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: निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है: पंडित अशोकाचार्य

बमबम यादव

Wed, Oct 4, 2023

प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में बह रही श्रीमद् भागवत कथा की रसधार,महोत्सव का आयोजन जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर कर रहा

राजस्थानी रस में सराबोर हनुमान बाग मंदिर, राजस्थान की पारंपरिक व्यंजनों का लुफ्त उठा रहें संत साधक

अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों शुमार श्री हनुमान बाग मंदिर में इन दिनों श्रीमद् भागवत कथा की रसधार बह रही है। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा पंडित अशोकाचार्य जी गंगापुर सिटी वाले कर रहें है। साथ ही मंदिर में विगत तीन माह से अनवरत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें हजारों भक्त प्रसाद ग्रहण कर रहें है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत जगदीश दास महाराज कर रहे है। कथा के द्धितीय दिवस पर कथाव्यास पंडित अशोकाचार्य ने कहा कि सत्यं परमं धीमहि इस संसार में एक ईश्वर ही सत्य है जो दिख रहा है वह केवल वह प्रभु की माया है। भागवत की उत्पत्ति के बारे में बताया सुखदेव भगवान को श्री व्यास जी महाराज ने भागवत को प्रदान किया वही भागवत कथा आज हम सब को सुनने को मिल रही है। पंडित जी के बताया कि परमात्मा इस संसार में अपने भक्तों की रक्षा के लिए अनेक, अनेक अवतार लेकर आते भागवत में चौबीस अवतारो के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के लिए सबकुछ करने के लिए तैयार रहते है। उदाहरण में पांडवो के लिए भगवान सारथी बने। महाभारत की कथा में के बारे में भी पंडित जी ने कहा कि कौरव और पांडवों के युद्ध में विजय सत्य की ही होती है। जिसके रक्षक प्रभु होते हे उसे इस संसार में कोई नहीं हरा सकता। उन्होंने ने पांडवों की कथा को बताया अपने कल्याण के लिए परमात्मा की भक्ति ही एक उपाय हे भक्ति को दो प्रकार की बताया निष्काम भक्ति और सकाम भक्ति। निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है।  आज की कथा में कथाव्यास पंडित अशोकाचार्य ने जी कपिलोपाख्यान, ध्रुव चरित्र, ऋषभदेव जी के ज्ञान की मार्मिक चर्चा की। यह महोत्सव जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में हो रहा है। ट्रस्टी एडवोकेट दिनेश शर्मा, एडवोकेट ओपी गुप्ता व एडवोकेट दिनेश गुप्ता ने सयुंक्त रुप आने वाले संत साधक अतिथियों का स्वागत कर रहें है। महोत्सव की देखरेख हनुमान बाग के पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहे है।

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