: बड़ा भक्त माल मंदिर में बह रही रामकथा ही रसधार
Wed, Jun 26, 2024
योगी जी अंत:हृदय से भगवान श्रीरामलला को समर्पित अयोध्या में विकास कार्य किये
अयोध्या की प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त दुरुस्त, रामभक्तों की सेवा में हमेशा समर्पित: महंत अवधेश दास
गौ राष्ट्र रक्षा एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि व काशी विश्वनाथ मुक्ति हेतु नव दिवसीय श्री हनुमान चालीसा, श्री सुंदर कांड पाठ व अखंड श्री हरिनाम संकीर्तन के साथ विशाल श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ
अयोध्या। लोकसभा चुनाव के बाद से ही लोगों द्धारा अयोध्या वासियों पर हो रही टिप्पणी से व्यथित होकर आज प्रतिष्ठित पीठ श्री बड़ा भक्त माल मंदिर पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास जी महाराज आज अपने मन की बात करते हुए कहते है अयोध्या वासी सदैव भगवान के प्रिय है। अयोध्या ने भाजपा का साथ हमेशा दिया है,आगे भी देते रहेंगे समीक्षा भाजपा अपने कार्यकर्ताओं से करें। अयोध्या की प्रशासनिक व्यवस्था पर बोलते हुए महंत अवधेश दास ने कहा कि अयोध्या के आईजी व एस एसपी रामभक्तों की सेवा खूब करते है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में करोड़ों रामभक्त आये और दर्शन पूजन व सरयू स्नान कर वापस गयें इन सभी रामभक्तों की सेवा में अयोध्या प्रशासन सदैव तत्पर रहा। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा को विश्व ने देखा लोगों ने एकदूसरे को बधाइयां दी सब खुश हुए, लेकिन वर्तमान समय में जो वातावरण चल रहा है उसका पटाक्षेप होना चाहिए। लोग अयोध्यावासियों को गलत कह रह है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद करोड़ों लोग अयोध्या आये कैसे आये क्यो आये ये हमारा विषय नही है लेकिन जो आये दर्शन पूजन कर सरयू स्नान कर वापस गये। प्रशासन ने सभी का सहयोग किया। आज अयोध्या में जो जाम लग रहा है उसका सबसे बड़ा कारण ई रिक्शा हझ। पता नही कहा से हजारों ई रिक्शा अयोध्या आ गये जिससे निरंतर जाम की समस्या हो गई है। प्रशासनिक अधिकारी इस पर विशेष ध्यान दे जिससे किसी को कोई समस्या न हो।
तो वही मंदिर में आज से गौ राष्ट्र रक्षा एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि व काशी विश्वनाथ मुक्ति हेतु नव दिवसीय श्री हनुमान चालीसा, श्री सुंदर कांड पाठ व अखंड श्री हरिनाम संकीर्तन के साथ विशाल श्रीराम कथा का शुभारंभ हो गया। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा आचार्य मृदुल कांत शास्त्री श्रीधाम वृंदावन कर रहें है। कथा की अध्यक्षता बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास व पावन सानिध्य स्वामी श्रीकृष्णानन्द जी महाराज भूरी वाले अध्यक्ष गोसेवा मिशन कर रहें है। कथा के संयोजक भगवती प्रसाद जी केड़िया कोलकाता कर रहे। यह पुनीत महोत्सव गो सेवा मिशन के तत्वावधान में आयोजित किया गया। गो सेवा मिशन पूरे भारत में हजारों गौशाला संचालित करता है। इस कथा में पूरे भारत से हजारों रामभक्त अयोध्या आये है।
: माँ सरयू की जयंती बड़े धूम धाम से मनाई गई
Sat, Jun 22, 2024
दिव्य मां सरयू आरती सेवा समिति के अध्यक्ष करतलिया बाबा आश्रम महंत बाल योगी रामदास के तत्वावधान में हुआ महोत्सव
मां सरयू की दिव्य फूल बंगले की झांकी सजाई गई, 5100 बत्ती महाआरती व प्रसाद वितरण हुआ
