Tuesday 3rd of November 2026

ब्रेकिंग

दिगंबर अखाड़ा में हुतात्मा कारसेवक स्मृति सभा का भव्य आयोजन, चंपत राय बोले- 500 वर्षों के संघर्ष और कारसेवकों के बलिदान

भक्ति आंदोलन मंच न्यास का विस्तार, महंत परशुराम दास बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बाल योगी रामदास को प्रदेश की कमान

सर्किट हाउस में हुआ स्वागत, बादल बोले- संगठन को मिलेगी नई मजबूती

हनुमानगढ़ी स्थित आश्रम में जुटे संत-महंत और राजनीतिक हस्तियां, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी कर चुके थे आश्रम

अयोध्या के प्रथम महापौर एवं परमहंस पीजी कॉलेज के संस्थापक प्रबंधक को जिम्मेदारी मिलने पर समर्थकों में खुशी, बधाइयों का

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: फूलबंग्ले में विराजेंगे रामलला व हनुमान जी

बमबम यादव

Sun, May 8, 2022

फूलों से महकेगा रामजन्म भूमि, कनक भवन व हनुमानगढ़ी मंदिर

दिव्य फूल बंगला झांकी का आयोजन वृन्दावन के जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज कर रहे 

अयोध्या। वैष्णवनगरी के मंदिरों में ज्येष्ठ मास की तपती गर्मी में भगवान को कूल-कूल रखने के लिए संतों ने फूलबंग्ले की झांकी के आयोजन की परंपरा शुरू की थी। उत्सव के रूप में आयोजित प्राचीन काल की यह परंपरा आधुनिक काल में भी कायम है। वह भी तब जब अधिकांश मंदिरों में पंखे व कूलर की व्यवस्था की जा चुकी है। इसी परंपरा को आज भी बड़ी शिद्दत से निभा रहें वृंदावन से उच्चकोटि के संत जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज महाराज के पावन सानिध्य में 17 मई मंगलवार को 

ज्येष्ठ मास पर कनक रामजन्मभूमि में भगवान रामलला सरकार को कनकभवन में बिहारी सरकार व हनुमानगढ़ी में हनुमानजी की भव्य फूलबंग्ला झांकी सजायी जायेगी।

जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज महाराज बताते है कि मंदिरों में विराजमान भगवान के विग्रह संत-साधकों के लिए वस्तुत: अर्चावतार की भांति हैं। मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित देव प्रतिमा को सजीव माना जाता है। यही कारण है कि साधक संतों ने उपासना के क्रम में विराजमान भगवान के अष्टयाम सेवा पद्घति अपनाई। इस सेवा पद्घित में भगवान की भी सेवा जीव स्वरूप में ही की जाती है। जिस प्रकार जीव जैसे सोता, जागता है उसी प्रकार भगवान के उत्थापन व दैनिक क्रिया कर्म के बाद उनका श्रृंगार पूजन, आरती भोग-राग का प्रबंध किया जाता है। इसी क्रम में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए पुरातन काल में संतों ने फूलबंग्ला झांकी की परंपरा का भी शुभारंभ किया था, जिसका अनुपालन आज भी हम कर रहे है। जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज महाराज ने बताया कि धर्मनगरी वृंदावन व अयोध्या में प्रतिवर्ष दिव्य भव्य फूल बंग्ला झांकी का आयोजन होता है। इस बार यह दिव्य आयोजन 17 मई मंगलवार को होगा। उन्होंने बताया कि झांकी काेलकाता के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार की जाती है, जिसमें उपयोग किए जाने वाले फूल बनारस, लखनऊ, वृन्दावन, कलकत्ता आदि जगहों से मंगवाए गए जाते है। इसके आलावा कुछ पुष्प विदेशाें से भी आयातित किए जाते है। यह आयोजन जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज वृंदावन और  सभी भक्तो द्वारा किया जाता है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें