: जीवन के उत्थान हेतु जरूरी है विचारों का शुद्ध होना: हरिओम तिवारी
बमबम यादव
Thu, Apr 7, 2022
श्री जानकी महल ट्रस्ट में राघवचरणानुरागी हरिओम तिवारी के श्रीमुख से बह रही श्रीराम कथा की रसधार,राम नाम की रसधार पर झूम उठे भक्तगण
अयोध्या। तीर्थ नगरी अयोध्या के जानकी महल स्थित चल रही पंच दिवसीय कथा में आये हुये श्रद्धालु राम-नाम की महिमा सुनकर बरबस ही झूम उठे। कथा व्यास जिले के प्रसिद्ध समाजसेवी हरिओम तिवारी ने कहा कि, यदि हम अपने जीवन में हर प्रकार से उत्थान चाहते हैं। तो उसके लिये सबसे ज्यादा जरूरी है हमारे विचारों का शुद्ध होना। उन्होंने ने कहा कि हमारा मन, नश्वर शरीर का घर होता है, औऱ ये बात किसी से भी छुपी नहीं है कि जहाँ शुद्धता होती हैं वहाँ देवताओं का स्वयं निवास होता है। तथा हर वो स्थान पवित्र होता है जहाँ राम-नाम का गुणगान होता है। उनके अनुसार जिस प्रकार भौतिक शरीर को स्वस्थ रखने के लिये अच्छे खान- पान की जरूरत होती है, ठीक उसी प्रकार आत्मा को शुद्ध रखने के लिये जरूरी होता है, अच्छे लोगों का सानिध्य प्राप्त करना, जिससे स्वतः ही हमारे अंदर लोगों के कल्याण हेतु अच्छे भाव उत्पन्न हो सकें। समाजसेवी ने लोगों से सनातन धर्म का ज्यादा से ज्यादा प्रचार व प्रसार करने की अपील की।
इस अवसर पर शिवओम तिवारी, संदीप तिवारी,प्रदीप दुबे, प्रदीप पाण्डेय, नरेश पोतदार, आदित्य सुल्तानिया, सहित सैकङो भक्तगण उपस्थित रहे
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