: भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी…
बमबम यादव
Fri, Mar 31, 2023
अयोध्या राममय, अयोध्यावासी निहाल, मठ-मंदिरों में गूंज रही स्तुतियां, रामनगरी में छाया उत्सव का उल्लास

हनुमत निवास में महंत मिथलेश नन्दनी शरण के संयोजन में बाज रही बधाईयां, चहुंओर हो रहा नृत्य गायन
अवध में चहुओर बाजे बाजे रसीली बधाइयां..
अयोध्या। योग लगन ग्रहवार तिथि सकल भए अनुकूल, चर अरू अचर हर्ष युत राम जनम सुख मूल…रामजन्म का प्रसंग निरूपित करती श्रीरामचरित मानस की यह पंक्ति रामजन्मोत्सव पर साकार होती दिखी। रामजन्मोत्सव में गुरुवार नगरी उत्सव के रंग में डूब गई थी। अयोध्यावासी निहाल हैं, चहुंओर उल्लास है। सबके चेहरे पर रामजन्मोत्सव की शुभ घड़ी पर उल्लास झलक रहा था। मंदिरों में गीत-संगीत उत्सव का चरम परिभाषित कर रहे थे।
नवमी राम की, राम का सुमिरन करा जाती है नवमी राम की। मौका था प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव का श्री हनुमत निवास में प्रख्यात साहित्यकार महंत मिथलेश नन्दनी शरण महाराज के सानिध्य में जन्मोत्सव मनाया जा रहा था। इस अवसर पर मंदिर परिसर का अलग ही नजारा था। भक्तों द्वारा नृत्य किये जा रहे थे। ढोलक की थाप पर विविध भाषाओं में संत महंत अपने आराध्य की आराधना कर रहे थे, बधाई गीत गा रहे थे। महंत मिथलेश नन्दनी शरण महाराज ने बताया कि प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर बन रहा है देश में ही नहीं विदेशों में यह उत्सव मनाया जा रहा है, जितने सनातनी हैं सब राममय हो गए हैं और अपने आराध्य के जन्म उत्सव में अयोध्या आ रहे हैं। जो अयोध्या नहीं आ पा रहे हैं वह अपने घर में मना रहे हैं ऐसा वातावरण या तो त्रेतायुग में था या मंदिर निर्माण के समय अब लौट रहा है।
भगवान श्री राम के जन्मोत्सव की अलौकिक छटा हनुमत निवास मंदिर में देखी जा सकती है। 10 बजे से ही महंत मिथलेश नन्दनी शरण महाराज के सानिध्य में रंगभरी बधाई गान प्रारंभ थी। अवध में चहुओर बाजे बाजे रसीली बधाइयां से परिसर में उपस्थित हजारों की संख्या में भक्त नाचने लगे और यह क्रम 12 बजे तक चलता है जैसे ही घड़ी की तीनों सुईयां एक पूरा परिसर श्री राम लला की जय कारे से गुंजायमान हो उठा, घंटा घडियाल बजने लगे। भगवान के प्रकट होते ही आरती उतारी गई। जिसके बाद भी घंटो तक परिसर में बधाई चलती रही।मंदिर परिसर में चल रही श्रीराम कथा में भी भगवान के जन्म उत्सव की कथा हुई व्यासपीठ से महंत मिथलेश नन्दनी शरण महाराज ने बताया प्रभु का जन्म दुष्टों के संहार मात्र के लिए हुआ था यह एक बहाना है प्रभु का अवतार पृथ्वी पर मानव कल्याण के लिए हुआ था क्योंकि आनंदकंद प्रभु श्री राम वसुंधरा पर मर्यादा की स्थापना के लिए अवतार लिए और समाज को अपने चरित्र की लीला से संदेश दिया। जन्म की कथा सुन उपस्थित सभी भक्त भावविभोर हो गए। अंत में आरती उतार प्रसाद वितरण किया गया।

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