Monday 4th of May 2026

ब्रेकिंग

संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: अमरकंटक के तपोनिष्ठ महंत बर्फानी दादा जी को संतो ने किया नमन

बमबम यादव

Mon, Dec 13, 2021

बर्फानी दादाजी महाराज सेवा को ही परम धर्म मानते थे, पूरे भारत में सभी तीर्थ स्थलों में सेवा किया करते थे इसी कारण से महाराज जी के पूरे भारत में कई आश्रम हैं जहां आज भी महाराज जी के प्रमुख शिष्यों द्वारा सेवा किया जा रहा...

अयोध्या। अखिल भारतीय चतु: सम्प्रदाय के अध्यक्ष हिमालय के कायाकल्पी अमरकंटक के तपोनिष्ठ महंत बर्फानी दादा जी महाराज की प्रथम पुण्यतिथि श्री राम नगरी अयोध्या में बर्फानी दादा के मुख्य शिष्य बाल योगी महंत लक्ष्मण दास मौनी जी महाराज के दिशा निर्देशन में प्रमुख गद्दी के महंत रामशरण दास और परमहंस महंत कृष्णा दास जी महाराज के संयोजन में श्री राम नगरी अयोध्या के तेरह भाई त्यागी खाक चौक अयोध्या में मनाया गया। मंदिर प्रांगण में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें अयोध्या के संतो महंतों ने श्री महाराज जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और शब्द रूपी भावांजलि श्री महाराज जी को समर्पित किया। श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर महंत कृष्णा दास जी महाराज ने बताया कि श्री बर्फानी दादाजी महाराज कायाकल्पी थे संत स्वरूप में गुरु भगवान रूप में हम सभी को आशीर्वाद प्राप्त होता रहा है लेकिन पिछले वर्ष श्री महाराज जी का साकेत वास हो गया और आज रविवार को श्री महाराज जी की प्रथम पुण्यतिथि अयोध्या में मनाई गई क्योंकि यह वही स्थान है जिसकी स्थापना श्री महाराज जी के गुरु भगवान ने किया था।
   श्री महाराज जी ने बताया कि बर्फानी दादाजी महाराज सेवा को ही परम धर्म मानते थे और पूरे भारत में सभी तीर्थ स्थलों में सेवा किया करते थे इसी कारण से महाराज जी के पूरे भारत में कई आश्रम हैं जहां आज भी महाराज जी के प्रमुख शिष्य द्वारा सेवा का कार्य किया जा रहा है। महाराज जी का यही आदेश था की सेवा में ही परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है इसलिए निरंतर सेवा चलती ही रहनी चाहिए क्योंकि संत का प्रमुख कार्य सेवा ही है। श्री महाराज जी की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धांजलि सभा में अयोध्या के महंत सीताराम त्यागी, महंत राम कुमार दास, महंत भानुदास,करतलिया आश्रम के महंत बाल योगी रामदास जी श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रसाद पाए।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें