: श्री जानकी सखी मंदिर के महंत बने हरिओम शरण
Fri, Mar 22, 2024
संस्थापिका श्री राजरानी के सानिध्य में श्री लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथिलीरमण शरण महाराज के संरक्षण व अध्यक्षता में हुआ महंताई समारोह
अयोध्या। श्री जानकी सखी मंदिर बाबा लाल दयाल ट्रस्ट की संस्थापिका श्री राजरानी के सानिध्य में श्री लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथिलीरमण शरण महाराज के संरक्षण व अध्यक्षता में उनके कृपा पात्र शिष्य हरिओम शरण को महंत नियुक्त किया गया। महंत मैथिली रमण शरण महाराज ने बताया कि वैष्णो सनातन परंपरा के अनुसार हरिओम शरण को कंठी चद्दर और तिलक देकर के श्री जानकी सखी मंदिर का महंत बनाया गया। हरि ओम शरण सनातन वैष्णव परंपरा का पालन करते हुए मंदिर में विराजमान ठाकुर जी की अष्टयाम सेवा करेंगे मंदिर की परंपरा के अनुसार वर्ष में पढ़ने वाले उत्सव सवैया मनाएंगे और जीवन भर वैष्णो परंपरा का पालन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि हरिओम शरण हमारे शिष्य हैं और निरंतर सनातन वैष्णव परंपरा का पालन करते रहे हैं यही कारण है कि उनको इस मंदिर का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। महंती समारोह के मौके पर श्री रामवल्लभा कुंज के अधिकारी श्री राजकुमार दास श्री हनुमत निवास के महंत आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण , श्री मंगल भवन सुंदरधाम पीठाधीश्वर महंत कृपालु राम भूषण दास रामचरितमानस भवन के महंत अर्जुन दास महाराज महंत रामभद्र शरण, वेदान्ती कुटी के महंत अमित कुमार दास, सीताकांत सदन के महंत किशोरी शरण, सांसद बृजभूषण शरण सिंह के अयोध्या प्रतिनिधि महेंद्र त्रिपाठी , पार्षद महेंद्र शुक्ला, पार्षद अनुज दास, पार्षद अनुज दास, पार्षद प्रतिनिधि प्रियस दास सहित सैकड़ो संतो महंत ने महंती समारोह में सम्मिलित होकर हरिओम शरण को कंठी चद्दर देकर तिलक लगाकर श्री जानकी सखी मंदिर का महंत बनाया। महंत मैथिलीरमण शरण महाराज के शिष्य श्री लक्ष्मण किला के अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण ने संतों महंतो का स्वागत किया और बताया कि यह मंदिर श्री रामानंद सम्प्रदाय के उच्च कोटि के संत श्री बाबा लाल दयाल महाराज के परम्परा का है जिसका महंत संतों महतो ने हरी ओम शरण को बनाया। इस अवसर पर शिवपूजन मिश्र कथा व्यास, श्याम सारथी जी, रवि दूबे सहित सैकड़ों लोग उपस्थित है।
: जीवन में आंख नहीं है तो कुछ नहीं है इसलिए डाक्टर साहब बधाई के पात्र: महंत रामशरण दास
Fri, Mar 22, 2024
नयोनिका आई केयर चैरिटेबल ट्रस्ट, बैंगलोर द्वारा हनुमान किला में लगाया गया निशुल्क नेत्र शिविर
महंत परशुराम दास ने कहा, संतो महंतों और बच्चों के लिए यह शिविर लगाई गई है सभी महात्माओं को निशुल्क दवा जांच और चश्मा दिया गया
अयोध्या।नयोनिका आई केयर चैरिटेबल ट्रस्ट, बैंगलोर द्वारा हनुमान गुफा तिराहा बाईपास स्थित संकट मोचन हनुमान किला मंदिर के पीठाधीश्वर महंत परशुराम दास महाराज के आशीर्वाद एवं अंतरराष्ट्रीय श्री राम कथा प्रवक्ता स्वामी चंद्रांशु जी महाराज के सानिध्य में अयोध्या के संतो महंतो श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए निशुल्क नेत्र शिविर का उद्घाटन रंग महल पीठाधीश्वर महंत राम शरण दास ने किया। चिकित्सा शिविर में अमेरिका रिटर्न डॉ प्रशांत और उनकी धर्मपत्नी डॉ सुरेखा ने संतों महंतों की जांच की। डॉ प्रशांत ने कहा कि मैं अमेरिका से भारत आया हूं गरीबों की सेवा के लिए। बैंगलोर में मैंने और मेरे पत्नी ने हजारों गरीबों की सेवा कि और अब अयोध्या में संतों की सेवा मन में आशा जागृत हुई यहां के संतों के आशीर्वाद से अयोध्या में कैंप लगाया हूं और लगातार लगता रहूंगा जब तक एक-एक संतो की सेव नहीं हो जाती है। सभी को निशुल्क जांच चश्मा और दवा उपलब्ध कराया जाएगा। श्री राम लला जी बालक 500 वर्षों के बाद विराजमान हैं इसलिए बच्चों की भी जांच निशुल्क होगी।
महंत रामशरण दास ने बताया कि जीवन में आंख नहीं है तो कुछ नहीं है इसलिए मै डॉ सब पति-पत्नी को आशीर्वाद देता हूं कि वह निरंतर सेवा करते रहे। महंत परशुराम दास महाराज ने बताया कि अयोध्या के संतो महंतों और बच्चों के लिए यह शिविर लगाई गई है सभी महात्माओं को निशुल्क दवा जांच और चश्मा की जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता चंद्रांशु जी महाराज ने बताया कि डॉ अमेरिका जैसे विकसित देश को छोड़कर के भारत में सेवा के लिए आए यहां सेवा कर रहे हैं और राम मंदिर निर्माण के बाद उनके मन में विचार आया कि अयोध्या के संतों महंतों की सेवा की जाए इसके लिए शिविर लगाया जाए आज वह सपना पूरा हुआ अयोध्या के सभी संतो की सेवा की जाएगी और अब शिविर अयोध्या में निरंतर लगती रहेगी। शिविर के संयोजक शशिकांत शर्मा सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस पुनीत कार्य के लिए जितने लोग सहयोगी हैं मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। सबसे पहले डॉक्टर साहब ने रंग महल के महंत रामशरण दास खाक चौक के मुख्य पुजारी महंत चरण दास की जांच करके कैंप का शुभारंभ किया। विधायक प्रतिनिधि श्याम बाबू गुप्ता, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष राजमणि सिंह ऋषभ सिंह अरुण सिंह,अमन सिंह,बैंगलोर से डॉक्टर साहब के साथ उनके सहयोग में शरद डेविड और विहान ने मरीजों की सेवा की।
: राष्ट्रीय फलक पर शिरोधार्य हुए थे पूज्य किलाधीश जी महाराज
Mon, Mar 18, 2024
26 पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर स्मृति पर्व में संस्थापक आचार्य जी के रचित ग्रन्थों का हुआ पारायण
पाठ करते संत साधक
पारायण पाठ करते किलाधीश श्रीमहंत मैथलीरमण शरण जी
अयोध्या। संतो की सराय कही जाने वाली रामनगरी में अनेक भंजनानंदी संत हुए हैं। उन्हीं संतो में एक थे रसिकोपासना के आचार्य परमपूज्य स्वामी सीताराम शरण जी महाराज। जिनकी 26वीं पुण्यतिथि बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मण किला में मनाया जा रहा है। पुण्यतिथि के पुनीत अवसर पर मंदिर में चल रहें पाठ का पारायण हुआ।
रसोपासना के आचार्य स्वामी सीताराम शरण जी महाराज ग्राम्यांचल की भक्ति धारा से लेकर विश्वविद्यालयीय विचार और आलोचना तक आपकी वाणी ने अपना जादू बिखेरा। एक प्रसंग के अनुसार दक्षिण के वयोवृद्ध विद्वान ने अयोध्या की पहचान की कहा कि स्वामी सीताराम शरण जी वाली अयोध्या स्वाध्याय प्रवचन की वाचिक परम्परा के साथ ही टीका व्याख्या और पद रचना के साथ ही पूर्वाचार्यों के साहित्य का सम्पादन-प्रकाशन भी स्वामी सीताराम शरण जी महाराज का उल्लेखनीय अवदान रहा। चार दशक तक पीठ का सक्रिय आचार्यत्व निभाकर सन 1997 के वसन्त ऋतु में आचार्य श्री का साकेतवास हो गया।
आचार्य श्री की पुण्यतिथि समारोह सोमवार को मनाया जाएगा किलाधीश जी का वैभव पूरे फलक पर रहेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के महंत मैथली रमण शरण जी कहते है पूज्य गुरुदेव द्धारा रचित ग्रन्थ नाम, महिमा, धाम, महिमा हमारी अमूल्य धरोहर है। जिसका स्वाध्याय निरंतर करते रहते है। पुण्यतिथि के अवसर पर नाम,रुप,लीला व धाम सहित तमाम ग्रन्थों का सस्वर पारायण पाठ किया जा गया। सोमवार पूज्य गुरुदेव का स्मरण पूरे फलक पर रहेगा।
महंत मैथली रमण शरण ने कहा कि तप, स्वाध्याय और शरणागति की विलक्षण स्थितियों का अनुभव करने वाले पूर्वाचार्यों ने शास्त्रों का मथितार्थ कृपापूर्वक सुलभ कराया है। अपने आश्रितवात्सल्य का मान रखते हुये श्रीकिशोरी जू सबको स्वीकार करके प्रभु के सम्मुख कर देती हैं।
पारायण पाठ करते हुए प्रख्यात साहित्यिक हनुमत निवास के पीठाधीश्वर महंत मिथलेश नन्दनी शरण हनुमत निवास कहते है कि पूज्य किलाधीश महाराज का गायन अद्वितीय रहा उनकी कथा विश्वविद्यालयों से लेकर खेती किसानी करने वालों के लिए रही जो अपने आप में अद्भुत है। व्यवस्था में मंदिर के अधिकारी युवा संत सूर्य प्रकाश शरण लगे हुए है।