: बिंदु संप्रदाय के गौरव थे महंत विश्वनाथ प्रसादाचार्य
बमबम यादव
Sun, Dec 12, 2021
चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान के 12वें बिंदुगाद्याचार्य की 24वीं पुण्यतिथि सोमवार को
अयोध्या।श्रीराम नगरी अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान के बारहवें बिंदुगाद्याचार्य महंत स्वामी विश्वनाथ प्रसादाचार्य जी महाराज कि 24 वी पुण्यतिथि सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। जिसकी तैयारी दशरथ राजमहल बड़ा स्थान में पूरी कर ली गई है। प्रभु श्री राम के पावन विवाह उत्सव के बाद श्री महाराज जी की पुण्यतिथि बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। जिसमें अयोध्या के सभी संत धर्माचार्य आचार्य श्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। वर्तमान पीठाधीश्वर बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज ने बताया कि श्री महाराज जी 12 वें आचार्य थे और गौ सेवा संत सेवा को ही अपना धर्म मानते थे। हमेशा संतों की सेवा अयोध्या में चलती रहती थी दशरथ राजमहल में जो भी व्यक्ति श्री महाराज जी के सम्मुख आया वह खाली हाथ नहीं लौटा उसकी इच्छाओं की पूर्ति श्री महाराज जी ने की।
उन्होंने बताया कि श्री महाराज जी हमेशा यही कहते थे कि सेवा में ही परमात्मा का वास होता है और हमेशा सेवा चलती रहनी चाहिए। उन्होंने बताया था कि पूर्वाचार्यों द्वारा भी दशरथ महल में सेवा की जा रही थी और वैसी सेवा अनंत काल तक चलती रहेगी। श्री महाराज जी ने बताया दशरथ महल बिंदु संप्रदाय की आचार्य गद्दी है और यहां सदियों से सेवा चल रही थी और आज भी गौ सेवा संत सेवा निरंतर चल रही है। सभी उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं। सोमवार को श्री महाराज जी की 24 वीं पुण्यतिथि बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। जिसमें श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। अयोध्या के संत महंत श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस आयोजन में बिंदुगाद्याचार्य के कृपापात्र शिष्य महंत कृपालु रामभूषण दास जी लगे हुए है।
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