: एसएफसी म्यूजिक कंपनी ने झूमकर मनाया रंगोत्सव
Tue, Mar 7, 2023
डायरेक्टर समाजसेवी सुल्तान अंसारी ने होली पर सभी को दिया शुभकामना
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में गंगा जमुनी तहजीब के मिसाल के रूप में जाने पहचाने जाने वाले मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया के पुत्र समाजसेवी सुल्तान अंसारी ने एसएफसी म्यूजिक कंपनी की ओर से रंगोत्सव का जबरदस्त कार्यक्रम किया। जिसमें उन्होंने सभी को होली की शुभकामना दी। इस मौके पर रंगारंग कार्यक्रम भी हुआ। जिसमें होली आई होली आई ,होली के दिन दिल खिल जाते हैं ,सा रा रा रा जोगीरा आदि विभिन्न होली के गानों पर लोगों ने नृत्य किया और अबीर गुलाल खेलकर खूब मस्ती की। कार्यक्रम के अंत में सभी को मिठाई भी खिलाई गई।
एसएफसी म्यूजिक कंपनी के डायरेक्टर सुल्तान अंसारी ने बताया कि हमें होली में लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए होली हमे सभी बुराई भूलकर प्रेम से रहना सिखाती है। हमें होली में नशे का प्रयोग नहीं करना चाहिए। बुराई पर भलाई की जीत ही होली है।
एसएफसी म्यूजिक कंपनी के रंगोत्सव कार्यक्रम में रामनगरी के विशिष्ट संत व गणमान्य लोग शामिल हुए।
: सत्य स्वरूप परमात्मा का ध्यान ही उत्तम भक्ति: आचार्य धरणीधर
Mon, Mar 6, 2023
अयोध्या। बेनीगंज फेस तीन में चल रहे श्रीमद् भागवत में आचार्य धरणीधर जी महाराज ने गोपी गीत का संगीतमय प्रवचन किया। महाराज श्री ने गोपी गीत की अद्भुत व्याख्या सुनाते हुए कहा कि गोपी गीत श्री मद् भागवतजी का हृदय है जिसे सुनने मात्र से मनुष्य का कल्याण हो जाता है इसलिए जिस भी व्यक्ति को अपने मानव जीवन के कल्याण की इच्छा हो उसे प्रति दिन गोपी गीत का पाठ करना या सुनाना अवश्य चाहिए।अतः भगवान श्री कृष्ण ज्ञान के देवता हैं और माता रुक्मिणी लक्ष्मी यानि धन की देवी हैं ।रुक्मिणी का भाई रुक्मि, रुक्मिणी का विवाह शिशुपाल के साथ करना चाहता था। शिशुपाल यानि, शिशु या बच्चा, पाल यानि पालन करना, आचार्य धरणीधर जी ने कहा कि जो मनुष्य अपने घर परिवार के पालन पोषण में हीं अपनी सारी अक्ल और कमाई लगाता है ।उसके जीवन से भगवान् लक्ष्मी रुपी रुक्मिणी का हरण कर लेते हैं। इसलिए हर मानव का यही धर्म है कि अपने धन रुपी लक्ष्मी को नारायण के चरणों में निवेदित कर अपने धन का सदुपयोग कर लक्ष्मी और नारायण दोनों का अनुदान वरदान प्राप्त कर अपने मानव जीवन को धन्य बनावें।कथा के मध्य में दूल्हा और दुल्हन के रूप में भगवान श्री कृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह की सुन्दर झांकी भी प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर मुख्य यजमान हरीराम पाण्डेय,हरी प्रसाद पाण्डेय अयोध्या प्रसाद पाण्डेय, शैलेन्द्र पाण्डेय, आदेश पाण्डेय,डा.दिलीप सिंह,जय शंकर पाण्डेय, ग्राम प्रधान छट्ठू पाण्डेय,भास्कर मिश्र सहित बड़ी संख्या में कथा प्रेमी मौजूद रहें।
: अहंकार का सबसे बड़ा शत्रु आनंद: रामानुजाचार्य
Mon, Mar 6, 2023
कहा, श्रीकृष्ण आनंद स्वरूप, कृष्ण के रूप में आनंद ही प्रकट हुआ
अयोध्या। अहंकार का सबसे बड़ा शत्रु आनंद है। जहाँ आनंद और प्रेम है वहां अहंकार टिक नहीं सकता, उसे झुकना ही पड़ता है। समाज में एक बहुत ही उच्च स्थान पर विराजमान व्यक्ति को भी अपने छोटे बच्चे के सामने झुकना पड़ जाता है। जब बच्चा बीमार हो, तो कितना भी मजबूत व्यक्ति हो, वह थोडा असहाय महसूस करने ही लगता है। प्रेम, सादगी और आनंद के साथ सामना होने पर अहंकार स्वतः ही आसानी से ओझल होने लगता है । श्री कृष्ण आनंद के प्रतीक हैं, सादगी के सार हैं और प्रेम के स्रोत हैं।उक्त बातें सरायराशी पूराबाजार में आयोजित भागवत कथा के पंचम दिवस जगद्गुरू रामानुजाचार्य रत्नेश जी महाराज ने कही।
उन्होंने कहा कि कंस के द्वारा देवकी और वासुदेव को कारावास में डालना इस बात का सूचक है कि जब अहंकार बढ जाता है तब शरीर एक जेल की तरह हो जाता है। जब श्री कृष्ण का जन्म हुआ था, जेल के पहरेदार सो गये थे। यहां पहरेदार वह इन्द्रियां है जो अहंकार की रक्षा कर रही हैं क्योंकि जब वह जागता है तो बहिर्मुखी हो जाता है। जब यह इन्द्रियां अंतर्मुखी होती हैं तब हमारे भीतर आंतरिक आनंद का उदय होता है। जगद्गुरू जी ने कहा कि समाज में पहले से लेकर आखिरी व्यक्ति का खयाल करके उसके उत्थान के लिए भिन्न-भिन्न आयामों का आविष्कार और स्वीकार करते हुए व्यक्ति की आवश्यकताएँ व महत्ता को समझ के उसका विकास करनेवाला जो परात्पर ब्रह्म हर जगह मौजूद है।कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन कथा यजमान रामजीत सिंह आयोजक चंद्रभूषण सिंह,ज़िला पंचायत अध्यक्ष आलोक कुमार रोहित,पूर्व ज़िला पंचायत सदस्य अंकुर सिंह ने किया।