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: प्रथम पुण्यतिथि पर महंत कन्हैयादास रामायणी को संतों ने किया नमन

बमबम यादव

Sat, Dec 3, 2022

श्रीरामजन्मभूमि पर रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हाे रहा है, भव्य राममंदिर निर्माण ही महाराजश्री काे सच्ची श्रद्धांजलि है: महंत डॉ. संताेष दास

अयाेध्या। गुरूदेव महंगुरूदेव महंत कन्हैयादास रामायणी महाराजत कन्हैयादास रामायणी महाराज युग पुरूष थे। उनका आशीर्वाद हम लोग निरंतर प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा, विद्वता, वाणी, त्याग, समर्पण व साधना के माध्यम से सम्पूर्ण भारतवर्ष में अलख जगाया और श्रीरामजन्मभूमि निर्वाण आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। आज उनका सपना पूरा हो रहा है। उन्हीं महापुरूषों की देन है कि श्रीरामजन्मभूमि पर रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हाे रहा है। भव्य राममंदिर निर्माण ही महाराजश्री काे सच्ची श्रद्धांजलि है। उक्त बातें सनकादिक आश्रम देवराहा बाबा स्थान, रामकाेट के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत डॉ. संताेष दास महाराज ने कही। उन्होंने बताया कि शनिवार को आश्रम में गुरूदेव महंत कन्हैया दास रामायणी महाराज की प्रथम पुण्यतिथि मनाई गई। संताें ने उन्हें शिद्दत से याद किया। इस माैके पर मंदिर प्रांगण में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में अयाेध्यानगरी के विशिष्ट संत-महंत एवं धर्माचार्यों ने साकेतवासी महंत के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। संताें ने उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। महंत संतोष दास ने कहा कि गुरूदेव अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष रहे। वह गाै तथा संत सेवी थे। उन्होंने गरीब, निर्धन व असहायों की हमेशा मदद किया। सेवा काे ही अपना धर्म माना। सदैव सेवा प्रकल्पाें से जुड़े रहे। उनके नेतृत्व में कई सेवा प्रकल्प के कार्य संचालित हुए। उन्होंने पूरे भारत देश में श्रीराम भाव का प्रचार-प्रसार किया। सभी काे रामभाव सुनाया। गुरूदेव हम सबके बीच में नही हैं। लेकिन उनकी यश और कीर्ति हम लाेगाें के साथ हमेशा रहेगी। अंत में वर्तमान महंत ने आए हुए संत-महंत व विशिष्टजनाें काे अंगवस्त्र भेंटकर उनका स्वागत-सम्मान किया। इस अवसर पर काफी संख्या संत-महंत एवं भक्तगणों ने प्रसाद पाया। पुण्यतिथि पर जगन्नाथ मंदिर के महंत राघव दास, अंजनी गुफा महंत राममंगल दास रामायणी, रामचरित मानस भवन महंत अर्जुन दास, श्रीरामाश्रम पीठाधीश्वर महंत जयराम दास, लालसाहेब दरबार महंत रामनरेश शरण, रामदास व अमर दास, अधिकारी मनीष दास, छत्तीसगढ़ आश्रम महंत रामेश्वर दास, चतुर्भुजी मंदिर महंत शैलेष दास, पहलवान अवधेश दास हनुमानगढ़ी, रवि नागा, गाेवर्धन दास, नागा विजय दास, गाैरव श्रीवास्तव, संतदास, पीयूष श्रीवास्तव आदि माैजूद रहे।

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