: भगवान ऋषभदेव की जन्मजयन्ती पर निकली रथ यात्रा, हुआ मस्तिकाभिषेक
बमबम यादव
Thu, Mar 16, 2023
श्री दिगम्बर जैन मन्दिर में 31 फुट उत्तुंग भगवान ऋषभदेव का पंचामृत अभिषेक

अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या भूमि ऐसी है, जहां पर सभी धर्मों के बहुरंगी फूल खिले। हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, इस्लाम सब के सब इसके आंगन में पले-बसे और बड़े हुए। यह ऐसी पवित्र भूमि है जिसने सबको रिझाया। अयोध्या में जैन धर्म की भी जड़ें गहरी हैं।
पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि अयोध्या है। पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई।जिसमें महामस्तकाभिषेक किया गया। भगवान के मस्तक पर जल, दूध, घी, दही, सर्वोपधि, पुष्पवृष्टि, हरिद्रा, केशर आदि का अभिषेक किया गया सारे विश्व में मंगल की कामना को लेकर भगवान के मस्तक पर की शांतिधारा इस अवसर पर सर्वप्रथम झण्डारोहण पूर्वक कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। झण्डारोहण करने का सौभाग्य संजय धर्मपत्नी श्रीमती रेखा दीवान सूरत निवासी को ये सौभाग्य प्राप्त हुआ। सहितासूरि प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार ने बताया कि इस अवसर पर जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी, प्रज्ञाश्रमणी श्री चंदनामती माताजी का ससंघ सानिध्य प्राप्त हुआ, इस अवसर पर रथ यात्रा निकाली गई। रायगंज जैनमन्दिर से रथ भगवान के जन्मस्थान टोंक मन्दिर तक गया वहाँ पर भगवान का पंचामृत अभिषेक सम्पन्न किया गया। मार्ग में रथयात्रा में जैन मुद्धालू केशरिया वस्त्र पहनकर के चल रहे थे बैंड बाजे के साथ संगीत मंडली एवं ध्वज लेकर के भक्तगण जय-जयकार के नारे लगाते हुए चल रहे थे। पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी जी ने सबको बताया कि भगवान ऋषभदेव ने करोड़ो वर्ष पूर्व पुण्य धरा पर जन्म लिया एवं सम्पूर्ण विश्व को जीवन जीने की कला सिखाई। पक्रियाओं के द्वारा जीवन यापन करना बतलाया उनके प्रथम पुत्र भगवान भरत चक्रवर्ती के नाम पर इस देश का नाम भारत पड़ा। रथ पर भगवान को लेकर बैठने का सौभाग्य अध्यात्म जैन, सिद्धार्थ जैन लखनऊ को प्राप्त हुआ। भगवान के रथ का सारथी बनने का संजय दीवान को प्राप्त हुआ। कुबेर बनने का अवसर सम्यक् जैन लखनऊ को प्राप्त हुआ इसी क्रम में चंवर दुलाने का अवसर विनोद जैन दिल्ली को प्राप्त हुआ। शाम को 1008 दीपकों से श्री जी की आरती सम्पन्न की गई। इस अवसर पर मुख्यरूप से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए तीर्थ के महामंत्री अमरचंद जैन, टिकैतनगर पंकज जैन बिलहरा, विजय कुमार जैन,जम्बूद्वीप निधेश जैन, मुकुल जैन, परमेन्द्र जैन, अकलंक जैन, शुभचंद जैन, टिकैतनगर, लखनऊ प्रदीप जैन कानपुर, संयम जैन, हस्तिनापुर आदि सम्पूर्ण अवध के भक्तगण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ का सानिध्य प्राप्त हुआ एवं शोभायात्रा में भगवान के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में लडडू का वितरण किया गया।

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