: तपस्वी छावनी महंती विवाद: मंदिर में बाहरी लोगों का प्रवेश से रोकने की मांग
Thu, Sep 8, 2022
योगी सरकार में हिंदू राष्ट्र की अलख जगाने वाले संत परमहंस दास को परेशान कर रहे भूमाफिया: महंत जगदीश दास
डीएम और डीआईजी से मिले परमहंस आचार्य के समर्थक संत महंत
अयोध्या। आचार्य पीठ तपस्वी छावनी के महंती को लेकर चल रहे विवाद में गुरुवार को दूसरा पक्ष भी पुलिस और प्रशासन के पास पहुंचा। डीएम और डीआईजी से मुलाकात कर बाहरी लोगों का मंदिर में प्रवेश रोकने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के साथ महजरनामा की प्रति भी सौंपी है। बुधवार को धर्मनगरी के प्रमुख संत महंतों ने पुलिस प्रशासन से मुलाकात कर ट्रस्ट के निर्णय का अनुपालन कराने और विवाद तथा हस्तक्षेप रोकने की मांग की थी।
गौरतलब है कि कि रामघाट स्थित तपस्वी छावनी के महंत सर्वेश्वर दास की 30 अगस्त को मौत हो गई थी, इसको लेकर 12 सितंबर को मंदिर परिसर में भंडारा और नए महंत की ताजपोशी के लिए कंठी चादर का कार्यक्रम होना है। भंडारा के पहले ही मंदिर की महंती को लेकर गोलबंदी शुरू हो गई है। वर्ष 2019 में महंत सर्वेश्वर दास की ओर से पीठ के संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन किया गया था।उनके निधन के बाद ट्रस्ट की ओर से 2 सितंबर को बैठक कर सर्वसम्मति से जगन्नाथ मंदिर अहमदाबाद के दिलीप दास को अध्यक्ष और पदेन महंत चुना गया है। वर्ही परमहंस आचार्य खुद को मंदिर का महंत बता रहे हैं। विवाद को लेकर धर्म नगरी के साधु-संत गोल बंद है। बुधवार को पचासों की तादात में प्रमुख संत-महंतों ने डीआईजी और एडीएम सिटी व एसपी सिटी से मुलाकात की थी।
गुरुवार को सौकड़ों साधु-संतों के साथ परमहंस आचार्य ने जिलाधिकारी नीतीश कुमार और डीआईजी एपी सिंह से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों को प्रार्थना पत्र के साथ महजरनामा की प्रति सौंपी। दावा किया कि 18 जुलाई 2017 को महंत सर्वेश्वर दास ने राम नगरी के साधु-संतों की मौजूदगी में उनको सरवराहकार व महंत घोषित किया था। तभी से तपस्वी पीठ के संचालन और देखरेख का सर्वाधिकार उनके पास है। 2019 में सर्वेश्वर दास की ओर से ट्रस्ट का गठन किया गया, जबकि उनको इसका अधिकार ही नहीं था। इसी ट्रस्ट के बहाने कुछ लोग विवाद खड़ा करना चाहते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से हनुमान बाग के महंत जगदीश दास, महंत माधव दास,हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास, करपात्रीजी, महंत नंदराम दास जी, महंत राम चरण दास, महंत बलराम दास, महंत इंद्रदेव दास, महंत सत्यदेव दास, पहलवान राजेश दास, पार्षद पुजारी रमेश दास, पुजारी हेमन्त दास, महंत दिनेश दास, महंत अजीत दास, महंत राम करन दास, महंत राम नारायण दास, महंत रमेश दास, महंत विजय दास, महंत सुरेंद्र दास, महंत राम केवल दास, देवेशाचार्य, अभिषेक दास, जटा शंकर दास, परमानंद दास, रतन दास, आनंद दास, विराट दास सहित बड़ी संख्या में नागा साधु संत मौजूद रहे।
: महंत मैथिलीरमण शरण को संतो की किया नमन
Thu, Sep 8, 2022
