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: सरयू तट पर गीत-संगीत व अध्यात्म की त्रिवेणी प्रवाहमान हो रही

बमबम यादव

Mon, Jun 13, 2022

आंजनेय सेवा संस्थान के तत्वाधान में तीन दिवसीय सरयू जयंती महोत्सव का छाया उल्लास

अयोध्या। रामनगरी में तीन दिवसीय सरयू जयंती महोत्सव का अपने चरम पर है। सरयू तट पर गीत-संगीत व अध्यात्म की त्रिवेणी प्रवाहमान हो रही है। रामकथा, सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित अनुष्ठानों के आयोजन से सरयू तट की आध्यात्मिक आभा शिखर को स्पर्श करती नजर आती है। आंजनेय सेवा संस्थान के तत्वाधान में इस वर्ष भी सहस्त्रधारा घाट पर तीन दिवसीय अवध सरयू जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के संयोजक महंत शशिकांत दास ने बताया कि कथा का शुभारंभ प्रख्यात कथावाचक प्रेमभूषण व अधिकारी राजकुमार दास ने द्वीप प्रज्वलन कर किया। भक्तों को कथारस का पान कराते हुए जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि मां सरयू के दर्शन मात्र से ही कलियुग के पापों का नाश हो जाता है। इनके तट पर आना भक्ति के आश्रय को प्राप्त कर लेना है। अवधपुरि मम पुरी सुहावनि, उत्तर दिशि बह सरयू पावनि। तुलसीदास ने इस पंक्ति में सरयू नदी को अयोध्या की पहचान का प्रमुख प्रतीक बताया है। रामदिनेशाचार्य का कहना है कि सरयू शब्द का अर्थ होता है जो मान सरोवर से प्रकट हुयी हो उसे सरयू कहते है।ये मान सरोवर से चलकर किसी बड़े नगर को छूती है तो वो सिर्फ़ अयोध्या का तट है।बाकि ये जंगल और गाँव से गुजरती है।ये सारी बातें सरयू और अयोध्या के अभिन्न संबंध को प्रस्तुत करती है।इसी कारण इनका एक नाम राम प्रिया भी है।पुराणों में भगवान विष्णु के नेत्र से प्रकट होने के कारण सरयू को नेत्रजा  कहा गया है।ईश्वर के आँखों में करूणा का वास होता है।ईश्वर की करूणा ही पिघल कर सरयू के रूप में प्रवाहित हुयी है।अयोध्या में भगवान का पूजन सरयू जल के बिना नहीं होता है। कथा प्रवचन के बाज सांस्कृतिक संध्या सजी जिसमें चौबे बंधुओं दीपक व दीपांशु ने शमां बांध दिया। सरयू मैया तेरी निर्मल धारा जय सरयू मैया आदि की प्रस्तुति सराहनीय रही। महोत्सव का शुभारंभ श्रीराम बल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, प्रख्यात कथावाचक प्रेमभूषण, अर्पित दास बुंदेलखंड व कार्यक्रम के संयोजक महंत शशिकांत दास ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया। आंजनेय सेवा संस्थान के अध्यक्ष रामकचेहरी मंदिर के महंत शशिकांत दास ने बताया कि मुख्य पर्व जयंती उत्सव मंगलवार की शाम मनाया जाएगा। मां सरयू की दिव्य भव्य झांकी सजेेगी व महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

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