: प्रयागराज में संतों की बैठक में हंगामा, अखाड़े के दो गुटों के बीच जमकर हुई हाथापाई
Thu, Nov 7, 2024
प्रयागराज में संतों की बैठक में हंगामा, अखाड़े के दो गुटों के बीच जमकर हुई हाथापाईमहाकुंभ से पहले अखाड़ों का आपसी विवाद सतह पर आ गयाकुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद के साथ प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय पर अखाड़ों के प्रमुख संतों के साथ हुई बैठकबैठक के बाद मेला क्षेत्र में जमीन दिखाया जाना था, इसके पहले निर्मोही अनी अखाड़ा के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास व दूसरे संतों में होने लगी कहासुनीप्रयागराज। महाकुंभ से पहले अखाड़ों का आपसी विवाद सतह पर आ गया। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद के साथ प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय पर अखाड़ों के प्रमुख संतों के साथ गुरुवार की दाेपहर बैठक चल रही थी। बैठक के बाद मेला क्षेत्र में जमीन दिखाया जाना था।
इसके पहले निर्मोही अनी अखाड़ा के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास व दूसरे संतों में कहासुनी होने लगी। पहले एक-दूसरे को अपशब्द कहने लगे। फिर देखते ही देखते हाथापायी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर मेलाधिकारी ने सबको शांत कराया। मौके पर काफी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवानों को तैनात कर दिया गया है।
: महाकुंभ 2025 की तैयारी में जुटा निर्वाणी आनि अखाड़ा
Wed, Jul 17, 2024
अध्यक्ष श्रीमहंत मुरली दास महासचिव महंत नंदरामदास व सत्यदेव दास के नेतृत्व में होगा शाही स्नान: महंत संजय दास
प्रयागराज में कुंभ मेला प्रशासन की मीटिंग में शामिल होने के लिए हनुमानगढ़ी से अध्यक्ष व महासचिव के नेतृत्व में सौकड़ों नागा साधु प्रयागराज हुए रवाना
अयोध्या। अखिल भारतीय श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अनि अखाड़ा हनुमानगढ़ी महाकुंभ 2025 की तैयारियों में जुट गया। जिसको लेकर हनुमानगढ़ी में पंचायत की बैठक करके अध्यक्ष व महासचिव की घोषणा भी हो गई है। पंचायती व्यवस्था के अनुसार महाकुंभ की पूरी व्यवस्था व शाही स्नान निर्वाणी अनि अखाड़ा के अध्यक्ष श्रीमहंत मुरली दास व महासचिव महंत सत्यदेव दास, महंत नंदराम दास के नेतृत्व में होगा। इसकी जानकारी देते हुए संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज ने कहा कि महंत धर्मदास व महंत गौरीशंकर दास का कार्यकाल समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज मेला प्रशासन द्धारा महाकुंभ 2025 की सभी अखाड़ों की बैठक गुरुवार 18 जुलाई को होनी है। इस बैठक में शामिल होने के लिए श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अनि अखाड़ा अपने अध्यक्ष व महासचिव के नेतृत्व में सौकड़ों नागा साधु संत प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। प्रयागराज के लिए अध्यक्ष श्रीमहंत मुरली दास, महासचिव महंत नंदराम दास व महासचिव महंत सत्यदेव दास, हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास महाराज के कृपापात्र शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास, राजेश पहलवान, केशव दास, इंद्रदेव दास,कृष्ण कुमार दास, विमल दास,वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, मामा दास, लवकुश दास, आनंद दास, मनीराम दास,उपेंद्र दास, सूर्यभान दास, अभिषेक दास, रिंकु दास, कृष्ण कांत दास सहित बड़ी संख्या में नागा साधु संत मौजूद रहें।
: वेशभूषा और परिचय पत्र दिलाएगा संतों को पहचान
Sat, Jul 13, 2024
फर्जी संतों की पहचान के लिए अखाड़ा परिषद का अहम निर्णय
महाकुंभ-2025 के दृष्टिगत 13 अखाड़ों में शुरू हुई प्रक्रिया
प्रयागराज। संतों की पहचान माथे पर तिलक, गले में माला व शरीर में भगवा, पीला या सफेद वस्त्र के साथ अब परिचय पत्र से भी होगी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने फर्जी संतों को चिह्नित करने के लिए संतों का परिचय पत्र बनाने का निर्णय लिया है। उसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। 13 अखाड़ों से जुड़े संतों, महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, नागा संन्यासियों सहित समस्त पदाधिकारियों का परिचय पत्र बनाया जा रहा है, जिसे गले में लटकाना होगा। परिचय पत्र देखकर महाकुंभ 2025 में अखाड़ों के शिविर में संतों को प्रवेश दिया जाएगा।
अखाड़ा परिषद का मानना है कि आज संत की वेशभूषा में दूसरे समुदाय के लोग घूम रहे हैं। जिन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में पकड़ा गया है। महाकुंभ में संगम तट पर करोड़ों की भीड़ आएगी। श्रद्धालुओं को गुमराह करने के लिए अराजकतत्व सहित कोई भी संत की वेशभूषा धारण कर सकता है। इससे संत समाज की छवि धूमिल होगी। ऐसे में फर्जी संतों का मेला क्षेत्र व अखाड़े के शिविर में प्रवेश रोकने के लिए सबका परिचय पत्र बनाने का निर्णय लिया गया है। परिचय पत्र बनवाने के लिए आधार कार्ड होना आवश्यक है। आधार कार्ड न होने पर परिचय पत्र नही बनेगा। परिचय पत्र में सबसे ऊपर संबंधित अखाड़े के आराध्य का चित्र रहेगा। इसके बाद नाम, आयु, गुरु का नाम (अखाड़े के आराध्य का नाम), सिद्ध का नाम (जिससे दीक्षा लिया है उसका नाम), मढ़ी, धूनी, आधार नंबर व पैन नंबर देना होगा। संत की फोटो लगाकर उसे बनाया जाएगा। हर अखाड़े के सचिव को परिचय पत्र प्रमाणित करने का अधिकार दिया गया है। वो संबंधित महात्मा के बारे में पूरी जानकारी एकत्र करने के बाद अखाड़े की मुहर लगाकर अपना हस्ताक्षर करेंगे।
अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि अराजकतत्वों पर नजर रखने के पत्र बनाया जा रहा है। कुंभ मेला प्रशासन से आग्रह करेंगे कि संत के वेश में घूमने वाले लोगों का परिचय पत्र देखने के बाद ही मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जाय। इससे सुरक्षा पुख्ता रहेगी।
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी सचिव श्रीमहंत यमुना पुरी ने कहा कि महाकुंभ में करोड़ों की भीड़ रहेगी। फर्जी संतों व असामाजिक तत्वों का शिविर में प्रवेश रोकने के लिए परिचय पत्र रखना अनिवार्य किया गया है। अखाड़े के मुख्य द्वार पर उसे देखने के बाद सबको शिविर के अंदर प्रवेश दिया जाएगा।