: दुरदुरिया पूजन व संत पूजन के साथ अयोध्या महोत्सव का आगाज
Fri, Dec 30, 2022
भाजपा प्रदेश सहप्रभारी सुनील ओझ़ा ने कार्यक्रम का किया उद्घाटन
अयोध्या महोत्सव लोकपरम्परा व आस्था के संगम का दर्शन कराती 51 सौ मातृशक्तियों ने किया दुरदुरिया पूजन
अयोध्या। लोकपरम्परा व आस्था के संगम का दर्शन कराती 51 सौ मातृशक्तियों द्वारा सम्पादित दुरदुरिया पूजन व संत पूजन के बाद अयोध्या महोत्सव का आगाज हो गया। मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश सहप्रभारी भाजपा सुनील ओझा ने कार्यक्रम का दीप प्रज्जवल के माध्यम उद्घाटन किया। विशिष्ट अतिथि के रुप में रामजन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास, महंत गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह विधायकों में वेद प्रकाश गुप्ता, रामचन्दर यादव, अमित सिंह चौहान, भाजपा महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह उपस्थित रहे। अयोध्या महोत्सव न्यास के अध्यक्ष हरीश श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
दुरदुरिया पूजन के उपरान्त संत पूजन का आयोजन हुआ। मानव के लिए सच्चे पथ प्रदर्शक की भूमिक निभाने वाले गुरुओं के पूजन से अयोध्या महोत्सव का पूरा परिवेश भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश सहप्रभारी सुनील ओझा ने कहा कि ग्राम्य परिवेश और लोकसंस्कृति में व्याप्त रचनात्मक आचार व्यवहार कला तत्व के रुप में परिणत हो लोककलाओं को समृद्ध करते है। इन्हीं लोककलाओं व परम्पराओं को इस तरह के आयोजन परिभाषित करते है। हमारी संस्कृति व कला को संरक्षण प्रदान करते है। जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने कहा कि अयोध्या महोत्सव में विख्यात कलाकार अपनी प्रस्तुति करके आम जनमानस को हमारी सांस्कृतिक विरासत का दर्शन कराते है। इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन से प्रतिभाओं को अपनी प्रस्तुति करने का एक अवसर मिलता है। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता कहा कि भारतीय संस्कृति व व्यवहार में ललित कला व लोकसंस्कृति का समावेश है। इस विषय को लेकर ग्रामीण परिवेश में बड़ी संख्या में प्रतिभाएं मौजूद है। बस आवश्यकता है उनमें निखार लाने की। विधायक रामचन्दर यादव ने कहा कि अयोध्या महोत्सव ने हमारी लोकसंस्कृति व पराम्पराओं को वैश्विक स्तर पर प्रसारित किया है।
विधायक अमित सिंह चौहान ने कहा कि अयोध्या महोत्सव का परिवेश भक्ति व आस्था के साथ हमारी सांस्कृतिक मूल्यों को भी परिभाषित करता है। अयोध्या महोत्सव न्यास के अध्यक्ष हरीश श्रीवास्तव ने बताया कि लोकसंस्कृति, लोककला व लोक परम्परा को वैश्विक स्तर पर परिभाषित करने की हमारी मुहिम ने व्यापक स्वरुप ले लिया है। उन्होने बताया कि 30 दिसम्बर को कन्या पूजन, रक्षक अभिनंदन समारोह, 31 को विशाल दंगल, अयोध्या आयडल, डीजे नाईट, 1 जनवरी को अयोध्या आयडल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, न्यू इयर नाईट, 2 जनवरी को कला साधक समारोह, अवध में राम, कवि सम्मेलन, तीन जनवरी को अयोध्या आयडल, लोककला चैम्पियनशिप, कामेडी नाईट, चार जनवरी को अयोध्या प्रतिभा सम्मान समारोह, अयोध्या आयडल, भोजपुरी सिने अवार्ड का आयोजन किया जायेगा। 5 को कलारंग धूमों अयोध्या, आपदा प्रबन्धन, फिटनेश प्रो चैम्पियनशिप, 6 को किसान गोष्ठी, अयोध्या आयडल, फोक अवार्ड शो, 7 से संस्कार युवा कुम्भ, मिस्टर एण्ड मिसेज कल्चर इंडिया व 8 जनवरी को सम्मान समारोह अयोध्य आयडल का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर रवि तिवारी, आकाश अग्रवाल, अरुण द्विवेदी, नाहिद कैफ, रेणुका रंजन श्रीवास्तव, बलवीर सिंह, विवेक पाण्डेय, विजय यादव, एसबी सागर, मोहित मिश्रा, रणजीत यादव, राजन श्रीवास्तव, दिनेश कुमार, पूजा अरोड़ा, ऋचा उपाध्याय, सुचि श्रीवास्तव, राजेश गौड़ उपस्थित रहे।
: श्री गिरिराज जी हैं कलियुग के एकमात्र देवता: महंत श्रीधर दास
Fri, Dec 30, 2022
कहा,तीर्थ में कथा श्रवण बड़े ही भाग्यशाली लोगों को मिलता है, अयोध्या बड़ी ही पवित्र भूमि है
अयोध्या। रामनगरी के राम घाट स्थित श्यामा सदन मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आज पंचम दिवस की पावन कथा का श्रवनपान करा रहे प्रख्यात कथावाचक श्यामा सदन पीठाधीश्वर महंत श्रीधर दास जी महाराज ने कथा में पधारे सभी भक्तों को भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए ब्रज की यादों से जोड़ा। उपस्थित सभी भक्तवृन्द ब्रज की पावन कथा से जुड़कर आनंदित हुए। साथ ही भगवान की माखन चोरी की लीलाओं का वृतांत सुनाया की किस प्रकार छोटे से कन्हैया गोपियों के घर जा जाकर ग्वाल बालों की टोली लेकर माखन की चोरी करते थे। और अपनी शरारत से सबका मन मोह लेते थे।उन्होंने कहा कि सभी ब्रजवासी कन्हैया को बहुत प्यार करते थे। अनेक बाल लीलाओं के साथ अनेक राक्षसों का उद्धार किया। कथाव्यास जी ने गोवर्धन पूजा की महिमा बताते हुए बताया कि श्री गिरिराज जी हैं कलियुग के एकमात्र देवता। जिसके ध्यान मात्र से होता है सभी बाधाओं का निवारण। बालयोगी श्रीधर दास ने कहा तीर्थ में कथा श्रवण बड़े ही भाग्यशाली लोगों को मिलता है। अयोध्या बड़ी ही पवित्र भूमि है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का दिव्य मंदिर बनने जा रहा है। हम लोग बड़े ही भाग्यवान है कि अपने आखों से ये सुनहरा अवसर देखने को मिल रहा है। साथ ही छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाते हुए सभी ने मस्ती में झूमते गाते हुए गिरिराज भगवान के दर्शन किये। श्रीमद् भागवत कथा में भक्तों का भारी हुजूम उमड़ा रहा।कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान महेश प्रसाद गुप्ता, आशा गुप्ता समस्त पावटा परिवार ने किया। इस मौके पर श्यामा सदन के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।
: श्यामा सदन मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया
Thu, Dec 29, 2022
जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है: महंत श्रीधर दास
अयोध्या। प्रसिद्ध पीठ श्यामा सदन मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा प्रख्यात कथावाचक श्यामा सदन पीठाधीश्वर महंत श्रीधर दास महाराज कर रहे है। कथा के चतुर्थ दिवस महाराज श्री ने प्रभु के वामन अवतार के वृतांत का विस्तार पूर्वक वर्णन भक्तों को करवाया एवं कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया। कथा के चतुर्थ दिवस की शुरुआत भागवत आरती के साथ की गई।व्यासजी ने कहा कि जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है। महंत श्रीधर दास ने बताया कि वामन अवतार भगवान विष्णु के दशावतारो में पांचवा अवतार और मानव रूप में अवतार था। जिसमें भगवान विष्णु ने एक वामन के रूप में इंद्र की रक्षा के लिए धरती पर अवतार लिया। महंत श्रीधर दास ने वामन अवतार की कथा सुनाते हुए कहा कि जब मानव दान में पूर्णता आ जाती है, तब भगवान स्वयं याचक बन कर आ जाते हैं और चरण कमल से कल्याण करते हैं। द्वारपाल बन कर उसकी रछा करते हैंं। कथा में भक्त पहले दिन से ही आनंद में डूबकर भजनो में झूमते एवं नाचते नजर आ रहे हैं।जैसे ही कथा के दौरान भगवान कृष्ण का जन्म हुआ पूरा मंदिर जयकारों से गूंज गया। महंत श्रीधर दास जी महाराज ने कहा कि प्रभू के आते ही माया मोह के बन्धन टूट जाते हैं और संसार रूपी कारागार से मुक्त हो जाता है। भक्ती रूप जमना में आकंठ निमग्न हो जाता है। कथा के दौरान कृष्ण जन्म उत्सव और भजनों पर श्रद्धालु जमकर नाचे। भगवान को माखन मिश्री का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया। एक दूसरे को कृष्ण जन्म की बधाईयां दीं।कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान महेश प्रसाद गुप्ता, आशा गुप्ता समस्त पावटा परिवार ने किया। इस मौके पर श्यामा सदन के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।