासिक गुरुद्वारा नजरबाग में आध्यात्मिक ऊर्जा का बिखरा रहा प्रकाश
समागम काे सफल बनाने के लिए जत्थेदार बाबा महेंदर सिंह, सेवादार नवनीत सिंह व समूह सेवादारों की ओर से सभी श्रद्धालुओं का आभार ज्ञापित किया गया
अयाेध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा नजरबाग में आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रकाश बिखरा रहा। माैका था महान गुरूमत समागम बंदी छोड़ दिवस का। जाे गुरूद्वारे में परंपरागत रूप से मनाया गया, जिसमें श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का संगम उमड़ा रहा। गुरूद्वारा नजरबाग बहुत ही पाैराणिक स्थल है। जहां सिक्ख धर्म के प्रथम गुरु गुरुनानक देव और दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह की चरण छू प्राप्त है। ब्रह्म ज्ञानी, ब्रह्मलीन अमर शहीद संत बाबा राम सिंह की प्रेरणा व संत बाबा त्रिलोचन सिंह के सहयोग से 17 वर्षों से अनवरत महान गुरुमत समागम जत्थेदार बाबा महेंदर सिंह द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसमें पूर्वांचल के सभी शहरों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। कार्यक्रम में विशेष रूप से नानकसर सींगड़ा करनाल से संत बाबा राम सिंह का कीर्तनी जत्था एवं लखनऊ, बस्ती आदि अन्य शहरों से कीर्तनी जत्थे माैजूद रहे। महान गुरुमत समागम फैजाबाद, अयोध्या और इलाका निवासी समूह साध संगत के सहयोग से मनाया गया। इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु लंगर प्रसाद ग्रहण किए। समागम काे सफल बनाने के लिए जत्थेदार बाबा महेंदर सिंह, सेवादार नवनीत सिंह व समूह सेवादारों की ओर से सभी श्रद्धालुओं का आभार ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह,महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, जगद्गुरू रामदिनेशाचार्य, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।