अयाेध्या। जानकीघाट बड़ास्थान के साकेतवासी महंत मैथिलीरमण शरण महाराज काे पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया गया। साेमवार काे संताें ने महंत के चित्रपट पर पुष्पांजलि कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण महाराज ने कहा कि पूर्वाचार्य महंत की भगवान सीताराम जी के प्रति अनन्य भक्ति रही है। उन्हाेंने जीवन पर्यन्त रसिक परम्परा का निर्वहन किया। वह किशाेरी जी के अनन्य उपासक थे। मंदिर के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उन्हाेंने गाै, संत, विद्यार्थी सेवा पर विशेष ध्यान दिया। जाे आश्रम में सुचारू रूप से चल रही है। अंत महंत जन्मेजय शरण ने आए हुए संताें का स्वागत-सत्कार किया।पुण्यतिथि पर मुख्य रूप पूर्व सांसद निर्मल खत्री, लक्ष्मणकिला धीश महंत मैथिलीरमण शरण, जगतगुरू स्वामी रामदिनेशाचार्य, श्री राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास, बड़ाभक्तमाल महंत अवधेश कुमार दास, मंगल पीठाधीश्वर कृपालु रामभूषण दास, जगन्नाथ मंदिर महंत राघव दास, संकटमोचन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास, हरिद्वारी पट्टी महंत मुरली दास, महंत अर्जुन दास, महंत मनीष दास, महंत शशिकांत दास, महंत गिरीश दास, महंत सीताराम दास त्यागी, महंत राजूदास हनुमानगढ़ी, हेमंत दास, श्यामासदन पीठाधीश्वर महंत श्रीधर दास, महंत विवेक आचारी, महंत अवधकिशाेर शरण, महंत रामलाेचन शरण, महंत भूषण दास, स्वामी छविराम दास, महंत जनार्दन दास, महंत रामदास करतलिया, महंत बलराम दास, महंत सत्येंद्र दास वेदांती, महंत उत्तम दास, नागा नंदराम दास, नागा रामलखन दास, महंत उद्धव शरण आदि उपस्थित रहे।
: राम की पैड़ी के सभी घाटों का दीपोत्सव नोडल अधिकारी ने किया निरीक्षण
Wed, Sep 7, 2022
नोडल अधिकारी ने दीपोत्सव पदाधिकारियों से दीए बिछाने की योजना पर की चर्चा
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह के निर्देश क्रम में दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. अजय प्रताप सिंह ने मंगलवार को सायं राम की पैड़ी के सभी घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के वक्त प्रो. सिंह ने हर घाटों की लम्बाई व चौडाई को देखते हुए पदाधिकारियों के साथ दीए बिछाने की योजना पर चर्चा की। प्रो. सिंह ने निरीक्षण के दौरान राम की पैड़ी पंप हाउस से लक्ष्मण किला आगे सद्गुरू सदन तक घाटों का बारीकी से जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने वालंटियर्स के दीए बिछाने व जलाने की पूरी प्रक्रिया से अवगत होते हुए पदाधिकारियों से तेजी के साथ क्रियान्वयन करने का निर्देश प्रदान किया। इसके अतिरिक्त प्रो. अजय प्रताप ने दीए की संख्या में इजाफा से बढ़े घाटों का भी जायजा लिया। मौके पर दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि दीपोत्सव को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के दिए गए निर्देशक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तैयारियां की जा रही है। इस बार के दीपोत्सव में प्रदेश शासन द्वारा 14 लाख 50 हजार का लक्ष्य दिया गया है। विश्वविद्यालय के 18 हजार से अधिक वालंटियर्स सभी घाटों पर 16 लाख से अधिक दीए बिछायेंगे व जलायेंगे। पूरे दीपोत्सव को भव्यता देने के लिए कमेटियां बना दी गई है। सभी अपने-अपने कार्यों का निष्पादन तेजी के साथ कर रहे है। नोडल अधिकारी ने बताया कि पौराणिक नगरी अयोध्या प्रभु श्रीराम के नाम से जानी जाती है। यहां का दीपोत्सव की पूरे विश्व में चर्चा है। इस बार का छठवां दीपोत्सव एतिहासिक होगा। विश्वविद्यालय के वालंटियर्स पूरी मुस्तैदी के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। पुनः पांचवी बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करायेंगे। निरीक्षण के दौरान उप-नोडल अधिकारी डॉ0 संग्राम सिंह, प्रो0 रमापति मिश्र, इंजीनियर अनुराग सिंह, इजीनियर पियूष राय, मंगलम सिंह सहित दीपोत्सव के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।