Friday 6th of November 2026

ब्रेकिंग

श्रीराम एवं मां सीता को परमाराध्य एवं उनके दूत हनुमान जी को परमाचार्य के रूप में स्वीकृत- शिरोधार्य

दिगंबर अखाड़ा में हुतात्मा कारसेवक स्मृति सभा का भव्य आयोजन, चंपत राय बोले- 500 वर्षों के संघर्ष और कारसेवकों के बलिदान

भक्ति आंदोलन मंच न्यास का विस्तार, महंत परशुराम दास बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बाल योगी रामदास को प्रदेश की कमान

सर्किट हाउस में हुआ स्वागत, बादल बोले- संगठन को मिलेगी नई मजबूती

हनुमानगढ़ी स्थित आश्रम में जुटे संत-महंत और राजनीतिक हस्तियां, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी कर चुके थे आश्रम

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: गुरुदेव भजनानंदी हाेने के साथ साथ अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे: महंत रामकिशोर दास 

बमबम यादव

Sat, May 3, 2025
गुरुदेव भजनानंदी हाेने के साथ साथ अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे: महंत रामकिशोर दास
सिद्धपीठ हनुमानकिला मंदिर के महंत रामभजन दास को संतों ने किया नमन
अयोध्या। सिद्धपीठ हनुमानकिला मंदिर रामघाट अयोध्या धाम के साकेतवासी महंत रामभजन दास रामायणी महाराज काे संताें ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शुक्रवार को महंत रामभजन दास का त्रयाेदश संस्कार रहा। तेरहवीं भंडारे पर उपस्थित संत-महंतों ने उनके चित्रपट पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। संताें द्वारा महंत के कृतित्व-व्यक्तित्व का बखान भी किया गया। विगत दिनों महंत रामभजन दास रामायणी महाराज का 92 वर्ष की अवस्था में साकेतवास हो गया था। वह पिछले कुछ महीनाें से बीमार चल रहे थे। जिनका क्रिया-कर्म उनके उत्तराधिकारी रामकिशोर दास ने किया। उन्होंने अपने जीवनकाल में ही रामकिशोर दास काे अपना उत्तराधिकारी नियुक्त कर दिया था। तब से रामकिशोर दास ही हनुमानकिला मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे हैं और उन्होंने गुरुदेव की खूब सेवा किया। महंत रामकिशोर दास ने कहा कि उनके गुरुदेव भजनानंदी हाेने के साथ साथ अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे। वह आज हम सबके बीच नही हैं। जिनकी कमी बहुत ही अखर रही है। भविष्य में उस रिक्त स्थान की पूर्ति कभी नही की जा सकती है। उनकी यश और कीर्ति सदैव हम लोगों के साथ रहेगी। गुरुदेव के बतलाए हुए मार्ग का अनुसरण कर आगे बढ़ेंगे। मठ का सर्वांगीण विकास करेंगे। आश्रम में ठाकुरजी की सेवा संग गाै, संत, विद्यार्थी, आगंतुक सेवा सुचार रूप से चलती रहेगी। अंत में महंत रामकिशोर दास व महंत शिवराम दास ने पधारे हुए संत-महंताें काे भेंट-विदाई दिया। त्रयाेदश संस्कार पर महंत कमलनयन दास, जगदगुरु रामानंदाचार्य रामदिनेशाचार्य, जगदगुरु परमहंसाचार्य, महंत जन्मेजय शरण, महंत अवधेश दास, महंत अयोध्या दास, महंत रामानंद दास, महंत उमेश दास,महंत भरत दास शास्त्री, नंदराम दास, महंत अवधकिशाेर शरण, महंत सच्चिदानंद दास, महंत रामलाेचन शरण, महंत गिरीश दास, महंत शशिकांत दास, महंत रामजी शरण,राजगोपाल मंदिर के सर्वेश्वर दास शरद जी, महंत वीरेंद्र दास, महंत प्रियाशरण, महंत प्रियाप्रीतम शरण, महंत राममिलन दास, स्वामी छविराम दास, महंत जनार्दन दास, महंत रामकुमार दास, महंत श्रीधर दास, महंत उत्तम दास, महंत भूषण दास, महंत सीताराम दास, महंत कमलादास, महंत चंद्रशेखर दास, महंत रामअवध दास, महंत धर्मदास, महंत शिवराम दास, पुजारी रमेश दास, महंत अवनीश दास, महंत रामलखन शरण, महंत अशोक दास, महंत रामप्रकाश दास, महंत तुलसीदास दास आदि उपस्थित रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें