: अयाेध्या माधव मंदिर के नये महंत बने मणिराम दास
Sat, Nov 25, 2023
संताें ने रामानन्दी परम्परा अनुसार तिलट चद्दी व कंठी दिया
अयोध्या। रामनगरी के रामकोट स्थित अयोध्या माधव मंदिर की महंती मणिराम दास को सौंपी गई। शुक्रवार को मंदिर प्रांगण में महंताई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में रामनगरी के संत-महंतों ने साधुशाही परंपरानुसार मणिराम दास को तिलक, कंठी, चादर देकर महंती की मान्यता प्रदान किया। मंदिर के महंत रहे अयोध्या दास महाराज का विगत दिनों साकेतवास हो गया था। उसके बाद मठ के महंत की गद्दी खाली चल रही थी। साकेतवासी महंत के तेरहवीं भंडारे पर संत-महंतों ने सर्वसम्मति से उनके शिष्य मणिराम दास को महंत पद पर नियुक्त किया। इसके अलावा विनय दास को आश्रम का अधिकारी व ओंकार दास को वरिष्ठ पुजारी बनाया गया। नवनियुक्त महंत मणिराम दास ने कहा कि संत-महंतों ने उन्हें मंदिर का महंत बनाया है। उस पर वह खरा उतरेंगे। महंत पद की गरिमा हमेशा अक्षुण्ण बनाए रखेंगे। उस पर कभी आंच नही आने देंगे। सदैव पद की प्रतिष्ठा व गरिमा बनाकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि वह गुरूदेव के बतलाए हुए मार्ग एवं पदचिंहों पर चलकर मठ का सर्वांगीण विकास करेंगे। आश्रम में गौ, संत, विद्यार्थी, अतिथि सेवा सुचार रूप से चलती रहेगी। महंताई समारोह में रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरण दास, महाविरक्त आश्रम के महंत माधवदास रामायणी, बावन मंदिर के महंत वैदेहीवल्लभ शरण, दिगंबर अखाड़ा के महासचिव महंत परमहंस वैष्णव दास, केशरी टीला के अधिकारी रामप्रिया शरण, जगन्नाथ मंदिर के महंत राघव दास, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, बड़ाभक्तमाल के महंत स्वामी अवधेश कुमार दास, महंत रामशरण दास रामायणी, साकेत भवन महंत प्रियाप्रीतम शरण, समथर मंदिर महंत रामरसिक शरण, बड़ाफाटक मंदिर के महंत संदीप दास, भरत महल महंत कल्याण दास, महंत रमैया बाबा, महंत रामलखन शरण, महंत रामनारायण दास, महंत रामप्रकाश दास, महंत रामेश्वर दास, संतदास आदि संत- महंत, भक्तगण उपस्थित रहे।
: श्री करूणानिधान में धूमधाम से मनाया गया तुलसी विवाह
Sat, Nov 25, 2023
श्री करूणानिधान भवन पीठाधीश्वर महंत रामजी दास महाराज ने सानिध्य में हिंदू रीति-रिवाज से वृंदा और शालिग्राम का विवाह संपन्न कराया गया
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या की प्रसिद्ध पीठ श्रीकरूणानिधान भवन, रामकोट में तुलसी विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पूरा मंदिर प्रांगण विवाहोत्सव के उल्लास में डूबा रहा। चारों ओर अनुपम छटा बिखरी हुई थी, जिसके उल्लास में साधु-संत एवं भक्तगण रमे रहे। मंदिर के गर्भगृह से लेकर पूरा परिसर रंग-बिरंगी रोशनियों से नहाया हुआ था। इसकी आभा देखते हुए बन रही थी। जो बरबस ही श्रद्धालुगणों को अपनी ओर आकर्षित करती रही। श्रद्धालुगण अपना जीवन कृतार्थ कर रहे थे। विवाह महोत्सव को श्रीकरूणानिधान भवन पीठाधीश्वर महंत रामजी दास महाराज ने सानिध्य प्रदान किया। देर शाम हिंदू रीति-रिवाज से वृंदा और शालिग्राम का विवाह संपन्न कराया गया, जिसमें विवाह से संबंधित सभी रीतियां पूरी की गई। उसके बाद सभी लोगों ने तुलसी- शालिग्राम के विवाहोत्सव का प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रांगण खचाखच श्रद्धालुओं से भरा रहा। इस अवसर पर आश्रम के अधिकारी युवा संत रामनारायण दास महाराज ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आश्रम में तुलसी-शालिग्राम का विवाह धूमधाम से मनाया गया। जो सायंकाल से शुरू होकर देररात्रि तक चला। विवाह हिंदू रीति-रिवाज से हुआ, जिसमें विवाह से संबंधित सभी रीतियां पूर्ण हुई। काफी संख्या में मंदिर से जुड़े हुए भक्तगण वृंदा-शालिग्राम के विवाह में सम्मिलित हुए। जिन्होंने अपना जीवन धन्य बनाया।
: रघुवंश अभिराम सेवा शिविर ने किया परिक्रमाथियों की सेवा
Sat, Nov 25, 2023
विश्व प्रसिद्ध चौदह कोसी व पंचकोसी परिक्रमा में कैम्प लगाकर चाय पिलाया
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के बाबा अभिराम दास वेद-वेदांग विद्या पीठम् एवं रघुवंश संकल्प सेवा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में पंचकोसी परिक्रमा में कैंप लगाकर परिक्रमार्थियों को निःशुल्क चाय वितरित किया गया। निःशुल्क चाय वितरण शिविर पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के चक्रतीर्थ में लगाया गया था, जिसमें लाखों परिक्रमार्थियों को चाय बांटा। इस अवसर पर रघुवंश संकल्प संकल्प सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी दिलीप दास त्यागी महाराज ने कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ी भक्ति है। नर सेवा से ही नारायण मिलते है। इससे बढ़कर और कुछ नही है। सेवा ही परम धर्म है। सेवा के प्रकल्प बराबर चलते रहने चाहिए। उसी परिप्रेक्ष्य में पंचकोसी परिक्रमा में शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को निःशुल्क चाय वितरित किया गया। हजारों की संख्या में परिक्रमार्थियों ने चाय ग्रहण किया। आगे भी यह कार्य चलता रहेगा। चाय वितरण शिविर बुधवार रात्रि से शुरू होकर अगले दिन परिक्रमा की समाप्ति तक चलता रहा। उन्होंने अयोध्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक एकादशी को अयोध्या के सभी लोग पंचकोसी परिक्रमा अवश्य करें। वहीं बाबा अभिराम दास वेद वेदांग विद्या पीठम् के संस्थापक श्रीमहंत धर्मदास महाराज हनुमानगढ़ी ने कहा कि प्रभु श्रीराम की नगरी विश्व की सबसे आध्यात्मिक नगरी है। ऐसे में यहां भक्तिपूर्ण माहौल बनाना हम सभी का नैतिक धर्म है। जन कल्याण की भावना ही सबसे बड़ी तपस्या है। संस्था द्वारा सेवा के तमाम कार्य किए जा रहे हैं। उन्हीं में से चाय वितरण शिविर भी एक था, जिसके तहत परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं को निःशुल्क बांटा गया। इस दौरान सहयोग में अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।