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में जेष्ठ पूर्णिमा पर माँ सरयू की जयंती बड़े धूम धाम से मनाई गई।दिव्य मां सरयू आरती सेवा समिति के अध्यक्ष करतलिया बाबा आश्रम महंत बाल योगी रामदास के तत्वावधान में मां सरयू की दिव्य फूल बंगले की झांकी सजाई गई और 5100 बत्ती महाआरती व प्रसाद वितरण कर पूरे सरयू में अद्वितीय दीपदान किया गया जिसमें पूरा सरयू तट दीपों से रोशन हो गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री तेजनारायण पाण्डेय पवन ने मां सरयू की आरती की। कार्यक्रम के संयोजक दिव्य मां सरयू आरती सेवा समिति के अध्यक्ष एवं करतलिया बाबा आश्रम के महंत बालयोगी रामदास ने कहा कि रामनगरी अयोध्या में आज के दिन मां सरयू का अवतरण हुआ था। पवित्र पावन माँ सरयू की भव्य आरती का बड़ा अद्भुद दृश्य होता है। उन्होंने बताया कि यह उत्सव 4 पीढ़ियों से होता आ रहा है। जिसमें मां सरयू को प्रातः भोग प्रसाद व देर शाम दिव्य आरती होती आ रही है। महंत रामदास कहते है यह करतलिया बाबा सरकार के समय से होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि आज मां सरयू के जयंती के उपलक्ष्य में प्रातः मा का दुग्धाभिषेक वैदिक आचार्य के देखरेख में किया गया। इस मौके पर श्रीचंद यादव, हरिहर यादव, अखिलेश पाण्डेय, महेंद्र शुक्ला, जगदीश यादव, कृष्णगोपाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।
: रघुभूमि से तपोभूमि यात्रा को संतों ने किया रवाना
Sat, Jun 22, 2024
यात्रा का उद्देश्य प्रभु राम के आगमन स्थलों को जागृत करना एवं संरक्षित करना: महंत जनार्दन दास
अयोध्या। श्री अयोध्या धाम से बक्सर तक रघुभूमि से तपोभूमि तक यात्रा आज तुलसी दास जी की छावनी से रवाना हो गई। यात्रा को हरी झंडी जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, महंत जनार्दन दास, महंत रामभूषण दास कृपालु, महंत गिरीश दास ने संयुक्त रूप से ग्रंथ भेंट कर किया। इस यात्रा उस मार्ग उसी रास्ते से होगा जिस पर प्रभु राम और भैया लक्ष्मण ब्रह्मर्षि विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा करने बक्सर गए हैं। यात्रा का पहला पड़ाव भैरव धाम आजमगढ़ होगा, जहां सरयू माता के अवतरण दिवस पर भव्य आरती होगी। रात्रि में जमीलपुर कुटी में यात्रा का विश्राम होगा। 23 जून को यात्रा यहां से प्रारंभ होकर मूल (छोटी) सरयू नदी के तट प्रांत से होते हुए बिलरियागंज, मालटारी जीयनपुर, सालोना ताल होते हुए बारह दुअरिया मंदिर नौसेमर पहुंचेगी। वहां से रामघाट, गायघाट, सिधागर घाट होते हुए लखनेश्वर डीह, आमघाट नगहर( बलिया, जहां से राम जी ने छोटी सरयू को पार किया है, आज भी वह घाट चलित अवस्था में है) होते हुए फेफना के रास्ते कारो धाम (जहां भगवान शिव ने कामदेव को भस्म किया था) बलिया पहुंचेगी। यहां यात्रा का रात्रि विश्राम होगा। 24 जून को कारो धाम से सुजायत (सुबाहु का टीला) मरची ( मारीच का गांव) भरौली (जहां राम जी को पहुंचने पर भोर हुई थी), उजियार घाट (जहां राम जी को पहली बार गंगा जी का दर्शन हुआ था) पहुंच कर गंगा जी का पूजन अर्चन होगा। वहां से यात्रा बक्सर में प्रवेश करेगी। रामरेखा घाट (जहां प्रभु राम ने ताड़का वध के उपरांत शिव जी की स्थापना कर पूजा किया था) सिद्धाश्रम (विश्वामित्र का यज्ञ स्थल) वामन अवतार मंदिर, श्री राम चबूतरा आदि दर्जन भर स्थलों पर कीर्तन करते हुए दर्शन पूजन आदि करके यात्रा बसांव मठ में दोपहर का प्रसाद पाकर (यहां राम जी ने कड़ी चावल का भोग लगाया था) यात्रा संपन्न होगी। तुलसी दास जी की छावनी पीठाधीश्वर महंत जनार्दन दास जी महाराज ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य प्रभु राम के आगमन स्थलों को जागृत करना एवं संरक्षित करना है। साथ ही माता मूल (छोटी) सरयू को सदानिरा तथा पानीदार बनाए रखने के हेतु जागरण करना है। यात्रा में लगभग 30 गाड़ियां तथा ब्रह्मर्षि विश्वामित्र एवं श्री राम लक्ष्मण सहित एक रथ रहा।