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: महान दार्शनिक व पराक्रमी योद्धा थे गुरु गोविंद सिंह : नवदीप रिनवा

बमबम यादव

Sun, Jan 9, 2022

-भजन-कीर्तन के साथ मनाया गया प्रकाश उत्सव

अयोध्या। रविवार को राम नगरी में सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव की छटा बिखरी खिड़की अली बेग स्थित गुरुद्वारा दुखनिवारण में भजन-कीर्तन के साथ प्रकाश उत्सव मनाया गया हरियाणा से आए बाबा अमरजीत सिंह भोला भाई सुरेंद्र सिंह खालसा एवं साथी सिख संगत के लोगों के रागी जत्थे ने शबद कीर्तन और भजन प्रस्तुत कर भक्ति भाव का संचार किया गुरुबानी सुनाकर माहौल भक्तिमय कर दिया। गुरुद्वारा दुखनिवारण से रविवार को श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के जन्मोत्सव पर गुरुद्वारा दुख निवारण में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया इसके बाद गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया व पंज प्यारे की अगुवाई में कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया नवागत मंडलायुक्त आईएएस अधिकारी नवदीप रिनवा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदरणीय माताओं और बहनों और प्रिय भाइयों आज हम खालसा पंथ के संस्थापक दशम पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 355 वे प्रकाश पर्व के अवसर पर श्रद्धा पूर्वक सत्कार अर्पित करने खिड़की अली बेग स्थित गुरुद्वारा दुखनिवारण में एकत्रित हुए हैं श्री गुरु गोविंद सिंह जी एक महान दार्शनिक प्रख्यात कवि और पराक्रमी योद्धा थे उनके परिवार की तीन पीढ़ियों ने इस राष्ट्र और समाज के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी पहले उनके पिता गुरु श्री तेग बहादुर सिंह जी ने कश्मीरी पंडितों की धर्म रक्षा में अपना जीवन बलिदान किया उसके बाद गुरु गोविंद सिंह जी के चार पुत्रों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया । साहिबजादा अजीत सिंह और साहिबजादा जुझार सिंह ने युद्ध में वीरगति पाई और साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह ने अपना धर्म परिवर्तन करने की बजाय सरहिंद में जीवित दीवार में चुना स्वीकार किया अंत में गुरु गोविंद सिंह जी ने नांदेड़ महाराष्ट्र में अपनी अंतिम सांस ली थी गुरु गोविंद सिंह जी ने देश के विभिन्न हिस्सों से अलग-अलग जाति के पांच व्यक्तियों को चुनकर जिस प्रकार उनको अमृत छका कर पंज प्यारा बनाया उससे जाति पाति से ऊपर उठकर समाज को संगठित करने की उनकी सोच के बारे में पता चलता है अपने पुत्रों के वीरगति प्राप्त होने पर उन्होंने कहा था इन पुत्रन के शीश पर वार दिए सुत चार । 4 मुए तो क्या हुआ जीवित कई हजार । श्री गुरु गोविंद सिंह ने खालसा वाणी ’ वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह’ स्थापित की श्री गुरु गोविंद सिंह ने कहा’ देहि शिवा वर मोहे शुभ कर्मन ते कबहु न टरूं’  यानी हम अच्छे कर्मों से कभी पीछे न हटे परिणाम भरे ही चाहे जो भी हो आज जरूरत है कि उनके दिखाए मार्ग पर चलकर हम सभी राष्ट्र समाज में भाईचारे को मजबूत करें आइए उनकी जयंती पर हम सब यह प्रेरणा लेकर आगे बढ़े । इस दौरान कार्यक्रम में प्रमुख रूप से समिति के राजेंद्र सिंह छाबड़ा, प्रति पाल सिंह, अमनदीप सिंह,मंडलायुक्त नवागत मंडलायुक्त आईएएस अधिकारी नवदीप रिनवा, एसएसपी शैलेश पांडे, एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर, राजनीतिक क्षेत्र से पूर्व सांसद निर्मल खत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रोहित सिंह, विधायक शोभा सिंह चौहान, विधायक गोरखनाथ बाबा, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, भाजपा नेता सुनील शास्त्री, समाजसेवी विकास श्रीवास्तव, पार्षद जगन नारायण यादव, पार्षद प्रतिनिधि अभय श्रीवास्तव, शैलेंद्र अवस्थी, संतोष सिंह, विपणन अधिकारी सत्येंद्र सिंह, पूर्व मंत्री श्री नारायण पांडे सहित अन्य उपस्थित रहे।

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