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: श्रीमद्भागवत कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है: प्रभंजनानन्द

बमबम यादव

Mon, Dec 5, 2022

प्रसिद्ध पीठ श्री सियारामकिला झुनकी घाट में धूमधाम से श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ, मंदिर से निकली शोभायात्रा

अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या के मां सरयू के पावन तट पर सुशोभित प्रसिद्ध पीठ श्री सियारामकिला झुनकी घाट जो झुनझुनियां बाबा की तपोभूमि के नाम से सुविख्यात है। आज सियारामकिला झुनकी घाट में धूमधाम से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व मंदिर से शोभायात्रा निकाली। जो मां सरयू के पावन तट गई जहां पर विधिवत पूजन अर्चन किया गया इसके बाद शोभायात्रा पुनः मंदिर वापस आई। व्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा सियारामकिला के अधिकारी प्रख्यात कथावाचक प्रभंजनानन्द शरण  जी महाराज प्रभुजी कर रहें है। कथा के प्रथम दिवस प्रभंजनानन्द शरण जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा शरणागति की कथा है शरणागति का अर्थ है भगवान के चरणों में समर्पित हो जाना और भगवान के चरणों में समर्पित होने के लिए सबसे बड़ी बात है अपने आप का परित्याग कर देना। उन्होंने कहा कि जब आप अपने अहम का परित्याग करके भगवान के शरण आप होते हैं तब एक समर्थ गुरु सुखदेव जी महाराज जैसा प्रगट हो करके आपके जीवन के उन तमाम झंझावात को खत्म करके आपके जीवन में भक्ति की ज्योति जला देता है। स्वामीजी ने कहा कि गुरु की शरणागति जीवन में मृत्यु के बंधन को काटकर मोक्ष की ओर आपके मार्ग को प्रशस्त करती है। श्रीमद्भागवत की कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है।यह महोत्सव सियारामकिला के महंत करुणानिधान शरण जी महाराज के अध्यक्षता में हो रहा है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन आयोजक विकास कुमार हथदह पटना ने किया। यह कथा महोत्सव स्व मुरारी सिंह जी की पावन स्मृति में हो रहा है। इस मौके पर सियारामकिला झुनकी घाट के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।

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